तितिक्षा इंटरनॅशनल, पुणे या संस्थेने नवरात्री निमित्त ‘रोज एका देवीवर काव्य‘ अशी काव्य स्पर्धा आयोजित केली होती. या स्पर्धेत आपल्या समुहातील ज्येष्ठ साहित्यिका श्रीमती उज्ज्वला सहस्रबुद्धे यांना तीन पुरस्कार प्राप्त झाले आहेत. याशिवाय संपूर्ण नवरात्रीत काव्य लेखन केल्याबद्दल विशेष सरस्वती मोमेंटो ही प्रदान करण्यात आला आहे. त्यांच्या या वैशिष्ट्यपूर्ण यशाबद्दल ई-अभिव्यक्ती परिवारातर्फे त्यांचे मन:पूर्वक अभिनंदन आणि पुढील लेखनासाठी शुभेच्छा! 💐
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– आजच्या अंकात वाचूया त्यांचे एक पुरस्कारप्राप्त कविता – “घटस्थापना…”
☆ कोटा में ‘कृति लोकार्पण एवं राष्ट्रीय बाल साहित्यकार सम्मान समारोह 2025’ संपन्न– अभिनंदन ☆ साभार -श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ ☆
कोटा, 7 दिसंबर, 2025। बाल साहित्य के गंभीर और महत्वपूर्ण विषयों पर विमर्श हेतु कोटा के ब्लू सफायर होटल में ‘कृति लोकार्पण एवं राष्ट्रीय बाल साहित्यकार सम्मान समारोह 2025’ का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी आयोजन के दो चरण थे, जिसमें साहित्य की चुनौतियों और विकास पर गहन चर्चा हुई, तथा राजस्थान के 30 से अधिक बाल साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।
प्रथम चरण: सम्मान समारोह
समारोह की अध्यक्षता डॉ. दिविक रमेश (नोएडा) ने की और मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. विकास दवे (भोपाल) उपस्थित रहे। इस चरण में विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रभात सिंघल और श्रीमती रेखा पंचोली थीं। स्वागत वक्तव्य श्रीमती श्वेता शर्मा ने दिया, और व्यक्तिगत परिचय डॉ. वैदेही गौतम द्वारा कराया गया।
समारोह के संरक्षक श्री जितेंद्र निर्मोही (कोटा) थे। इस चरण में पूरे राजस्थान से आए 30 से अधिक बाल साहित्यकारों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया, जिससे बाल साहित्य के प्रति गंभीर विमर्श को बल मिला।
द्वितीय चरण: कृति लोकार्पण एवं विशिष्ट सम्मान
यह चरण विशेष रूप से साहित्यकार डॉ. युगल सिंह की महत्वपूर्ण कृति “हाड़ौती अंचल का बाल साहित्य: उद्भव एवं विकास” के लोकार्पण पर केंद्रित था। इस चरण में गंभीर साहित्यिक विमर्श हुआ, जिसमें बाल साहित्य के भविष्य पर चिंता और समाधान दोनों पर चर्चा की गई।
अध्यक्ष: डॉ. दिविक रमेश (नोएडा), ख्यातनाम बाल साहित्यकार।
मुख्य अतिथि: डॉ. विकास दवे (भोपाल), निदेशक साहित्य एवं संस्कृति अकादमी।
संरक्षक: श्री जितेंद्र निर्मोही (कोटा), ख्यातनाम साहित्यकार।
मुख्य वक्ता: श्री जय सिंह आशावत (नैनवां, बूँदी), ख्यातनाम साहित्यकार।
विशिष्ट अतिथि: श्री बलदाऊ राम साहू (दुर्ग), सदस्य, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग एवं राजभाषा सलाहकार मंत्रालय, भारत सरकार।
इस द्वितीय चरण में, श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ (रतनगढ़, नीमच, म.प्र.) को हाड़ौती अंचल के बाल साहित्य में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘अति विशिष्ट सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
कृति परिचय मेजर रिद्धिमा द्वारा प्रस्तुत किया गया, और संपूर्ण लोकार्पण समारोह का संचालन वरिष्ठ उद्घोषक एवं नामवर साहित्यकार श्री रामानारायण मीणा “हलधर” ने किया।
यह समारोह बाल साहित्य की गुणवत्ता और विस्तार पर विचार करने तथा युवा साहित्यकारों को प्रेरित करने के उद्देश्य से एक गंभीर प्रयास रहा।
ई- अभिव्यक्ति परिवार की ओर से श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ जी को इस विशिष्ट उप्लब्धि के लिए हार्दिक बधाई
≈ श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈
आपल्या समूहातील प्रसिद्ध लेखिका / कवयित्री डॉ. सोनिया कस्तुरे यांच्या “पिंपळायन” आणि “हसरे किनारे” या दोन कविता संग्रहांचे प्रकाशन नुकतेच लोकायत प्रकाशन सातारा, यांच्या वतीने, आणि ज्येष्ठ विचारवंत डॉ. आ. ह. साळुंखे सर यांच्या हस्ते करण्यात आले आहे.
… आपल्या सर्वांच्या वतीने डॉ. सोनिया यांचे हार्दिक अभिनंदन.
डॉ. सोनिया यांचे अभिनंदनास्पद आणखी एक यश म्हणजे या त्यांच्या दोन कवितासंग्रहांपैकी “हसरे किनारे” या संग्रहाला ‘मराठी भाषा विभाग, महाराष्ट्र शासन, महाराष्ट्र राज्य साहित्य आणि संस्कृती मंडळ अनुदानित’…
“राज्यस्तरीय माणगंगा साहित्यप्रेमी गौरव पुरस्कार” हा मानाचा पुरस्कार देण्यात आला आहे.
आपल्या सर्वांतर्फे या पुरस्काराबद्दल डॉ. सोनिया कस्तुरे यांचे अतिशय मनःपूर्वक अभिनंदन आणि पुढील अशाच दमदार आणि यशस्वी साहित्यिक वाटचालीसाठी असंख्य हार्दिक शुभेच्छा.
आजच्या अंकात वाचूया या पुरस्कारप्राप्त संग्रहातील वेगळ्या विषयावरची एक कविता.
– संपादक मंडळ
ई अभिव्यक्ती मराठी
☆ ☆ ☆ ☆ ☆
≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – सौ. उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈
कुछ अपरिहार्य कारणों से, ई-अभिव्यक्ति का इस माह का पहला पाक्षिक अवकाश 14/12/25 के स्थान पर 12/12/25 को होगा। अतः शुक्रवार 12/12/25 का अंक प्रकाशित नहीं किया जाएगा। यह अंक शनिवार 13/12/25 से पुनः नियमित रूप से प्रकाशित किया जाएगा।
आप सभी का इसी प्रकार स्नेह, प्रतिसाद और सहयोग अपेक्षित है।
– संपादक मंडल
ई-अभिव्यक्ति
≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈
📖 दि. १२/१२/२५ रोजी अंक बंद असल्याबद्दल महत्वाची सूचना!! 📖
कृपया सर्वांनी नोंद घ्यावी – –
या महिन्यातली पहिली पाक्षिक सुट्टी दि. १४/१२/२५ च्या ऐवजी दि. १२/१२/२५ रोजी घेण्यात येणार आहे. त्यामुळे शुक्रवार दि. १२/१२/२५ रोजी अंक प्रकाशित केला जाणार नाही. शनिवार दि. १३/१२/२५ पासून अंक पुन्हा नियमित प्रकाशित होईल.
सर्वांचे सहकार्य अपेक्षित आहे.
– संपादक मंडळ
ई – अभिव्यक्ती, मराठी विभाग
≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – सौ. उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈
☆ पूर्णिका उत्सव – ३ संपन्न – विशिष्ट पूर्णिकाकारों को पूर्णिकाचार्य सम्मान – अर्धशतादिक पूर्णिका संग्रह लोकार्पित ☆ साभार – डॉ. सलपनाथ यादव ‘प्रेम’ ☆
प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी दिनांक ५ दिसंबर २०२५ दिन शुक्रवार को अपराह्न ३ बजे से रानी दुर्गावती कला वीथिका भंवरताल गार्डन, होटल श्री कृष्ण के सामने अपने भव्यतम स्वरूप में पूर्णिका उत्सव ➖ तृतीय का आयोजित किया गया , जिसमें देश-विदेश प्रदेश सहित संस्कार धानी जबलपुर के पूर्णिका कारों के पूर्णिका संग्रह का लोकार्पण-विमोचन- पूर्णिका गोष्ठी आयोजित की गई।
पूर्णिका उत्सव ➖३ की यशस्वी अध्यक्षता डॉ ललित कुमार सिंह ‘ललित’, पूर्व शिक्षा निदेशक अलीगढ़ उप्र, और मुख्य अतिथि डॉ बैजनाथ गौतम, पूर्व वरिष्ठ अधिकारी आकाशवाणी जबलपुर, विशिष्ट अतिथि महामहोपाध्याय डॉ हरिशंकर दुबे, प्रसिद्ध कीट वैज्ञानिक लोकभाषा बुंदेली के चंदन चर्चित वरिष्ठ पूर्णिका कार डा कृष्ण कुमार नेमा ‘निर्झर’, सीहोर मप्र, सहित डॉ विभा प्रकाश लखनऊ उप्र रहे।
सारस्वत अतिथि ➖ गायत्री ठाकुर ‘सक्षम’ नरसिंहपुर मप्र, डॉ दीनदयाल यादव ‘नीलेश’ बिलासपुर छत्तीसगढ़, डॉ अनिल कुमार बाजपेई रि HOD केमिस्ट्री जबलपुर मप्र हैं वहींविशेष आमंत्रित अतिथि ➖करुणा सिंह ‘कल्पना’ रांची झारखंड, रामगोपाल निर्मलकर ‘नवीन’ धनौरा सिवनी मप्र मंच को शोभित किया।
पूर्णिका प्रकाश ➖ यशोवर्धन पाठक जबलपुर, डॉ निर्मला डोंगरे ‘पूर्णिका’ वृंदावन, विजय बागरी कछारगांव कटनी मप्र।
पूर्णिका उत्सव के आभार हेतु शिव अलग नैनपुर जबलपुर और कार्यक्रम विराम की घोषणा हेतु डॉ प्रकाश तिवारी जबलपुर मप्र ने की।
पूर्णिका उत्सव का संचालन ख्यात मंच मणि राजेश पाठक ‘प्रवीण’ जी, संतोष नेमा जी, आशुतोष तिवारी ‘आशु’, कविता राय ‘कृति’ जी ।।
समन्वयक➖प्रतुल श्रीवास्तव, मदन श्रीवास्तव, राजेन्द्र मिश्र, एम पी कोरी, विजय जायसवाल और इरफान झांसवी जी।
पूर्णिका संग्रहों का विमोचन लोकार्पण किया गया।
डॉ प्रो खेदू भारती ‘सत्येश’ धमतरी छत्तीसगढ़ जी के 5 छत्तीसगढ़ पूर्णिका संग्रह और हिंदी के 20 पूर्णिका संग्रह सहित आपके टोटल 25 पूर्णिका संग्रह, श्याम सुधा रस – सारिका शर्मा ‘वृंदा’ जी ओमान,अर्तिका की पूर्णिका, भावनाओं का दर्पण — उमा शर्मा ‘अर्तिका’ नोएडा, सिंधु तट गामिनी, हंसते गाते धूम मचाते(बाल पूर्णिका संग्रह), भावनाओं का मधुबन, भावनाओं का रंग (पूर्णिका संकलन)– रजनी कटारे ‘हेम’, दिव्य कौमुदी — नमिता गुप्ता ‘श्री’ लखनऊ उप्र, प्रेम की पूर्णिका — करुणा सिंह ‘कल्पना’ रांची झारखंड, जंगल में जगराता (बाल पूर्णिका संग्रह)– डॉ दीनदयाल यादव ‘नीलेश’ बिलासपुर छत्तीसगढ़, मंगल आशा — रामगोपाल निर्मलकर ‘नवीन’ धनौरा सिवनी मप्र, स्वर्णिम रश्मियां — रश्मि पाण्डेय ‘शुभि’, मधुबन में — पूर्णिका — ‘कदम’ जबलपुरी, माधुरी शतक (पूर्णिकांश संग्रह)— कीरत सिंह यादव ‘कीरत’ लहार भिण्ड मप्र, अविरामिका — विभा प्रकाश लखनऊ उप्र, दिव्या दीप— विनोद कश्यप शर्मा चण्डीगढ़, आशाओं के दीप — तारा गुप्ता लखनवी लखनऊ उप्र ,नेह विन्यास — साधना मिश्र लखनवी लखनऊ उप्र, आंगन में चांद — प्रदीप श्रीवास्तव ‘दीप’ ग्वालियर मप्र, बचपन की वाटिका (बाल पूर्णिका संग्रह)– अनुराधा गर्ग ‘दीप्ति’जबलपुर, प्रेम की बंशी — डॉ ललित कुमार सिंह ‘ललित’ अलीगढ़ उप्र,सब में है शिवत्व — शिव अलग नैनपुर जबलपुर,सफल हुआ अभियान,का भओ बिन्ना (बुंदेली पूर्णिका संग्रह) अंतर राष्ट्रीय विश्व दिवस विशेष पूर्णिका संग्रह सभी— पूर्णिका जनक साहित्याचार्य एडवोकेट डॉ सलपनाथ यादव ‘प्रेम’जी, पूर्णिका मकरंद — गायत्री ठाकुर ‘सक्षम’ नरसिंहपुर मप्र, झूठ के हांडी (भोजपुरी पूर्णिका संग्रह) — डॉ श्याम कुंअर भारती बोकारो झारखंड शामिल रही।
पूर्णिका-चार्य का सम्मान ➖
अनुराधा गर्ग ‘दीप्ति’जबलपुर मप्र
पं अंशुल विश्वंभर मिश्र ‘कदम’ जबलपुरी मप्र
प्रसिद्ध कीट वैज्ञानिक लोकभाषा बुंदेली के चंदन चर्चित वरिष्ठ पूर्णिकाकार डॉ कृष्ण कुमार नेमा ‘निर्झर’ सीहोर मप्र,
रजनी कटारे ‘हेम’ जबलपुर
डॉ दीनदयाल यादव ‘नीलेश’ बिलासपुर छत्तीसगढ़
करुणा सिंह ‘कल्पना’रांची झारखंड
कीरत सिंह यादव ‘कीरत’ लहार भिण्ड मप्र
डॉ प्रो खेदू भारती ‘सत्येश’ धमतरी छत्तीसगढ़
सारिका शर्मा ‘वृंदा’ ओमान
उमा शर्मा ‘अर्तिका’ नोएडा
विभा प्रकाश लखनऊ उप्र
डॉ ललित कुमार सिंह ‘ललित’अलीगढ़ उप्र
रश्मि पाण्डेय ‘शुभि’ जबलपुर
रामगोपाल निर्मलकर ‘नवीन’ सिवनी मप्र
डॉ निर्मला डोंगरे ‘पूर्णिका’ वृंदावन
शिव अलग नैनपुर जबलपुर
गायत्री ठाकुर ‘सक्षम’ नरसिंहपुर मप्र
विनोद कश्यप शर्मा चण्डीगढ़ जी
उपरोक्त सभी पूर्णिकाकारों को पूर्णिका में किए गए सतत् सार्थक और उत्कृष्ट प्रयासों के हेतु पूर्णिकाचार्य अलंकरण से सम्मानित किया गया।
पूर्णिका जनक साहित्याचार्य एडवोकेट डॉ सलपनाथ यादव ‘प्रेम’ जी ने सभी पूर्णिका के चाहने वालों सराहने वालों की उपस्थिति का आभार अनुरोध सादर निवेदन किया।
पूर्णिका उत्सव ➖तृतीय की खासियत यह रही कि हिन्दी प्रचारिणी सभा (पंजीकृत), अलीगढ़ उप्र ने साहित्य की नव्यतम विधा पूर्णिकाके जनक साहित्याचार्य एडवोकेट डॉ सलपनाथ यादव ‘प्रेम’ जी को ₹ २१,०००/- इक्कीस हजार रूपए की राशि मान पत्र शाल श्रीफल देकर सम्मानित किया जो सभी पूर्णिका कारों के लिए अति अति गर्व गौरवान्वित होने का साक्षी बना इस हेतु अंतर राष्ट्रीय पूर्णिका मंच,आभा साहित्य संघ जबलपुर मप्र सादर आभार कृतज्ञता ज्ञापित करती है..जय पूर्णिका! जय हिन्द! हिन्दी की पूर्णिका, जय जय पूर्णिका!
साभार – संस्थापक/ संयोजक पूर्णिका जनक साहित्याचार्य एडवोकेट डॉ सलपनाथ यादव ‘प्रेम’
प्रदेश अध्यक्ष ➖ रजनी कटारे ‘हेम’, प्रदेश उपाध्यक्ष ➖ डॉ चंदा देवी स्वर्णकार, प्रदेश सहसचिव ➖ आशा झा सखि, संभागीय अध्यक्ष ➖ डॉ निर्मला डोंगरे ‘पूर्णिका’, नगर अध्यक्ष ➖ कविता राय ‘कृति’, नगर महासचिव ➖ ‘कदम’ जबलपुरी, नगर उपाध्यक्ष ➖ रश्मि पाण्डेय ‘शुभि’, कविता नेमा ‘काव्या’ सिवनी मप्र, संरक्षक ➖ एडवोकेट जी आर देशमुख सहित नगर प्रदेश देश की सभी साहित्यिक ईकाई व्हाट्सएप समूह
≈ श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈
आपल्या समुहातील ज्येष्ठ साहित्यिका सौ. मंजिरी येडूरकर यांनी तिहेरी यश संपादन केले आहे.
