प्रो. (डॉ.) शरद नारायण खरे

☆ गुरुवर का शुक्रिया ☆ प्रो. (डॉ.) शरद नारायण खरे

तुमने दिया विवेक तो, हुआ सत्य  का भान।

करूँ शुक्रिया आपका, गुरुवर ऐ भगवान।।

खिलता है जीवन तभी, जब गुरुवर हैं संग। 

करूँ शुक्रिया ज़िन्दगी, गुरु से जो नवरंग।।

 *

 यदि गुरुवर हैं संग तो, मैं नित ही बलवान।

करूँ शुक्रिया तात हे!, है जीना आसान।।

 *

नहीं ज्ञान बिन चेतना, जीवन जाता हार।

प्रभुवर करता शुक्रिया, पाया मैं उजियार।।

 *

गुरु देते संस्कार नित, कर देते निर्माण।

सदा शुक्रिया ज्ञान का, जिससे रक्षित प्राण।।

 *

हर दुर्गुण को दूर कर, गुरुवर लाते शान।

करूँ शुक्रिया सूर्य का, मिलती जिससे आन।।

 *

गुरुवर का नित शुक्रिया, जिनका पावन काम।

जिनको समझो शिष्य तुम, पूरे चारों धाम।।

 *

गुरुजी की महिमा बहुत, करो शुक्रिया खूब।

जो देते हैं ज्ञान को, गहराई में डूब।।

 

© प्रो. (डॉ.) शरद नारायण खरे

प्राचार्य, शासकीय महिला स्नातक महाविद्यालय, मंडला, मप्र -481661

(मो.9425484382)

ईमेल – khare.sharadnarayan@gmail.com

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

Please share your Post !

Shares
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest

0 Comments
Oldest
Newest Most Voted