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सूचना/Information ☆ श्री कमलेश भारतीय ‘पंजाब कला एवं साहित्य अकादमी पुरस्कार’ से सम्मानित – अभिनंदन ☆

सूचना/Information  (साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार) श्री कमलेश भारतीय 'पंजाब कला एवं साहित्य अकादमी पुरस्कार' से सम्मानित - अभिनंदन इस अवसर पर डाॅ प्रेम जनमेजय, लालित्य ललित, रणबीर पुष्प, डाॅ बुला कार, सीमा जैन ,रमा सिंह , शील कौशिक, प्रकाश बादल, नलिनी विभा सहित अनेक साहित्यकार सम्मानित हुए। समारोह में सतनाम माणक, डाॅ अजय शर्मा, डाॅ सरला भारद्वाज, सत्य प्रकाश ठाकुर, डाॅ तरसेम गुजराल, सुरेश सेठ,मोहन सपरा, रणविजय राव, बलविंद्र अत्री, आशा शैली, नीलम जुल्का, नीलम भारती, रश्मि आदि  की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।  पंजाब कला साहित्य अकादमी के रजत जयंती समारोह पर इस सम्मान के लिए सभी सम्मानित साहित्यकारों की और से  सुश्री सिमर सदोष जी एवं डाॅ जगजीत सिंह जी   का हार्दिक आभार। ई-अभिव्यक्ति परिवार की ओर से श्री कमलेश भारतीय जी एवं सम्माननीय साहित्यकारों का अभिनंदन एवं हार्दिक बधाई   ≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈...
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सूचना/Information ☆ शांति-गया स्मृति सम्मान 2020-2021 घोषित ☆ डॉ हंसा दीप ☆ श्री शांतिलाल जैन – अभिनंदन ☆

सूचना/Information  (साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार) डॉ हंसा दीप, कनाडा  शांति-गया स्मृति सम्मान 2020-2021 घोषित   अश्विनी कुमार दुबे एवं मधुकांत को शिखर, हंसा दीप को प्रवासी तथा दामोदर आर्य को खेल सम्मान - अभिनंदन    गया प्रसाद खरे स्मृति साहित्य, कला एवं खेल संवर्द्धन मंच के तत्वावधान में संस्थित शांति-गया स्मृति सम्मान 2020 एवं 2021 की घोषणा मंच के संयोजक श्री अरुण अर्णव खरे, संरक्षक श्रीमती कांति शुक्ला एवं कार्यकारी अध्यक्ष कान्ता रॉय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए की । श्री खरे ने बताया कि इस वर्ष लगभग डेढ़ सौ पुस्तकें सम्मान हेतु प्राप्त हुई। इतनी बड़ी संख्या में से सम्मान हेतु पुस्तकों को चुनना मुश्किल एवं दुरूह कार्य था। दो चरणों में पुस्तकों का मूल्यांकन किया गया। इस मुश्किल कार्य को अंजाम देनेवाले निर्णायक गणों के प्रति श्री खरे एवं कान्ता रॉय ने आभार व्यक्त किया। शिखर सम्मान वर्ष 2020 रोहतक, हरियाणा केपरवासी साहित्यकार वरिष्ठ रचनाकार डॉ मधुकांत एवं शिखर सम्मान वर्ष 2020 प्रसिद्ध साहित्यकार इंदौर के श्री अश्विनी कुमार दुबे को प्रदान किया...
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सूचना/Information ☆श्री जयप्रकाश पाण्डेय – हास्य व्यंग्य विधा हेतु स्व.श्री रामानुजलाल श्रीवास्तव सम्मान– अभिनंदन ☆

सूचना/Information  (साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)  श्री जयप्रकाश पाण्डेय – हास्य व्यंग्य विधा हेतु स्व.श्री रामानुजलाल श्रीवास्तव सम्मान– अभिनंदन ☆   राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित चर्चित कादम्बरी संस्था, जबलपुर का देश में मान है। देश में शायद यह पहली संस्था है जो हिन्दी की सभी विधाओं में राष्ट्रीय स्तर के अलग-अलग राज्यों के 66 साहित्यकारों को सम्मानित करती है। ऐसे विश्वस्तरीय सम्मान प्रदान करने वाली संस्था 'कादम्बरी', जबलपुर  के संस्थापक/सूत्रधार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित,अलंकृत आचार्य भगवत दुबे जी, प्रख्यात साहित्य सर्जक श्री राजकुमार तिवारी सुमित्र जी, श्री राजेश पाठक 'प्रवीण' भाई और अन्य सहयोगियों का हार्दिक आभार,अभिनन्दन। आदरणीया श्रीमती साधना उपाध्याय जी का साधुवाद जिन्होंने अपने पूज्य पिता प्रसिद्ध साहित्यकार श्री रामानुज लाल श्रीवास्तव जी की स्मृति में हास्य व्यंग्य का पुरस्कार/सम्मान स्थापित किया और निर्णायक मंडल ने वरिष्ठ व्यंग्यकार-साहित्यकार एवं श्री जयप्रकाश पाण्डेय जी, संपादक ई-अभिव्यक्ति (हिंदी) को व्यंग्य रचना के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए उनके नाम का चयन किया। श्री जयप्रकाश पाण्डेय जी  को उनके व्यंग्य संग्रह 'डांस इंडिया डांस'...
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सूचना/Information ☆ सम्पादकीय निवेदन – बाबासाहेब बळवंत मोरेश्वर पुरंदरे – श्रद्धांजली !☆ सम्पादक मंडळ ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ☆