काव्य किरण मंडळ, कल्याण यांनी आयोजित केलेल्या राज्यस्तरीय अभंग लेखन स्पर्धेत त्यांच्या ‘ज्ञानेश्वरांचा वसंत’ या रचनेस तृतीय पारितोषिक मिळाले आहे.
ऋतूपर्ण दिवाळी अंक आयोजित कथा स्पर्धेत त्यांच्या कथेला उत्तेजनार्थ पुरस्कार प्राप्त झाला आहे.
कुसुमाग्रज प्रतिष्ठान, नाशिक यांच्याकडून मराठी साहित्याच्या अभ्यासासाठी घेण्यात येणा-या साहित्यभूषण या परीक्षेत तृतीय कृष्णामाई पुरस्कार प्राप्त झाला आहे.
संपादक मंडळ
ई अभिव्यक्ती मराठी
आजच्या अंकात वाचू या त्यांची ही विशेष कविता – ज्ञानेश्वरांचा वसंत
☆ ज्ञानेश्वरांचा वसंत ☆
(राज्यस्तरीय काव्य लेखन स्पर्धा, काव्य किरण मंडळ, कल्याण)
(विषय – संत ज्ञानेश्वर, शीर्षक – ज्ञानेश्वरांचा वसंत)
☆
दिसतो वसंत, व्यासांच्या तेजाते
महाभारताते, वैभविले
*
अर्जुन वसंत, कृष्ण तो कोकीळ
पार्थास कथील, गीताख्यान
*
वसंत कळतो, हिरवाईतून
दिव्य तेजातून, जैसा ज्ञानी
*
प्रतिभेच्या वेली, बहरली गाणी
देह रुपी वनी, वसंत हा
*
मी पण लोपेल, स्मरा भगवंत,
भक्तीचा वसंत, गीताख्यान
*
वसंती सुमने, सुमनी शैलेय
श्रीकृष्णी अजेय, गीतार्थात
*
कर्म फल त्यागी, वसंत मोहवी
म्हणे त्या माधवी, ज्ञानदेव
*
वसंती मोगरी, ओवली वा सुटी
समानत्व वाटी, गंधामाजी
*
तैसे साम्य दावी, गीतेची संस्कृत,
टीका ती विस्तृत, मराठीत
*
अशा या वसंता, किती रूपातून
पाहतो आतून, ज्ञानदेव
☆
सौ.मंजिरी येडूरकर
लेखिका व कवयित्री, मो – 9421096611
≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – श्रीमती उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈
काव्य किरण मंडळ, कल्याण यांनी आयोजित केलेल्या राज्यस्तरीय अभंग लेखन स्पर्धेत आपल्या समुहातील ज्येष्ठ साहित्यिका डॉ. शोभना आगाशे यांच्या ‘ज्ञानेश्वर समाधी‘ या रचनेस द्वितीय पारितोषिक मिळाले आहे.
तसेच
कुसुमाग्रज प्रतिष्ठान, नाशिक यांच्याकडून मराठी साहित्याच्या अभ्यासासाठी घेण्यात येणा-या साहित्यभूषण या परीक्षेत त्यांनी यश संपादन केले आहे.
त्यांच्या या उज्वल यशाबद्दल ई अभिव्यक्ती (मराठी) परिवारातर्फे त्यांचे मन:पूर्वक अभिनंदन आणि पुढील लेखनासाठी शुभेच्छा 💐✒️💐
संपादक मंडळ
ई अभिव्यक्ती मराठी
आजच्या अंकात वाचू या त्यांची ही विशेष कविता – ज्ञानेश्वर समाधी
☆ ज्ञानेश्वर समाधी ☆
*
भावार्थ दीपिका, लिहविली माये
तीर्थाटना जाये, संतांसवे ||१||
*
परतुनी येता, आज्ञा मागे तदा
जाया मोक्ष पदा, विठाईसी ||२||
*
इंद्रायणी तीरी, वंदूनी गुरूसी
विनवी आज्ञेसी, ज्ञान राजा ||३||
*
समाधीची वार्ता, जाई संतांप्रती
वैष्णवांचे चित्ती, थारा नाही ||४||
*
पंढरीचा रावा, रुक्मिणी सहीत
ऋषी, मुनी, संत, जमा होती ||५||
*
समाधीचे स्थान, सिद्ध ते अनादि
तेथेच समाधी, ज्ञाना घेई ||६||
*
द्वादशी पारणे, रांधे रुक्माबाई
हरी वाढू जाई, प्रसादासी ||७||
*
फुटलासे बांध, निवृत्तीचे मन
करी समाधान, विठूराया ||८||
*
एके बाजू गुरू, दुजे देव तारू
वाद्यांचा गजरू, चोहीकडे ||९||
*
समाधीस्थ होता, निरंजनी लीन
झाले ब्रम्हपूर्ण, ज्ञानराज ||१०||
☆
डाॅ. शोभना आगाशे
वाकड, पुणे
मो. नं. ९८५०२२८६५८
≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – श्रीमती उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈
☆ आभा साहित्य संघ के सौजन्य से अंतर्राष्ट्रीय पूर्णिका मंच का आयोजन “पूर्णिका उत्सव-३ (५ दिसंबर २०२५) ☆ साभार – डॉ. सलपनाथ यादव ‘प्रेम’ ☆
आभा साहित्य संघ जबलपुर के सौजन्य से रानी दुर्गावती संग्रहालय जबलपुर में अंतर्राष्ट्रीय पूर्णिका मंच द्वारा दिनांक 5 दिसंबर २०२५ को दोपहर 3 बजे से रात्रि 9.00 बजे तक “पूर्णिका उत्सव-3” आयोजित किया जा रहा है.
डॉ ललित कुमार सिंह ‘ललित’ जी पूर्व संयुक्त शिक्षा निर्देशक, अलीगढ की अध्यक्षता में प्रस्तावित कार्यक्रम में 5 छत्तीसगढ़ी पूर्णिका संग्रह सहित 25 पूर्णिका संग्रह का विमोचन होगा. विशिष्ट पूर्णिका कार साथियों को अनुराग भारती यादवकी स्मृति में पूर्णिकाचार्य सम्मान से सम्मानित किया जायेगा.
संस्कारधानी जबलपुर के साहित्यकारों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम संपन्न होगा.
ई-अभिव्यक्ति परिवार की ओर से कार्यक्रम की सफलता के लिए अग्रिम शुभकामनाएं 💐
साभार – डॉ. सलपनाथ यादव ‘प्रेम
≈ श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈
☆ संविधान जागरूकता से बने अच्छे नागरिक – हिंदी विभाग, मॉडर्न महाविद्यालय का आयोजन ☆ साभार – डॉ. प्रेरणा उबाळे ☆
हिंदी विभाग, मॉडर्न महाविद्यालय की ओर से “संविधान से बने अच्छे नागरिक” कार्यक्रम का आयोजन संपन्न हुआ l हिंदी विभाग, मॉडर्न महाविद्यालय, शिवाजीनगर, पुणे; मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार और सना साइबर फोरेंसिक इन्वेस्टिगेशन एंड डाटा सिक्युरिटी सर्विसेस के संयुक्त तत्वावधान में प्रोग्रेसिव एज्युकेशन सोसायटी के सभागार में संविधान दिवस के भव्य समारोह का आयोजन किया गया था l
वन्दे मातरम से समारोह का आरंभ हुआ l हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेरणा उबाळे ने अपनी प्रस्तावना में कहा, संविधान दिवस के माध्यम से संविधान के संदर्भ में जागरूकता निर्माण करने वाला कार्यक्रम करना मेरे लिए देशसेवा समान है l संविधान निर्माण के पीछे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का समर्पण भाव, उनकी समिति के परिश्रम और भारत के नागरिकों के जीवन को सुव्यवस्थित बनाने की डॉ. आंबेडकर की भूमिका का महत्व सबके सामने रखा l
सभागार में मॉडर्न कला, विज्ञान और वाणिज्य महाविद्यालय, मॉडर्न कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, मॉडर्न बी. बी. ए., बी. सी. ए. कॉलेज, मॉडर्न हाईस्कूल, राष्ट्रीय सेवा योजना और स्काउट और गाइड के छात्र, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निमंत्रित अतिथियों को संबोधित करते हुए प्राचार्या डॉ. निवेदिता एकबोटे ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा को सुमन अर्पित किए l डॉ. निवेदिता एकबोटे ने संविधान की जानकारी आज के सभी बच्चों को होना कितना आवश्यक है बताया l संविधान के माध्यम से न्याय सबके लिए समान होने की बात प्रतिपादित की l
संविधान का महत्व बताने वाले तथा वर्तमान समय में संविधान का पालन करने की आवश्यकता पर बल देने वाले तीन व्याख्यान इस अवसर पर संपन्न हुए l वकील, नोटरी, पोश और पोस्को प्रशिक्षक श्रीमती प्रीतिसिंह परदेसी ने अपने व्याख्यान में संविधान द्वारा दिए गये मानवीय अधिकारों का महत्व समझाया l स्वतंत्रता और अतिरिक्त स्वतंत्रता के बीच के अंतर को समझने की सलाह उपस्थित छात्रों को दी l गूगल पर शोध किये जाने वाले डाटा के संदर्भ में अधिक सतर्क रहने के लिए उन्होंने सबको सुझाया l
मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार के श्रम विभाग की प्रतिनिधि श्रीमती प्रीति साखरे ने उपस्थित छात्रों और प्राध्यापकों के लिए हितकर कानून व्यवस्था की जानकारी दी l हाल ही में गिग मजदूरों के लिए जो क़ानून पारित किया गया, उसका महत्व और जानकारी उन्होंने प्रदान की l इंटरनेट का होनेवाला गलत प्रयोग आज की सबसे बड़ी चिंता उन्होंने प्रतिपादित की l
इसके अतिरिक्त श्रीमती स्वरदा कबनूरकर ने साइबर सिक्युरिटी पर व्याख्यान देते हुए कहा कि आज के समय में विभिन्न एप के माध्यम से फोटो अपलोड करने की सुंदर दिखने की होड़ मची हुई है परंतु उससे ये फोटो अनुचित कार्यों के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं l भारत के अधिकांश लोगों का डाटा मोबाईल से किस तरह अनेक अनाधिकृत कंपनियों के पास जा रहा है इस संदर्भ में आंकड़े भी बताए l संकट में पड़ने पर महिलाऐं, छात्र कैसे पुलिस व्यवस्था से संपर्क कर सकते हैं इसकी भी जानकारी दी l डॉ. प्रेरणा उबाळे ने सीनियर पोलीस इन्स्पेक्टर श्री. नितीन लांडगे और सना साइबर फोरेंसिक इन्वेस्टिगेशन एंड डाटा सिक्युरिटी सर्विसेस के प्रमुख श्री नचिकेत दांडेकर के सहयोग तथा उपस्थितों के प्रति आभार ज्ञापित किए l
प्रोग्रेसिव एज्युकेशन सोसायटी, पुणे के अध्यक्ष डॉ. गजानन एकबोटे, सहकार्यवाह डॉ. ज्योत्स्ना एकबोटे, सचिव प्रा. शामकांत देशमुख के मार्गदर्शन और प्राचार्या डॉ. निवेदिता एकबोटे के सहयोग से यह समारोह संपन्न हुआ l हिंदी विभाग द्वारा आयोजित इस समारोह का मंचसञ्चालन और व्याख्यानों का आयोजन हिंदी विभागप्रमुख डॉ. प्रेरणा उबाळे ने किया l कला शाखा की उपप्राचार्या प्रा. अलका काम्बले, मॉडर्न इंजीनियारिंग कॉलेज की उपप्राचार्या डॉ. सुहासिनी इटकर और हिंदी विभाग के प्रा. विनोद सूर्यवंशी, प्रा. सुरज बिरादार, प्रा. सबिना शेख, प्रा. शुभम राउत ने समारोह के आयोजन में सहयोग दिया l इस समारोह में चार सौ से अधिक छात्र और प्राध्यापक उपस्थित रहें l उपस्थितों के द्वारा डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा को पुष्प अर्पित किए गए l संविधान जागृति हेतु आयोजित समारोह अत्यंत सुचारू ढंग से संपन्न हुआ l
साभार
डॉ. प्रेरणा उबाळे
अध्यक्ष, हिंदी विभाग, मॉडर्न महाविद्यालय, शिवाजीनगर, पुणे
संपर्क- 7028525378
≈ श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