कविराज विजय यशवंत सातपुते

☆ साप्ताहिक स्तम्भ # 78 – विजय साहित्य – भगवान शंकर ☆ कविराज विजय यशवंत सातपुते ☆

भस्म विलेपित

देव महादेव शिव

रौद्ररूपी निव

अंगीकार ….!

 

शिवलिंग रूप

दुध, जल, अभिषेक

भक्तीभाव  नेक

पुजनात….!

 

उमा महेश्वर

त्याचा त्रिलोकी स्विकार

स्मशान संचार

उद्धारक….!

 

शिव लिलामृत

करा श्रवण पठण

शिवाचे मनन

लवलाही …..!

 

गणेशाचे पिता

निलकंठ शोभे नाम

कैलासाचे धाम

शिवलोक……!

 

त्रिशूल डमरू

सवे नंदी शिवगण

त्रिनेत्री सुमन

शंकरासी ….!

 

मार्त॔ड भैरव

अवतारी शिवाचेच रूप

सृजन स्वरूप

ओंकारात…..!

 

© विजय यशवंत सातपुते

यशश्री, 100 ब दीपलक्ष्मी सोसायटी,  सहकार नगर नंबर दोन, पुणे 411 009.

मोबाईल  9371319798

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – श्रीमती उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित  ≈

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