सूचना/Information  (साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार) बाबासाहेब बळवंत मोरेश्वर पुरंदरे 🌹 श्रद्धांजली ! 🌹🙏 रडू कसळले गड किल्ल्यांना, हरपला तारणहार तयांचा आज सर्वां सोडून गेला, कर्ता धर्ता शिवचरित्राचा. तो शिवशाहीर स्वर्गी गेला, राजांचरणी सेवेस रुजू झाला. शिवशाहीरांच्या निधनाने, इतिहास पोरका झाला. प्रमोद वामन वर्तक, १५-११-२०२१   🙏 🌹 शिवशाहीर बाबासाहेब पुरंदरे यांचे पुण्यात आज निधन झाले। विनम्र श्रद्धांजलि  🌹🙏 संपादक मंडळ ई अभिव्यक्ती मराठी ≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – श्रीमती उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे ≈...
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सूचना/Information ☆ सम्पादकीय निवेदन – सौ. विद्या वसंत पराडकर – अभिनंदन ☆ सम्पादक मंडळ ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ☆

सूचना/Information  (साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)  सौ. विद्या वसंत पराडकर – अभिनंदन  💐अ भि नं द न💐 आपल्या समुहातील लेखिका व कवयित्री सौ. विद्या वसंत पराडकर यांच्या 'श्रावणगीत' या कवितेस, माय मराठी व स्टोरी मिरर यांनी आयोजित केलेल्या काव्य स्पर्धेत पुरस्कार प्राप्त झाला आहे.सौ. पराडकर यांचे समुहातर्फे मनःपूर्वक हार्दिक अभिनंदन .💐🌷 संपादक मंडळ ई अभिव्यक्ती मराठी  ई – अभिव्यक्तीतर्फे त्यांचे अभिनंदन व पुढील वाटचालीसाठी शुभेच्छा.   ≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – श्रीमती उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे ≈...
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सूचना/Information ☆ सम्पादकीय निवेदन – श्री प्रमोद वामन वर्तक – अभिनंदन ☆ सम्पादक मंडळ ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ☆

सूचना/Information  (साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार) श्री प्रमोद वामन वर्तक – अभिनंदन   अ  भि  नं  द  न  आपल्या समुहातील साहित्यीक श्री प्रमोद वामन वर्तक यांचा साहित्य सेवेबद्दल सन्मान झाला आहे. त्यांचे अभिव्यक्ती समुहातर्फे मनःपूर्वक हार्दिक अभिनंदन🌷🌷 संपादक मंडळ ई अभिव्यक्ती मराठी  ई – अभिव्यक्तीतर्फे त्यांचे अभिनंदन व पुढील वाटचालीसाठी शुभेच्छा.   ≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – श्रीमती उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे ≈...
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सूचना/Information ☆ सम्पादकीय निवेदन – श्रीमती मीनाक्षी सरदेसाई – अभिनंदन ☆ सम्पादक मंडळ ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ☆

सूचना/Information  (साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)  श्रीमती मीनाक्षी सरदेसाई  – अभिनंदन   अ  भि  नं  द  न  आपल्या समुहातील ज्येेष्ठ लेखिका व अनुवादकार श्रीमती मीनाक्षी सरदेसाई याचे एक नवीन पुस्तक नुकतेच प्रकाशित झाले आहे.पुणे येथील अरिहंत प्रकाशनाने त्यांचे ढोल-ढकेल हे हिंदी कथांचा मराठीत अनुवाद केलेल्या कथांचा संग्रह प्रकाशित केला आहे. त्याबद्दल समुहातर्फे त्यांचे हार्दिक अभिनंदन ! संपादक मंडळ ई अभिव्यक्ती मराठी  ई – अभिव्यक्तीतर्फे त्यांचे अभिनंदन व पुढील वाटचालीसाठी शुभेच्छा.   ≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – श्रीमती उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे ≈...
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सूचना/Information ☆ श्री संजय भारद्वाज जी का कवितासंग्रह ‘क्रौंच’ लोकार्पित ☆ श्रीमती ऋता सिंह

सूचना/Information  (साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार) 🌷 श्री संजय भारद्वाज जी का कवितासंग्रह 'क्रौंच' लोकार्पित 🌷 कहन के साथ/ मेरा मौन भी बाँचा जाय प्रसिद्ध साहित्यकार एवं हिन्दी आंदोलन परिवार के संस्थापक-अध्यक्ष संजय भारद्वाज जी के कवितासंग्रह क्रौंच का लोकार्पण 31 अक्टूबर को ऑनलाइन हुआ। यह उनका पाँचवाँ कवितासंग्रह है। क्षितिज प्रकाशन ने इसे प्रकाशित किया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी के पूर्व कार्याध्यक्ष प्रो. नंदलाल पाठक जी ने की। उन्होंने कहा कि "संजय भारद्वाज कवितावादी हैं। उन्होंने अपनी कविता में छंद, लय, ताल, संगीत का कोई सहारा नहीं लिया है। यह दर्शाता है कि सच्ची कविता को बैसाखी की आवश्यकता नहीं होती।" मुख्य अतिथि और 'नवनीत' के सम्पादक श्री विश्वनाथ सचदेव जी ने अपने भाषण से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि "संजय भारद्वाज का अनुभव जगत व्यापक है। उनकी कविताएँ अपने शब्दों के बीच की खाली जगह को पढ़ने के लिए पाठक को आमंत्रित करती हैं। यह इन कविताओं की सबसे बड़ी शक्ति है। ये कविताएँ पाठक के दिल को...
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सूचनाएँ/Information ☆ लघुकथा शोध केंद्र, भोपाल ‘लघुकथा के परिन्दे ‘ फेसबुक समूह की ऑनलाइन साप्ताहिक लघुकथा गोष्ठी सम्पन्न ☆

सूचनाएँ/Information  (साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)  लघुकथा शोध केंद्र, भोपाल 'लघुकथा के परिन्दे ' फेसबुक समूह की ऑनलाइन साप्ताहिक लघुकथा गोष्ठी सम्पन्न  लघुकथा में ज़र्रे को आफताब बनाने की सामर्थ्य - डॉ.प्रभुदयाल मढ़इया 'विकल' लघुकथा लेखन में सहजता सरलता होना आवश्यक -सुरेश पटवा भोपाल | लघुकथा में ज़र्रे को आफताब बनाने की ताकत होती है ,लघुकथाओं में जीवन के विविध रंग आते हैं ,लघुकथा में कथ्य का विस्तार सम्भव नहीं ,यह उदगार हैं वरिष्ठ साहित्यका उपन्यासकार लघुकथा लेखक डॉ प्रभुदयाल मढ़ईया 'विकल' (मुम्बई) के जो लघुकथा शोध केंद्र भोपाल द्वारा आयोजित साप्ताहिक ऑन-लाइन गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए अपनी बात रख रहे थे ,इस अवसर पर उन्होंने अपनी लघुकथा 'काजल' का वाचन भी किया | कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए वरिष्ठ साहित्यकार श्री सुरेश पटवा ने कहा कि 'लघुकथा लेखन में सहजता सरलता होना आवश्यक है ,इसमें 'कहन' यानी कथा तत्व और 'पहन' यानी रस अलंकार मुहावरे युक्त प्रभावी भाषा शिल्प की आवश्यकता होती है साथ ही छन्न ,सन्न, और प्रसन्न...
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सूचनाएँ/Information ☆ श्री सुरेश पटवा द्वारा रचित नर्मदा और पलकगाथा पुस्तकों का भव्य लोकार्पण संपन्न ☆

सूचनाएँ/Information  (साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार) श्री सुरेश पटवा द्वारा रचित नर्मदा और पलकगाथा पुस्तकों का भव्य लोकार्पण संपन्न भोपाल।  “लोकमंगल की नदी है नर्मदा, यह सिर्फ एक नदी नहीं हमारी पूरी सभ्यता है| नदियाँ हमें संस्कार देती हैं, नदियों से ही हमारा जीवन और अस्तित्व है| विकास के नाम पर धनपशु नदियों को निगल रहे हैं| इस आसन्न संकट और इसकी भयावहता को समझ साहित्यकार इस दिशा में कार्य करें।” - यह कथन है पद्मश्री श्री विजयदत्त श्रीधर, संस्थापक-निदेशक, माधवराव सप्रे समाचार पत्र संग्राहलय का जो मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, हिंदी भवन, भोपाल द्वारा साहित्यकार श्री सुरेश पटवा की सद्य प्रकाशित कृतियों 'नर्मदा' एवम 'पलकगाथा' उपन्यास के लोकार्पण अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार प्रकट कर रहे थे। कार्यक्रम के प्रारम्भ में अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यर्पण कर आयोजन का शुभारंभ किया तथा श्रीमती जया केतकी ने सुमधुर सरस्वती वंदना प्रस्तुत की ततपश्चात डॉ सुनीता खत्री,श्रीमती सीमा नेमा,श्री सूर्यप्रकाश जोशी ने मंचस्थ अतिथियों का पुष्प एवम।पुस्तक...
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