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सूचनाएँ/Information ☆ व्यंग्यम समाचार – व्यंग्य समीक्षा  गोष्ठी संपन्न ☆ प्रस्तुति -श्री रमेश सैनी

सूचनाएँ/Information ☆ व्यंग्यम समाचार - व्यंग्य समीक्षा  गोष्ठी संपन्न   ☆ श्री रमेश सैनी विगत दिवस व्यंग्यम जबलपुर द्वारा डा.लालित्य  ललित का व्यंग्य संग्रह "पांडेय जी और जिंदगीनामा' तथा डॉ रमेश चंद्र खरे का व्यंग्य संग्रह "श्रेष्ठ व्यंग्य" पर समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई. गोष्ठी के आरंभ में  विमर्श की सुविधा हेतु लालित्य ललित की पुस्तक "पांडेय जी और जिंदगीनामा" से एक रचना"पाण्डेय जी और सोशल मीडिया" का पाठ रमेश सैनी ने और रमेश चंद्र खरे की पुस्तक "श्रेष्ठ व्यंग्य" से एक रचना "लोकतांत्रिक लोचों का तंत्र लोक"का पाठ जयप्रकाश पांडेय ने किया . तत्पश्चात "पांडेय जी और जिंदगीनामा" पर अभिमन्यु जैन और प्रतुल श्रीवास्तव ने समीक्षात्मक आलेख का पाठ किया और दोनों समीक्षकों ने पुस्तक की अनेक रचना पर विस्तार से अपनी बात करते हुए रचनाओं की विशेषताओं पर विभिन्न बिंदुओं पर बारीकी से चर्चा की.  डॉ. रमेश चंद्र खरे की पुस्तक "श्रेष्ठ व्यंग्य" पर डॉ कुंदन जी परिहार और व्यंग्यकार विवेक रंजन श्रीवास्तव ने अपने समीक्षात्मक आलेख पढ़े. संग्रह की अनेक रचनाओं का...
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सूचनाएँ/Information – ☆ श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय बालसाहित्य भूषण सम्मान से सम्मानित ☆

सूचनाएँ/Information श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय “प्रकाश” ☆ श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय बाल साहित्य भूषण सम्मान से सम्मानित ☆ रतनगढ़ (निप्र)। सन 1937 में स्थापित साहित्य मंडल श्रीनाथद्वारा प्रतिवर्ष तीन दिवसीय साहित्यकार सम्मेलन आयोजित करता आ रहा है । यह कार्यक्रम प्रसिद्ध साहित्यकार श्री भगवती प्रसाद देवपुरा के स्मृति में आयोजित होता हैं । इस वर्ष आयोजित कार्यक्रम में देश भर से आमंत्रित सुप्रसिद्ध साहित्यकारों के बीच नीमच जिले के प्रसिद्ध बाल साहित्यकार ओमप्रकाश क्षत्रिय 'प्रकाश' को शाल, श्रीफल, माला, श्रीनाथ जी की छाया कृति, पेन, फोल्डर, उपर्णा और उपाधि पत्र प्रदान कर बालसाहित्य भूषण से सम्मानित किया गया । आप को यह सम्मान बालसहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और सेवा के लिए दिया गया। आप का यह सम्मान साहित्य जगत के लिए गौरव की बात हैं । इस के लिए ईष्ट मित्रों, साहित्यकार साथियों और पत्रकार बंधुओं ने आप को हार्दिक शुभकामनाएं प्रदान की हैं । ई-अभिव्यक्ति द्वारा श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय “प्रकाश”  जी को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई।...
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सूचनाएँ/Information ☆ राष्ट्रीय बाल साहित्य सम्मान 2019 हेतु बाल कहानियां आमंत्रित ☆ प्रस्तुति -श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’

सूचनाएँ/Information ☆ राष्ट्रीय बाल साहित्य सम्मान 2019 हेतु बाल कहानियां आमंत्रित  ☆ सभी बाल साहित्यकारों से बालकहानी आमंत्रित है. बाल कहानी संदेशप्रद होनी चाहिए. मगर, संदेश या उपदेश सीधा व्यक्त न हो, इस बात का ध्यान रखते हुए दिनांक 25 फरवरी 2020 तक बाल कहानियाँ सादर आमंत्रित है. बाल कहानियां पशु पक्षी, जीव जंतु, मूर्तअमूर्त वस्तु के पात्र ले कर रची गई हो. कहानी में सरस, सरल और सहज वाक्यों को समावेश हो, इस बात का ध्यान रखिएगा. वाक्य छोटेछोटे हो. मंनोरंजक और उद्देश्यपरक कहानियों को प्राथमिकता दी जाएगी. बालकहानी में कथा तत्व का समावेश हो. आप की सर्वश्रेष्ठ एक बालकहानी की तीन प्रतियां ए—4 आकार के कागज पर एक ओर लिख कर या टाईप करवा कर भेजे. उस में कहीं नाम,पता या कोई पहचान चिह्न अंकित न हो इस बात का ध्यान रखे. अपना संक्षिप्त परिचय व एड्रेस अलग से A-4 साइज कागज पर लिख भेजे जिसमे कहानी का शीर्षक लिखते हुए मौलिकता की घोषणा भी अंकित करें इसे पंजीकृत डाक या...
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सूचनाएँ/Information – ☆ डॉ राकेश चक्र जी “अमृतलाल नागर बालकथा सम्मान 2018” से सम्मानित ☆

सूचनाएँ/Information ☆ डॉ राकेश चक्र जी "अमृतलाल नागर बालकथा सम्मान 2018" से सम्मानित  ☆ उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ द्वारा दिनांक 30 दिसम्बर को यशपाल सभागार में पुरस्कार वितरण एवं अभिनंदन पर्व स्थापना दिवस का भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश और विधानसभा अध्यक्ष जी की गरिमामय उपस्थित रही। इस सुअवसर पर बाल साहित्य के क्षेत्र में डॉ राकेश चक्र जी को "अमृतलाल नागर बालकथा सम्मान 2018" से उत्तर प्रदेश हिंदी के कार्यकारी अध्यक्ष आदरणीय डॉ सदानंद गुप्त जी व अन्य ख्यातिनाम साहित्यकारों की  गरिमामय उपस्थिति में उत्तरीय उढ़ाकर, सम्मान पत्र और रु 51,000 की धनराशि का चैक आदि देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर देश और विदेश के अन्य 136 साहित्यकारों को भी विभिन्न विधाओं में सम्मानित किया गया। ई-अभिव्यक्ति की ओर से डॉ राकेश चक्र जी को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई।...
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सूचनाएँ/Information ☆ 7वां अंतरराष्ट्रीय सोशल मीडिया एवं मैत्री सम्मान समारोह 2019 ☆ प्रस्तुति -डा रघुनाथ मिश्र ‘सहज’ और कवि कपिल खण्डेलवाल ‘कलश’

सूचनाएँ/Information ☆ 7 वां अंतरराष्ट्रीय सोशल मीडियासोशल मीडिया एवं मैत्री सम्मान समारोह 2019 ☆ कोटा, राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित विनायक विद्यापीठ परिसर में “हम सब साथ साथ” के बैनर तले सातवाँ अंतरराष्ट्रीय सोशल मीडिया एवं मैत्री सम्मान समारोह 2019 का आयोजन 24 और 25 दिसंबर को आयोजित किया गया। प्रथम सत्र में, मंचस्थ अतिथियों में, गंगापुर एस डी एम, विकास शर्मा, संरक्षक-संयोजक (विद्यापीठ) देवेंद्र कुमावत, संत बालयोगी, श्याम पुरोहित, डॉ अरविंद त्यागी, डा रघुनाथ मिश्र सहज व विनोद बब्बर (संपादक राष्ट्र-किंकर) रहे। कार्यक्रम का संचालन विपनेश माथुर और किशोर श्रीवास्तव ने किया। मुख्य अतिथियों द्वारा सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया गया और मंच के सभी अतिथियों का शाल व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया । कार्यक्रम की शुरुआत भाई-चारा गीत (टाईटल /थीम सॉंग), लखनऊ टीम के नन्हें कलाकारों के द्वारा उत्साह जनक रही। इसके बाद “हम साथ साथ” पत्रिका का विमोचन किया गया और कुछ पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। इस सम्मेलन व सम्मान समारोह में देश-विदेश से लगभग...
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सूचनाएँ/Information ☆ “चिंतामणी चारोळी” आणि “चामुंडेश्वरी चरणावली” संग्रहाचे पुजन व प्रकाशन☆ प्रस्तुति – सौ. संगिता राम भिसे ☆

☆ सूचनाएँ/Information  ☆ "चिंतामणी चारोळी" आणि "चामुंडेश्वरी चरणावली" संग्रहाचे पुजन व प्रकाशन ☆ प्रस्तुति – सौ. संगिता राम भिसे ☆ (वरिष्ठ  मराठी साहित्यकार श्रीमति उर्मिला उद्धवराव इंगळे जी का धार्मिक एवं आध्यात्मिक पृष्ठभूमि से संबंध रखने के कारण आपके साहित्य में धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्कारों की झलक देखने को मिलती है. इसके अतिरिक्त  ग्राम्य परिवेश में रहते हुए पर्यावरण  उनका एक महत्वपूर्ण अभिरुचि का विषय है.  यह गर्व की बात है कि श्रीमती उर्मिला जी के  काव्य संग्रह "चिंतामणी चारोळी" आणि "चामुंडेश्वरी चरणावली" का पूजन, प्रकाशन एवं लोकार्पण कार्यक्रम " आज सोमवार दिनांक ३०/१२/१९ विनायकी चतुर्थी के शुभ मुहूर्त पर प्रातः ठीक 11 बजे  थेऊर अष्टविनायक देवस्थान पर संपन्न होने जा रहा है। ई- अभिव्यक्ति  की ओर से श्रीमती उर्मिला जी को हार्दिक शुभकामनाएं। ) श्रीमति उर्मिला उद्धवराव इंगळे सुर्यगंध प्रकाशन तर्फे, सातारा येथील कवियत्री लेखिका माझी आई, श्रीमती उर्मिला उद्धवराव इंगळे यांनी लिहिलेल्या "चिंतामणी चारोळी" या श्री गणेश वर्णानाच्या तसेच चामुंडेश्वरी चरणावली या आदिशक्तीचे स्तुती वर्णन अष्टाक्षरी चारोळी संग्रहाचे पुजन व प्रकाशन आज सोमवार दिनांक...
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सूचनाएँ/Information – ☆ बालसाहित्यकार ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ को विशिष्ट प्रतिभा सम्मान 2019 ☆

सूचनाएँ/Information श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय “प्रकाश” ☆ बालसाहित्यकार ओमप्रकाश क्षत्रिय 'प्रकाश' को विशिष्ट प्रतिभा सम्मान 2019 ☆   राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित विनायक विद्यापीठ परिसर में “हम सब साथ साथ” के बैनर तले सातवाँ अंतरराष्ट्रीय सोशल मीडिया एवं मैत्री सम्मान समारोह 2019 का आयोजन 24 और 25 दिसंबर को आयोजित किया गया। इस सम्मान समारोह के लिए प्रसिद्ध बालसाहित्यकार ओमप्रकाश क्षत्रिय 'प्रकाश' को बालसाहित्य में विशेष योगदान के चयनित कर आमंत्रित किया गया था। समाज में भाईचारे और विश्व बंधुत्व की भावना के विकास में सोशल मीडिया की भूमिका विषय पर आयोजित परिचर्चा में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने और बालसाहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए ओमप्रकाश क्षत्रिय 'प्रकाश' को विशिष्ट प्रतिभा सम्मान 2019 से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान 'हम सब साथ साथ' के राष्ट्रीय संयोजक तथा देश और दुनिया के जाने माने शख्सियत श्री किशोर श्रीवास्तव, वीर रस के लब्धप्रतिष्ठित कवि योगेंद्र शर्मा ,समाजसेवी विनोद बब्बर ,और नामचीन साहित्यकार डॉ प्रीति समकित सुराना के करकमलों से प्राप्त हुआ। इस कार्यक्रम में देशविदेश के...
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सूचनाएँ/Information ☆ कला मनुष्य को जोड़ती है – श्री असग़र वजाहत ☆ रचना और रचनाकार: परिसंवाद ☆ प्रस्तुति – डॉ. प्रेरणा उबाले ☆

