डॉ भावना शुक्ल

(डॉ भावना शुक्ल जी  (सह संपादक ‘प्राची‘) को जो कुछ साहित्यिक विरासत में मिला है उसे उन्होने मात्र सँजोया ही नहीं अपितु , उस विरासत को गति प्रदान  किया है। हम ईश्वर से  प्रार्थना करते हैं कि माँ सरस्वती का वरद हस्त उन पर ऐसा ही बना रहे। आज प्रस्तुत हैं – भावना के दोहे – श्रीराम )

☆ साप्ताहिक स्तम्भ  # ३१५ – साहित्य निकुंज ☆

☆ भावना के दोहे – श्रीराम  ☆ डॉ भावना शुक्ल ☆

जनम लिया है अवध में, रूप सलोने राम।

आनंदित होते सभी, सरस अयोध्या धाम।।

 *

हम तो करते आपको, शत – शत करें प्रणाम।

आए हो इस धरा पर, सबके प्रभु श्री राम।।

 *

 नहीं जाति का भेद है, खाए  शबरी बेर।

राह राम की देखती, हुई नहीं है देर।।

 *

चैत्र मास नवमी हुई, महिमा प्रभु का नाम।।

हृदय सभी के बस रहे, सीता के प्रभु राम।

© डॉ भावना शुक्ल

सहसंपादक… प्राची

प्रतीक लॉरेल, J-1504, नोएडा सेक्टर – 120,  नोएडा (यू.पी )- 201307

मोब. 9278720311 ईमेल : bhavanasharma30@gmail.com

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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