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सूचना – वर्जिन साहित्यपीठ: लघुकथा मंजूषा – 4 हेतु लघुकथाएं आमंत्रित

वर्जिन साहित्यपीठ: लघुकथा मंजूषा - 4 हेतु लघुकथाएं आमंत्रित   (पुस्तक पेपरबैक और ईबुक, दोनों रूपों में प्रकाशित की जाएगी।) रॉयल्टी: 50% लेखकगण + 30% संपादन मंडल + 20% साहित्यपीठ (पहली 10 प्रति की बिक्री साहित्यपीठ के पास रहेगी)। रॉयल्टी 11वीं प्रति की बिक्री से प्रारंभ होगी। पारदर्शिता हेतु गूगल, पोथी और अमेज़न की सेल रिपोर्ट यहीं प्रति माह के प्रथम सप्ताह में शेयर की जाएगी। नमस्कार मित्रों। सार्थक लेखन हेतु सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। लघुकथा मंजूषा  - 1, 2 एवं 3 की सफलता के पश्चात वर्जिन साहित्यपीठ लघुकथाकारों  से लघुकथा मंजूषा - 4 हेतु लघुकथाएं आमंत्रित करता है। आप अपनी प्रकाशित/अप्रकाशित 2 बेहतरीन लघुकथाएं virginsahityapeeth@gmail.com पर भेज दें।  सब्जेक्ट में "लघुकथा मंजूषा - 4, 2019 हेतु" अवश्य लिखें। प्लेटफॉर्म: ईबुक अमेज़न, गूगल प्ले स्टोर, और गूगल बुक्स के साथ सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय डिजिटल लाइब्रेरी में उपलब्ध होगी जबकि पेपरबैक पोथी की वेबसाइट से अथवा हमसे मँगवा सकेंगे। समय सीमा: लघुकथाएं भेजने की अंतिम तिथि है - 15 अगस्त, 2019।  31 अगस्त, 2019 तक संकलन प्रकाशित कर...
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सूचनाएँ/Information – डायनामिक संवाद टी वी यूट्यूब चैनल) के लोगो  की लांचिंग

☆ सूचना ☆     ☆  डायनामिक संवाद टी वी(यूट्यूब चैनल) के लोगो  की लांचिंग  ☆   आज  दिनांक 7 जुलाई 2019 को जबलपुर शहर की साहित्यिक ,सामाजिक चेतना का  सूत्रपात  करने डायनामिक संवाद टी वी के लोगो की  लांचिग सुप्रसिद्ध साहित्य शिरोमणी  डॉ राजकुमार तिवारी  सुमित्र, जी के द्वारा  शरद चन्द्र  उपाध्याय , पंकज स्वामी,डॉ अरुण  दवे ,डॉ ललित पाण्डेय    वरिष्ठ पत्रकार राकेश मिश्र ,डॉ प्रवीण मिश्र ,राकेश श्रीवास,,राजेन्द्र तिवारी , आराध्या तिवारी प्रियम, मेहेर  प्रकाश उपाध्याय,व् अन्य गणमान्य अतिथियों की  उपस्थिति में आज सुपर मार्किट कॉफ़ी हाउस,जबलपुर  में  सम्पन्न हुई। संस्काधानी नाम से  सुशोभित गोंड राजाओं की सशक्त कर्मभूमि के साहित्य,संगीत, संस्कृति  के क्षेत्र में  विश्वपटल पर अपने हस्ताक्षर से शहर जबलपुर की कीर्ति गाथा लिखने वाले  उदीयमान साधकों व् साहित्य शिल्पियों की  महिमा को सुनहरे चित्रपट पर उकेरने के उद्देश्य से एवम् विभिन्न समस्याओं को उनके  समाधान तक पहुचाने हेतु   इस  यूट्यूब चैनल को प्रस्तुत किया   जा रहा है। इस अवसर पर चैनल डायरेक्टर डॉ हर्ष तिवारी जी द्वारा चैनल के  मालिक सुमित्र जी...
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सूचना / INFORMATION (मराठी) ✒ ☆ मराठबोली पुणे,आणि अनुरव साहित्य कला क्रीडा अकादमी,पुणे आयोजित राज्यस्तरीय निबंध स्पर्धा ☆

☆ सूचना ☆   ☆ ✒मराठबोली पुणे,आणि अनुरव साहित्य कला क्रीडा अकादमी,पुणे आयोजित राज्यस्तरीय निबंध स्पर्धा ✒ ☆   *विषय* १) वाढणारी जनसंख्या अन घटणारी माणुसकी:एक चिंतन २) धर्माचे राजकारण की राजकारणाचा धर्म ३) मोबाईल :मनोरंजन की व्यसन ४) वृद्धाश्रम: गरज की अपरिहार्यता   *नियम* ? वरील पैकी कोणत्याही एका विषयावर लिहिणे ? एक स्पर्धक एकाच विषयावर लिहू शकतो ? शब्दमर्यादा *700* शब्द ? अंतिम मुदत *20 जुलै, २०१९* ? परीक्षकांचा निर्णय अंतिम राहील ?  *प्रथम, द्वितीय, तृतीय व तीन उत्तेजनार्थ विजेते काढण्यात येतील.* ?  *निकाल २७जुलै, 2019* च्या होणाऱ्या कार्यक्रमात जाहीर करून विजेत्यांना मान्यवरांच्या हस्ते *सन्मानचिन्ह, सन्मानपत्र,व उपयुक्त भेटवस्तू दिली जाईल* ?  *सहभागी स्पर्धकांना प्रमाणपत्र देण्यात येईल* ? आपला निबंध खालील पत्यावर 20 जुलै, २०१९पर्यत पोहचेल अशा बेताने पाठवावा.   *पत्ता* अनुरव बंगला, वर्षानंद सोसायटी, प्लॉट नं३९, संतोष हॉल लेन, आनंदनगर, पुणे ५१   ?अधिक माहितीसाठी संपर्क 9284817132, 9325509450, 9225794658...
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सूचना / Information – ☆ सुश्री मालती मिश्रा ‘मयन्ती’ जी को पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी, शिलांग द्वारा ‘डॉ. महाराज कृष्ण जैन स्मृति सम्मान’ ☆

प्रख्यात साहित्यकार सुश्री मालती मिश्रा 'मयन्ती' जी को पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी, शिलांग द्वारा 'डॉ. महाराज कृष्ण जैन स्मृति सम्मान' (यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि e-abhivyakti  से सम्बद्ध प्रख्यात साहित्यकार सुश्री मालती मिश्रा 'मयन्ती' जी को पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी शिलांग द्वारा 'डॉ. महाराज कृष्ण जैन स्मृति सम्मान' से सम्मानित किया गया। हमारे विशेष अनुरोध पर 23वें त्रिदिवसीय राष्ट्रीय हिन्दी विकास सम्मेलन' के अविस्मरणीय क्षणों को हमारे पाठकों से साझा करने हेतु उनकी रिपोर्ट।) ☆ पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी शिलांग द्वारा  23वें त्रिदिवसीय 'राष्ट्रीय हिन्दी विकास सम्मेलन' (24-26 मई 2019) ☆ विगत 24-26 मई 2019 को 'पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी शिलांग' द्वारा आयोजित साहित्यिक सम्मेलन में हिस्सा लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। दिल्ली से लगभग 2224 किलोमीटर दूर शिलांग जाकर इस सम्मेलन में हिस्सा लेना मेरे लिए बेहद रोचक, ज्ञानवर्धक व यादगार रहा। इस भव्य समारोह में  'डॉ० महाराज कृष्ण जैन स्मृति सम्मान' से सम्मानित होना मेरे जीवन का एक अविस्मरणीय क्षण था। हिन्दी भाषा के विकास की दिशा में अग्रसर 'पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी शिलांग' द्वारा...
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सूचना / Information (मराठी) – ☆ काव्य स्पंदन!!! – काव्यस्पंदनी माझी कविता ☆

