डॉ भावना शुक्ल
(डॉ भावना शुक्ल जी (सह संपादक ‘प्राची‘) को जो कुछ साहित्यिक विरासत में मिला है उसे उन्होने मात्र सँजोया ही नहीं अपितु , उस विरासत को गति प्रदान किया है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि माँ सरस्वती का वरद हस्त उन पर ऐसा ही बना रहे। आज प्रस्तुत हैं आपके द्वारा रचित – सरस्वती वंदना ।)
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माँ शारदे तुम्हें आना होगा।
ज्ञान सुधा बरसाना होगा।
तेरे चरणों में मैया मेरा माथा होगा।
ज्ञान सुधा बरसाना होगा।
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श्वेत कमल पर तू राजे
कर में वीणा धार।
मधुर-मधुर स्वर निकले
प्यारी – सी झंकार।
मन मंदिर में आना होगा।
माँ सरस्वती तुम्हें आना होगा।
ज्ञान सुधा बरसाना होगा।
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नाद से तेरे गूंजे जग सारा
चारों दिशी फैले उजियारा।
ज्ञान सुधा का अमृत बरसता
जीवन रस बरसाना होगा।
माँ शारदे तुम्हें आना होगा।
ज्ञान सुधा बरसाना होगा।
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तेरी कृपा से मिलता ज्ञान।
मन में सुमंगल गाते गान।
चरणों में तेरे शीश झुकाता।
भक्ति भाव का पुष्प चढ़ाता ।
हर हृदय में प्रकाश फैलाना होगा।
माँ शारदे तुम्हें आना होगा।
ज्ञान सुधा बरसाना होगा।
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© डॉ भावना शुक्ल
सहसंपादक… प्राची
प्रतीक लॉरेल, J-1504, नोएडा सेक्टर – 120, नोएडा (यू.पी )- 201307
मोब. 9278720311 ईमेल : bhavanasharma30@gmail.com
≈ संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈





