श्री राजेश कुमार सिंह ‘श्रेयस’
☆ साप्ताहिक स्तम्भ – श्रेयस साहित्य # ५० ☆
☆ कविता ☆ ~ हे राजाराम मै ओरछा में आ गया ~ ☆ श्री राजेश कुमार सिंह ‘श्रेयस’ ☆
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हे राजाराम मै ओरछा मै आ गया ।
तेरे रंग में रंगा, और तुझमे समा गया ।।
अवध जन्मभूमि , छवि ओरछा में।
दुःख वन में सहे, सुख मिला ओरछा में।।
रानी कुंवरी की भक्ति पर लुभा गया।
हे राजाराम मै ओरछा में आ गया।।
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तुम सरकार सबके, यहां सरकार तेरी।
बुंदेलो की धरती पर जयकार तेरी।।
राजा बुन्देला बुलाये और मै आ गया।
हे राजाराम मै ओरछा में आ गया।।
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राजेश राम रसिया – मिलेंगे, यहां पर।
महेंद्र भीष्म जी हैं पहुंचे है जहाँ पर।।
सभी से मिलने मै ओरछा आ गया।
हे राजाराम मै ओरछा में आ गया।।
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रामरस वाला अमृत यहाँ पर ।
भक्तों का रेला जुटा है यहाँ पर।।
चाहा था वह सब कुछ पा गया।
हे राजाराम मै ओरछा में आ गया।।
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© श्री राजेश कुमार सिंह “श्रेयस”
लखनऊ, उप्र, (भारत )
दिनांक 22-02-2025
≈ संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈




