श्री राजेन्द्र तिवारी
(ई-अभिव्यक्ति में संस्कारधानी जबलपुर से श्री राजेंद्र तिवारी जी का स्वागत। इंडियन एयरफोर्स में अपनी सेवाएं देने के पश्चात मध्य प्रदेश पुलिस में विभिन्न स्थानों पर थाना प्रभारी के पद पर रहते हुए समाज कल्याण तथा देशभक्ति जनसेवा के कार्य को चरितार्थ किया। कादम्बरी साहित्य सम्मान सहित कई विशेष सम्मान एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित, आकाशवाणी और दूरदर्शन द्वारा वार्ताएं प्रसारित। हॉकी में स्पेन के विरुद्ध भारत का प्रतिनिधित्व तथा कई सम्मानित टूर्नामेंट में भाग लिया। सांस्कृतिक और साहित्यिक क्षेत्र में भी लगातार सक्रिय रहा। हम आपकी रचनाएँ समय समय पर अपने पाठकों के साथ साझा करते रहेंगे। आज प्रस्तुत है आपका एक भावप्रवण कविता ‘कान्हा तेरी बंशी…‘।)
☆ अभिव्यक्ति # ९७ ☆ कान्हा तेरी बंशी… ☆ श्री राजेन्द्र तिवारी ☆
कान्हा तेरी बंशी मन बिसराए,
सारे जगत में सबको भाए,
कान्हा तेरी बंशी…
जब जब राधा तान सुने ये,
दौड़ के जमना तट को आए,
कान्हा तेरी बंशी…
जमना जल भी रुक रुक जाए,
बंशी बजाके रास रचाए,
कान्हा तेरी बंशी…
पशु पक्षी भी राह तकत हैं,
कब तू अपनी बंशी बजाए,
कान्हा तेरी बंशी…
बंशी तेरी,पर तू सबका,
सबका मन हर्षाए,
कान्हा तेरी बंशी..
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© श्री राजेन्द्र तिवारी
संपर्क – 70, रामेश्वरम कॉलोनी, विजय नगर, जबलपुर
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