सूचना - काव्य स्पंदन!!! - काव्यस्पंदनी माझी कविता काव्यस्पंदन  राज्यस्तरीय परीवार  यांच्या वतीने राज्यव्यापी , उल्लेखनीय रचनांचा   *प्रातिनिधिक काव्य संग्रह* प्रकाशित केला जाणार आहे.  विविध वाॅटस अप समुहात दैनंदिन लेखन करणार्‍या  प्रत्येक सदस्याने अशा उपक्रमात सहभागी होऊन आपला लेखनकला व्यासंग  प्रकाशित स्वरूपात संग्रही करीत आहोत. अशा कवितांचा संग्रह लोकाभिमुख व्हावा अशा उद्देशाने या प्रातिनिधीक कविता संग्रहाची निर्मिती करीत आहोत. ज्यांना सहभागी व्हायचे आहे त्यांनी कविता संग्रह नियमानुसार  आपला सहभाग निश्चित करावा. कविता संग्रहाचे नाव  *काव्यस्पंदनी माझी कविता*  या संग्रहाचे प्रकाशन मे अखेरीस होणाऱ्या *काव्यस्पंदन एकदिवसीय साहित्य संमेलनात* करण्यात येणार आहे.  वेळ कमी असल्याने  आपला सहभाग लवकरात लवकर निश्चित करावा. नियमावली:- कविता 20 ते 30ओळीत असावी. प्रत्येक सदस्याने मराठी भाषेतील तीन कविता पाठवाव्यात. त्यातील दोन कविता या संग्रहात  प्रकाशित  करण्यात येतील. कविता ज्या काव्यप्रकारात आहे त्याचा उल्लेख करावा. कविता 30/4/2019 पर्यंत पाठवावी. संयोजकाचा निर्णय अंतिम राहील. राज्यव्यापी उपक्रमातील हा एक भाग असल्याने प्रत्येक कवी /कवयित्रीने  आपला सहभाग नोंदवावा. सहभागी कवींना पुस्तकाच्या पाच प्रती, प्रमाणपत्र व स्मृतीचिन्ह राज्यस्तरीय कविसंमेलन आयोजित करून सन्मान पूर्वक प्रदान करण्यात...
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सूचना / Information – प्रख्यात साहित्यकार सुश्री नीलम सक्सेना चंद्रा पुरस्कृत

प्रख्यात साहित्यकार सुश्री नीलम सक्सेना चंद्रा पुरस्कृत नीलम सक्सेना चन्द्र जी को 1 मार्च 2019 को महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी द्वारा सोहनलाल द्विवेदी सम्मान से नवाजा गया। यह उनकी किशोर/किशोरियों की कहानी की पुस्तक “दहलीज़” हेतु मिला। यह सम्मान माननीय विनोद तावड़े जी, केबिनेट मंत्री महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रदान किया गया। दहलीज़ जब एक बच्चा अपने बचपन को पीछे छोड़ देता है और एक किशोर जीवन की ओर प्रवेश करता है, तो वह उस दहलीज पर खड़ा होता है जहां एक ओर ऐसे सपने होते हैं जो सितारों की तरह चमकते हैं और दूसरी ओर मन में संदेह होते हैं, भविष्य अंधकारमय लगता है और रास्ते कठिन लगते हैं। ऐसे समय के दौरान  किसी को एक ऐसे मार्गदर्शक की आवश्यकता होती है जो सही दिशा-निर्देश दे सके और उचित मार्ग दिखाए जो गंतव्य की ओर जाता है। पुराने दिनों के दौरान, गाइड की भूमिका परिवार में दादा-दादी या बड़ों द्वारा पूरी की जाटी थी। आज के युग में, कहानी युवाओं को संतुष्ट...
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सूचना / Information – प्रख्यात साहित्यकार नामवर सिंह जी नहीं रहे

प्रख्यात साहित्यकार नामवर सिंह जी नहीं रहे जन्म: 28 जुलाई 1926 (बनारस के जीयनपुर गाँव में) निधन: 19 फरवरी 2019 (नई दिल्ली) हिन्दी के शीर्षस्थ शोधकार-समालोचक, निबन्धकार तथा मूर्द्धन्य सांस्कृतिक-ऐतिहासिक उपन्यास लेखक हजारी प्रसाद द्विवेदी के प्रिय शिष्य रहे।  अध्ययनशील तथा विचारक प्रकृति के नामवर सिंह हिन्दी में अपभ्रंश साहित्य से आरम्भ कर निरन्तर समसामयिक साहित्य से जुड़े हुए आधुनिक अर्थ में विशुद्ध आलोचना के प्रतिष्ठापक तथा प्रगतिशील आलोचना के प्रमुख एवं  सशक्त हस्‍ताक्षर थे। साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित आदरणीय नामवर सिंह जी ने हिन्दी साहित्य में आलोचना को एक नया आयाम दिया। प्रमुख रचनाएँ: छायावाद, इतिहास और आलोचना, कहानी नयी कहानी, कविता के नए प्रतिमान, दूसरी परम्परा की खोज, वाद विवाद संवाद आदि। सम्पादन : जनयुग और आलोचना प्रोफेसर : बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, सागर विश्वविद्यालय, जोधपुर विश्वविद्यालय  और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय अब आदरणीय स्व. नामवर सिंह जी की स्मृतियाँ शेष हैं। e-abhivyakti परिवार उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है। सादर नमन! ...
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सूचना – साहित्यिक पत्रिका सरस्वती मञ्जूषा का शुभारंभ! – वर्जिन साहित्यपीठ

