डॉ भावना शुक्ल

(डॉ भावना शुक्ल जी  (सह संपादक ‘प्राची‘) को जो कुछ साहित्यिक विरासत में मिला है उसे उन्होने मात्र सँजोया ही नहीं अपितु , उस विरासत को गति प्रदान  किया है। हम ईश्वर से  प्रार्थना करते हैं कि माँ सरस्वती का वरद हस्त उन पर ऐसा ही बना रहे। आज प्रस्तुत हैं आपके द्वारा रचित – सरस्वती वंदना )

☆ साप्ताहिक स्तम्भ  # ३१८ – साहित्य निकुंज ☆

🙏 सरस्वती वंदना 🙏 डॉ भावना शुक्ल ☆

माँ शारदे तुम्हें आना होगा।

ज्ञान सुधा बरसाना होगा।

तेरे चरणों में मैया मेरा माथा होगा।

ज्ञान सुधा बरसाना होगा।

श्वेत कमल पर तू राजे

कर में वीणा धार।

मधुर-मधुर स्वर निकले

प्यारी – सी झंकार।

मन मंदिर में आना होगा।

माँ सरस्वती तुम्हें आना होगा।

ज्ञान सुधा बरसाना होगा।

 *

नाद से तेरे गूंजे जग सारा

चारों दिशी  फैले उजियारा।

ज्ञान सुधा का अमृत बरसता

जीवन रस  बरसाना होगा।

माँ शारदे तुम्हें आना होगा।

ज्ञान सुधा बरसाना होगा।

 *

 तेरी कृपा से मिलता  ज्ञान।

मन में सुमंगल गाते गान।

चरणों में तेरे शीश झुकाता।

भक्ति भाव का पुष्प चढ़ाता  ।

हर हृदय में प्रकाश फैलाना होगा।

माँ शारदे तुम्हें आना होगा।

ज्ञान सुधा बरसाना होगा।

© डॉ भावना शुक्ल

सहसंपादक… प्राची

प्रतीक लॉरेल, J-1504, नोएडा सेक्टर – 120,  नोएडा (यू.पी )- 201307

मोब. 9278720311 ईमेल : bhavanasharma30@gmail.com

संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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