श्री मनोज कुमार शुक्ल “मनोज”
संस्कारधानी के सुप्रसिद्ध एवं सजग अग्रज साहित्यकार श्री मनोज कुमार शुक्ल “मनोज” जी के साप्ताहिक स्तम्भ “मनोज साहित्य ” में आज प्रस्तुत है आपकी भावप्रवण कविता “कर्तव्य भाव का बोध”। आप प्रत्येक मंगलवार को आपकी भावप्रवण रचनाएँ आत्मसात कर सकेंगे।
मनोज साहित्य # २२० ☆
☆ कर्तव्य भाव का बोध ☆ श्री मनोज कुमार शुक्ल “मनोज” ☆
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सेना करे कमाल देखिए।
दुश्मन की हर चाल देखिए।।
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सीमा पर चौकस रहते हैं।
राष्ट्र भक्ति की ढाल देखिए।।
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जो भी कदम मिला कर बढ़ते।
उनका ऊँचा भाल देखिए।।
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अनुशासन में पगे हुए सब।
दुश्मन है बेहाल देखिए।।
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करें सुरक्षा हम सबकी वे।
रखें हमारा ख्याल देखिए।।
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कर्तव्य भाव का बोध सदा।
इस पर नहीं सवाल देखिए।।
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© मनोज कुमार शुक्ल “मनोज”
7/2/26
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