श्री अरुण कुमार दुबे
(वरिष्ठ साहित्यकार श्री अरुण कुमार दुबे जी, उप पुलिस अधीक्षक पद से मध्य प्रदेश पुलिस विभाग से सेवा निवृत्त हुए हैं । संक्षिप्त परिचय ->> शिक्षा – एम. एस .सी. प्राणी शास्त्र। साहित्य – काव्य विधा गीत, ग़ज़ल, छंद लेखन में विशेष अभिरुचि। आज प्रस्तुत है, आपकी एक भाव प्रवण रचना “दुनिया सँवारने की शिकायत नहीं मुझे…“)
☆ साहित्यिक स्तम्भ ☆ कविता # १४६ ☆
दुनिया सँवारने की शिकायत नहीं मुझे… ☆ श्री अरुण कुमार दुबे ☆
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क़द से किसी की आप न औकात देखिए
तहजीब उसकी देखिए जज़्बात देखिए
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दुनिया सँवारने की शिकायत नहीं मुझे
अय दोस्त पहले घर के तो हालात देखिए
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मतलब से रोज़ लड़ते हैं संसद में बेसबब
इन ख़ादिमों की आप भी ख़िदमात देखिए
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तस्कीन दूर क़ुर्ब में घुटती है साँस-साँस
अपनों की दिल के हाथ में सौग़ात देखिए
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इक सम्त रहनुमा है तो इक सम्त है अवाम
शतरंज की विसात पै शह मात देखिए
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अय शाहे वक़्त!वक़्त जरा सा निकाल कर
मज़दूर के ग़रीब के सदमात देखिये
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जब से अरुण हुई है इनायत हुज़ूर की
थमती नहीं है ख़ुशियों की बरसात देखिये
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© श्री अरुण कुमार दुबे
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