श्रीमती शशि सराफ
(श्रीमती शशि सुरेश सराफ जी सागर विश्वविद्यालय से हिंदी एवं दर्शन शास्त्र से स्नातक हैं. आपने लायंस क्लब और स्वर्णकार समाज की अध्यक्षा पद का भी निर्वहन किया. आपका “लेबल शशि” नाम से बुटीक है और कई फैशन शोज में पुरस्कार प्राप्त किये हैं. आपका साहित्य और दर्शन से अत्यधिक लगाव है. आप प्रत्येक शुक्रवार श्रीमती शशि सराफ जी की रचनाएँ आत्मसात कर सेंगे. आज प्रस्तुत है आपकी एक भावप्रवण कविता ‘स्वागतम्… नई पीढ़ी का…‘।)
☆ शशि साहित्य # १३ ☆
कविता – स्वागतम्… नई पीढ़ी का… ☆ श्रीमती शशि सुरेश सराफ
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हर नजर ठहर रही तुम्हारी तरफ..
हर सपना अब साकार हो जाएगा..
विश्वास आर्यावर्त के संस्कारों पर,
यह व्यर्थ जाया नहीं हो पाएगा..
धरोहर हो, विलक्षण संस्कृति की,
तो हर दिन सुनहरा हो जाएगा..
जब अंधेरा अवरोध पैदा करे,
सूरज को, साथ लेकर चला जाएगा..
स्वर्ण रश्मियां बिखरेगी राह में,
रास्ता और भी आसान हो जाएगा..
सब की दुआ और हिम्मत तुम्हारी मिले..
दुनिया के हर दिल पर राज हो जाएगा..
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© श्रीमती शशि सराफ
जबलपुर, मध्यप्रदेश
≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈



