श्री आर के रस्तोगी
☆ विश्व हिन्दी दिवस ☆ श्री आर के रस्तोगी☆
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भारत की पहचान है हिन्दी,
विश्व पटल की जान है हिन्दी।
कोई देश ऐसा नही इस जग मे,
जहाँ बोली नही जाती ये हिन्दी।।
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हिंदुस्तान की मातृ भाषा है हिन्दी,
सबसे प्यारी भाषा है हमारी हिन्दी।
इसे जरा तुम बोलकर कभी देखो,
जैसे बोलो वैसे लिखी जाती हिन्दी।।
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भारत माँ का श्रंगार है हिन्दी,
बिन्दी के रूप मे सजी है हिन्दी।
कोई क्षेत्र नहीं ऐसा भारत मे,
जहाँ बोली नही जाती है हिन्दी।।
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आओ इसका हम सब मान बढ़ाये,
इसको सब भाषाओ के ऊपर लाये।
करे इसका विश्व दिवस पर स्वागत
और सब भाषाओ का हार पहनाये।।
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© श्री आर के रस्तोगी
गुरुग्राम
≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈





