आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’

(आज होली के पर्व पर प्रस्तुत है आचार्य संजीव वर्मा ‘ सलिल ‘ जी की विशेष रचना  ‘ होली के रंग छंदों के संग ‘।)

☆ होली पर्व विशेष – होली के रंग छंदों के संग ☆

 

हुरियारों पे शारद मात सदय हों, जाग्रत सदा विवेक रहे

हैं चित्र जो गुप्त रहे मन में, साकार हों कवि की टेक रहे

हर भाल पे, गाल पे लाल गुलाल हो शोभित अंग अनंग बसे

मुॅंह काला हो नापाकों का, जो राहें खुशी की छेंक रहे

≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡

चले आओ गले मिल लो, पुलक इस साल होली में

भुला शिकवे-शिकायत, लाल कर दें गाल होली में

बहाकर छंद की सलिला, भिगा दें स्नेह से तुमको

खिला लें मन कमल अपने, हुलस इस साल होली में

≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡

करो जब कल्पना कवि जी रॅंगीली ध्यान यह रखना

पियो ठंडाई, खा गुझिया नशीली होश मत तजना

सखी, साली, सहेली या कि कवयित्री सुना कविता

बुलाती लाख हो, सॅंग सजनि के साजन सदा सजना

≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡

नहीं माया की गल पाई है अबकी दाल होली में

नहीं अखिलेश-राहुल का सजा है भाल होली में

अमित पा जन-समर्थन, ले कमल खिल रहे हैं मोदी

लिखो कविता बने जो प्रेम की टकसाल होली में

≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡

ईंट पर ईंट हो सहयोग की इस बार होली में

लगा सरिए सुदृढ़ कुछ स्नेह के मिल यार होली में

मिला सीमेंट सद्भावों की, बिजली प्रीत की देना

रचे निर्माण हर, सुख का नया संसार होली में

≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡

न छीनो चैन मन का ऐ मेरी सरकार होली में

न रूठो यार! लगने दो कवित-दरबार होली में

मिलाकर नैन सारी रैन मन बेचैन फागुन में

गले मिल, बाॅंह में भरकर करो सत्कार होली में

≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡

नैन पिचकारी तान-तान बान मार रही, देख पिचकारी मोहे बरजो न राधिका

आस-प्यास रास की न फागुन में पूरी हो तो मुॅंह ही न फेर ले साॅंसों की साधिका

गोरी-गोरी देह लाल-लाल हो गुलाल सी, बाॅंवरे से साॅंवरे की कामना भी बाॅंवरी

बैन से मना करे, सैन से न ना कहे, नायक के आस-पास घूम-घूम नायिका

≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡  ≡

©  आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’

संपर्क: विश्ववाणी हिंदी संस्थान, ४०१ विजय अपार्टमेंट, नेपियर टाउन, जबलपुर ४८२००१,

चलभाष: ०७६९९९५५९६१८ ईमेल: salil.sanjiv@gmail.com

Please share your Post !

Shares
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest

1 Comment
Oldest
Newest Most Voted
डॉ भावना शुक्ल
0

वाह बहुत सुंदर