 ☆ सूचनाएँ/Information  ☆ ☆ रचना और रचनाकार: परिसंवाद - प्रस्तुति डॉ. प्रेरणा उबाले ☆ हिंदी विभाग, माॅडर्न महाविद्यालय (स्वायत्त), पुणे -05 की ओर से हाल ही मेँ हिंदी के सुप्रतिष्ठित नाटककार, कहानीकार, उपन्यासकार असग़र वजाहत जी के साथ "रचना और रचनाकार : परिसंवाद" का आयोजन किया गया था। इस परिसंवाद में असग़र वजाहत जी ने सबको संबोधित करते हुए कहा कि "कला मनुष्य को जोड़ती है। कला से ही मनुष्य संवेदनशील बनता है। कोई व्यक्ति आर्ट्स, साइन्स पढ़ता है पर उस डिग्री से मनुष्य को पहचाना नहीं जाता... होता तो वह अंत में मनुष्य ही। कला और साहित्य से हमें निरंतर जुड़ा रहना चाहिए। इनमें इतनी शक्ति होती है कि मनुष्य में निहित नकारात्मकता नष्ट कर देती है और वे जीवन को ऊर्जा प्रदान करते हैं।" वजाहत जी ने मौखिक परंपरा की अपनी कुछ कहानियाँ सुनाई। साथ ही महात्मा गांधी तथा व्यवस्था से संबंधित कुछ लघुकथाएँ सुनाई। विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्राध्यापकों ने उनसे साहित्य से संबंधित अनेक प्रश्न किए, जिनके उत्तर देते समय...
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सूचनाएँ/Information – ☆ पाथेय साहित्य कला अकादमी- डॉ. स्वाति तिवारी को पंचम गायत्री कथा सम्मान ☆

 ☆ सूचनाएँ/Information  ☆ ☆ पाथेय साहित्य कला अकादमी- डॉ. स्वाति तिवारी को पंचम गायत्री कथा सम्मान ☆   प्रख्यात कथा लेखिका डॉ. स्वाति तिवारी को पंचम गायत्री कथा सम्मान दिया जाएगा। डॉ स्वाति तिवारी को 2019 का गायत्री कथा सम्मान – (पत्रकार वार्ता) पाथेय साहित्य कला अकादमी जबलपुर द्वारा अपनी संस्थापक कथाकार एवं कवयित्री स्मृतिशेष डॉ. गायत्री तिवारी के पंचम जन्म स्मृति समारोह  शुक्रवार, 27 दिसम्बर 2019 को अपरान्ह 3.00 बजे से रानी दुर्गावती संग्रहालय सभागार में आयोजित होगा। इस वर्ष समारोह में पंचम गायत्री कथा सम्मान से देश की चर्चित कथा लेखिका डॉ. स्वाति तिवारी, भोपाल समादरित होंगी । सम्मानित कथालेखिका को शाल, माला, श्रीफल के साथ रुपये 11,000/- सम्मान निधि के रूप में भेंट किये जायेंगे। गायत्री सृजन सम्मान से सम्मानित होंगे डॉ. अरुणा पाण्डेय, सिहोरा, श्रीमती गीता शरद तिवारी, श्रीमती कांति रावत मिश्र, श्रीमती कृष्णा नायडू, श्रीमती मीना भट्ट, डॉ. अम्बर प्रियदर्शी, श्रीमती रत्ना ओझा, श्रीमती राज कुमारी नायक, सुश्री मनीषा गौतम, श्रीमती शशि कला सेन, श्रीमती इंदिरा पाठक तिवारी, श्रीमती संगीता उपाध्याय,...
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सूचनाएँ/Information ☆ हिंदी : घोषित राजभाषा, उपेक्षित राष्ट्रभाषा ☆ – प्रस्तुति – श्री संजय भारद्वाज

सूचनाएँ/Information ☆ हिंदी : घोषित राजभाषा, उपेक्षित राष्ट्रभाषा ☆ (हिंदी आंदोलन परिवार के रजतजयंती समारोह के अंतर्गत सम्पन्न हुआ आयोजन) हिंदी आंदोलन परिवार, पुणे, राष्ट्रभाषा महासंघ, मुंबई और महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, पुणे के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी पुणे में आयोजित की गई थी। इसका विषय था, *हिंदी : घोषित राजभाषा, उपेक्षित राष्ट्रभाषा*। संगोष्ठी का उद्घाटन सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. सदानंद भोसले ने किया। डॉ. भोसले ने कहा कि गाँव की मंडी से लेकर संसद तक की भाषा हिंदी है तो हिंदी राष्ट्रभाषा क्यों नहीं हो सकती? हिंदी चारों भाषाकुलों के बीच सेतु का काम करती है। आज़ादी की लड़ाई में भी हिंदी ही सेतु बनी। उन्होंने लिपि के प्रचार और अधुनातन तकनीक को अपनाने पर बल दिया। हिंदी आंदोलन परिवार, पुणे के अध्यक्ष श्री संजय भारद्वाज ने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रध्वज की तरह राष्ट्रभाषा भी एक ही हो सकती है।अपनी भाषा में शिक्षा न होने के कारण प्रतिभाओं के दमन और शोध के क्षेत्र में मौलिकता...
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