साहित्यिक पत्रिका सरस्वती मञ्जूषा का शुभारंभ! (रचनाएँ आमंत्रित) सार्थक लेखन हेतु सभी लेखकगण को शुभकामनाएं! वर्जिन साहित्यपीठ इस वर्ष साहित्यिक पत्रिका सरस्वती मञ्जूषा का शुभारंभ कर रही है, जिसमें आप सभी का सहयोग अपेक्षित है। आप अपनी रचनाएँ virginsahityapeeth@gmail.com पर भेज सकते हैं। रचनाएँ कृपया मंगल/यूनिकोड फॉन्ट में ही भेजें। समय सीमा: प्रथम अंक हेतु अपनी रचनाएँ 28 फरवरी, 2019 तक भेज दीजिए। इसके बाद आप दूसरे अंक हेतु भी रचनाएँ भेज सकते हैं। प्रथम अंक का लोकार्पण अप्रैल, 2019 में किया जाएगा। यह पत्रिका प्रिंट और ईबुक दोनों रूपों में प्रकाशित होगी। यह पत्रिका अमेज़न और गूगल के अतिरिक्त विभिन्न महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय डिजिटल लाईब्रेरियों में भी उपलब्ध रहेगी। त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका सरस्वती मञ्जूषा के प्रथम अंक हेतु निम्नलिखित विधाओं में रचनाएँ आमंत्रित हैं: 1 साक्षात्कार 2 समसामयिक एवं साहित्यिक विषयों  पर आलेख 3 संस्मरण 4 पुस्तक समीक्षा 5 काव्य 6 कहानी 7 लघुकथा 8 बाल कविताएँ एवं कहानियाँ 9 अनुवादित साहित्य 10 हाशिये से (हाशिये पर खड़े मुख्यधारा के लेखक अथवा रचनाएँ) 11 देवनागरी में लिखी जाने वाली अन्य भाषाओं की रचनाएं (जैसे मैथिली, भोजपुरी इत्यादि) 12 साहित्यिक गतिविधियाँ यदि...
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सूचना / Information – प्रख्यात लेखिका, मूर्धन्य साहित्यकार कृष्णा सोबती नहीं रहीं

  प्रख्यात लेखिका, मूर्धन्य साहित्यकार कृष्णा सोबती नहीं रहीं जन्म : 18 फरवरी 1925 निधन : 25 जनवरी 2019 1980 में 'ज़िन्दगीनामा' के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था। 1996 में उन्हें साहित्य अकादमी की फेलोशिप मिली जो कि अकादमी का सर्वोच्च सम्मान है। 2017 में इन्हें भारतीय साहित्य के सर्वोच्च सम्मान "ज्ञानपीठ पुरस्कार" से सम्मानित किया गया है। उनके लेखन की कुछ स्मृतियाँ:  ''सर्जक की आँख पाना एक पुरस्कार है। कलाकार की आँख साधना लेखक के परिश्रम का सुफल और इन दोनों में संतुलन द्रष्टा की सामर्थ्य का संयोग, इन भरपूर क्षमताओं से लगभग परे लेखक को मात्र एक शिक्षार्थी की तरह जीवन भर सीखते चले जाना है। कोई भी रचनात्मक टुकड़ा अपने बीज और प्रकृति में, क़िस्म में एक साथ सार, संक्षिप्त, विस्तार और सघनता से प्रस्तुत किया जाए तो लेखक की मानसिक संलग्नता और रचना की सहवर्तिता एक-दूसरे के समानांतर रहते हैं। लेखक लिपिक होकर रचना से डिक्टेशन लेता है। इसी से संवेदनात्मक जोड़, योग और चित्ताकाश पर फैले बहु-संयोग रचना में जज़्ब हो जाते...
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