श्री आशिष  बिवलकर

?️?  चित्रकाव्य  ?️?

? कृपासिंधू… ? श्री आशिष  बिवलकर ☆

स्वामी तुम्ही थोर | दावी ऐसी दया |

उद्धरती काया | नश्वरांची ||१||

*

भिऊ नकोस तू | मी आहे पाठीशी |

आशिष गाठीशी | कृपासिंधू ||२||

*

प्रसन्न चित्ताने | करावे स्मरण |

वंदावे चरणं | स्वामीकृपा ||३||

*

चराचरात या | जाणवे अस्तित्व |

हृदयी स्वामीत्व | विराजते ||४||

*

अध्यात्माची गोडी | दावी ऐसी दृष्टी |

सुखमय सृष्टी | चिंतनाने ||५||

*

संकटात तुम्ही | मार्ग दाखविता |

दाह शमविता | वेदनांचा ||६||

*

तिन्ही सांजवेळी | रचना स्फुरली |

तुम्हांस अर्पिली | भक्ती भावे ||७||

©️ वास्तवरंग

(चित्र सौजन्य – श्री आशिष बिवलकर) 

© श्री आशिष  बिवलकर

बदलापूर

मो 9518942105

≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – सौ. उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈

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