स्व प्रो चित्र भूषण श्रीवास्तव ‘विदग्ध’
(आज प्रस्तुत है गुरुवर स्व प्रोफ. श्री चित्र भूषण श्रीवास्तव जी द्वारा रचित – “कविता – आजाद देश की पहचान…” । हमारे प्रबुद्ध पाठकगण स्व प्रो चित्र भूषण श्रीवास्तव ‘विदग्ध’ जी काव्य रचनाओं को प्रत्येक शनिवार आत्मसात कर सकेंगे.।)
☆ काव्य धारा # २६५ ☆
☆ आजाद देश की पहचान… ☆ स्व प्रो चित्र भूषण श्रीवास्तव ‘विदग्ध’ ☆
☆
आजाद देश की कई होती अलग पहचान
जैसे कि राष्ट्र चिह्न राष्ट्र ध्वज व राष्ट्रगान ॥
*
हर एक को हो इनका ज्ञान और सदा ध्यान
हर नागरिक को चाहिये दे इनको वे सन्मान ॥
*
इनका स्वरूप कैसे बना, क्या है इनका अर्थ
यह समझना जरूरी है जिससे न हो अनर्थ ॥
*
भारत के ये प्रतीक क्या हैं इनको जानिये
तीनों का अर्थ समझिये मन से ये मानिये ॥
*
सम्पन्नता, बलिदान, त्याग, गति, विकास की ।
देती है इनसे निकलती किरणें प्रकाश की ॥
☆
© प्रो चित्र भूषण श्रीवास्तव ‘विदग्ध’
साभार – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’
ए २३३ , ओल्ड मीनाल रेजीडेंसी भोपाल ४६२०२३
मो. 9425484452
≈ संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈






