ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (20 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2025) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

विज्ञान की अन्य विधाओं में भारतीय ज्योतिष शास्त्र का अपना विशेष स्थान है। हम अक्सर शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त, शुभ विवाह के लिए सर्वोत्तम कुंडली मिलान आदि करते हैं। साथ ही हम इसकी स्वीकार्यता सुहृदय पाठकों के विवेक पर छोड़ते हैं। हमें प्रसन्नता है कि ज्योतिषाचार्य पं अनिल पाण्डेय जी ने ई-अभिव्यक्ति के प्रबुद्ध पाठकों के विशेष अनुरोध पर साप्ताहिक राशिफल प्रत्येक शनिवार को साझा करना स्वीकार किया है। इसके लिए हम सभी आपके हृदयतल से आभारी हैं। साथ ही हम अपने पाठकों से भी जानना चाहेंगे कि इस स्तम्भ के बारे में उनकी क्या राय है ? 

☆ ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (20 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2025) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

जय श्री राम। आप सभी को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। डॉ हरिवंश राय बच्चन की एक कविता के कुछ अंश मैं आपको सुन रहा हूं।

कल तिमिर को भेद मैं आगे बढूंगा,

कल प्रलय की आंधियों से मैं लडूंगा,

*

किन्तु आज मुझको आंचल से बचाओ;

आज फिर से तुम बुझा दीपक जलाओ।

अगर दीपक बुझ गया है तो ऐसा समय निश्चित रूप से आएगा जबकि हम उसको फिर से जला सकते हैं। इसी प्रकार अगर किसी बुरे समय के कारण आपके साथ कुछ गलत हो गया है तो यह मान कर चलिए कि वह समय भी आएगा जब आप अपने आप को फिर से जागृत कर सकेंगे। इसी अच्छे और बुरे समय की को बताने के लिए मैं पंडित अनिल पांडे आज आपके पास 20 अक्टूबर से लेकर 26 अक्टूबर 2025 तक के सप्ताह के साप्ताहिक राशिफल के साथ आपके पास आया हूं।

इस सप्ताह सूर्य और मंगल तुला राशि में रहेंगे, गुरु कर्क राशि में रहेगा, शुक्र कन्या राशि में गमन करेगा, वक्री शनि मीन राशि में और बक्री राहु कुंभ राशि में रहेंगे। बुध प्रारंभ हमें तुला राशि में रहेगा तथा 24 तारीख के 8:49 दिन से वृश्चिक राशि में गोचर करेगा। आईये अब हम राशि वार राशिफल की चर्चा करते हैं परंतु इससे पहले मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि इस वीडियो के अंत में मैं सभी कष्टों को दूर करने का एक उपाय आपको आवश्यक रूप से बताऊंगा। अतः वीडियो को अंत तक अवश्य देखें।

मेष राशि

इस सप्ताह आपके परिवार में, आपके जीवन साथी को छोड़कर सभी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। आपके जीवन साथी को रक्त संबंधी कोई समस्या हो सकती है। इस सप्ताह आपकी कुंडली के गोचर में सूर्य और शुक्र दोनों अपने नीच राशि में है। परंतु दोनों ही नीच भंग राजयोग बना रहे हैं। इस कारण से आपका व्यापार उत्तम चलेगा। आप अगर ढंग से प्रयास करेंगे तो आप अपने शत्रुओं को परास्त कर सकते हैं। इसके अलावा आपके जीवनसाथी के आत्मविश्वास में वृद्धि भी हो सकती है। इस कुंडली में गजकेसरी योग भी बन रहा है। जिसके कारण आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि आपका यह सप्ताह ठीक-ठाक गुजरेगा। धन आने के मार्ग में बाधा है। आपके क्रोध के मात्रा में वृद्धि होगी। आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। कचहरी के कार्यों में आपको सावधान रहना चाहिए। अगर आप अधिकारी या कर्मचारी हैं तो आपको अपने कार्यालय में काम सहयोग प्राप्त होगा। भाग्य से थोड़ा बहुत मदद मिल सकता है। इस सप्ताह आपके लिए 21, 22 और 23 तारीख कार्यों को करने के लिए उपयुक्त हैं। सप्ताह के बाकी दिनों में आपको सावधान रहने की आवश्यकता है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन काले कुत्ते को तंदूर की रोटी खिलाएं। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

वृष राशि

इस सप्ताह आपकी कुंडली के गोचर में प्रबल शत्रुहन्ता योग बन रहा है। अगर आप थोड़ा भी प्रयास करेंगे तो आप अपने सभी शत्रुओं को इस सप्ताह परास्त कर सकते हैं। नीच का शुक्र संतान भाव में बैठकर संतान को कष्ट दिला सकता है। इसके लिए आपको उपाय करना चाहिए। मैं अभी थोड़ी देर में यह हेतु आपको उपाय बताऊंगा। परंतु यही शुक्र अपनी उच्च दृष्टि से लाभ भाव को देख रहा है। जिसके कारण आपको इस सप्ताह धन लाभ हो सकता है। इस सप्ताह आपको अपने भाग्य से कोई खास मदद नहीं मिल पाएगी। परंतु ऐसा भी नहीं है कि भाग्य आपकी बिल्कुल मदद नहीं करेगा। भाग्य से मदद प्राप्त होने की मात्रा कम होगी। इस कारण आपको इस सप्ताह अपने परिश्रम पर ज्यादा विश्वास करना चाहिए। पारिवारिक स्वास्थ्य के संबंध में मैं कहना चाहूंगा कि इस सप्ताह सामान्य रूप से आपके परिवार जनों का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। संतान के स्वास्थ्य में थोड़ी परेशानी हो सकती है। इस पूरे सप्ताह आपको सावधान रहकर कार्य करना चाहिए। हर कार्य को बहुत सोच समझकर इस सप्ताह आपको करना है। 24 और 25 तारीख को आपके जीवनसाथी को शारीरिक कष्ट हो सकता है इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप अपनी संतान के स्वास्थ्य और उन्नति के लिए प्रतिदिन चावल का दान करें तथा शुक्रवार को मंदिर में जाकर पुजारी जी को सफेद वस्त्रो का ध्यान दें। इसके अलावा आपको प्रतिदिन भगवान शिव का दूध और जल से अभिषेक भी करना चाहिए। ‌सप्ताह का शुभ दिन सोमवार है।

मिथुन राशि

इस सप्ताह नीच के शुक्र की उच्च दृष्टि दशम भाव पर है इसलिए कार्यालय में आपको अपने सहयोगियों का अच्छा सहयोग मिल सकता है। शुक्र चतुर्थ भाव में नीच का है अर्थात बहुत कमजोर है। इस लिए इस सप्ताह आपके प्रतिष्ठा में कमी आएगी। कृपया प्रतिष्ठा के संबंध में सतर्क रहें। माता जी के स्वास्थ्य में भी परेशानी आ सकती है। परिवार में बाकी लोगों का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। आपके संतान के लिए यह सप्ताह सूर्य के नीच भंग राजयोग के कारण उत्तम रहेगा। संतान का आपको अच्छा सहयोग भी प्राप्त होगा। इस सप्ताह भाग्य से आपको कम मदद मिलेगी। दुर्घटनाओं से आप बचेंगे। उच्च का गुरु आपके द्वितीय भाव में बैठा हुआ है जिसके कारण धन आने का उत्तम योग बन रहा है। व्यापार में लाभ होगा, परंतु व्यापार के लाभ से आने वाले धन की अच्छी मात्रा पुनः व्यापार में लग जाएगी। इस सप्ताह आपके लिए 20 और 26 तारीख कार्यों को करने हेतु लाभदायक हैं 24 और 25 को भी आप कर्ज और शत्रुओं के संबंध में अच्छी कार्रवाई कर सकते हैं। बाकी कार्यों में आपको सावधानीपूर्वक कार्य करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन लाल मसूर की दाल का दान करें। मंगलवार को आपको हनुमान जी के मंदिर में जाकर कम से कम तीन बार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

कर्क राशि

इस सप्ताह आपका आत्मविश्वास बहुत अच्छा रहेगा। गुरु उच्च का होकर आपके लग्न में बैठा हुआ है जिस कारण आपको बहुत सारी परेशानियों से मुक्ति मिलेगी। आपके प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। आपके परिवार में सभी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा परंतु आपके जीवन साथी के पेट में थोड़ी समस्या होने की संभावना है। भाई बहनों से आपका संबंध ठीक रहेगा। उनका आपको अच्छा सहयोग प्राप्त होगा। ऐसा शुक्र के नीच भंग राजयोग के कारण हो रहा है। भाग्य से आपको मदद मिलेगी। भाग्य भाव पर शुक्र की दृष्टि उच्च की है। दुर्घटनाओं से आपको इस सप्ताह बचने का प्रयास करना चाहिए। कार्यालय में आपको अपने साथियों का अच्छा सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार ठीक चलेगा। इस सप्ताह आपके लिए 21, 22 और 23 अक्टूबर कार्यों को करने हेतु फलदायक है। इन्हीं तारीखों में आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि भी संभव है। 24 और 25 तारीख आपकी संतान के लिए अच्छी रहेगी। 26 तारीख को आपको सावधान रहकर कोई भी कार्य करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

सिंह राशि

इस सप्ताह आपकी कुंडली के गोचर में छठे भाव पर मंगल की उच्च दृष्टि है। जिसके कारण आप सामान्य प्रयास से ही अपने दुश्मनों को पराजित कर सकते हैं। आपको चाहिए कि आप, अगर किसी को दुश्मन मानते हैं तो उसको पराजित करने हेतु इस सप्ताह आवश्यक रूप से कार्य करें। इस सप्ताह आपके खर्चे में वृद्धि होगी। परंतु यह खर्चा अच्छे कार्यों के लिए ही होगा। धन की आने की मात्रा में कमी आएगी। भाग्य आपका सामान्य से अधिक साथ देगा। दुर्घटनाओं से आपको सतर्क रहने की आवश्यकता है। इस सप्ताह आपके लिए 21, 22 और 23 को अपने प्रतिष्ठा और माताजी के स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। सप्ताह के बाकी दिन ठीक-ठाक हैं। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

कन्या राशि

अगर आप अविवाहित हैं तो इस सप्ताह आपके पास विवाह के अच्छे-अच्छे प्रस्ताव आ सकते हैं। क्योंकि शुक्र आपके सप्तम भाव को उच्च दृष्टि से देख रहा है। धन आने की अच्छी संभावना है। धन के मामले में इस सप्ताह आपको ध्यान देना चाहिए। आपके ध्यान देने से धन की आने की मात्रा में और वृद्धि होगी। भाग्य से इस सप्ताह आपको कोई विशेष लाभ नहीं होगा। आपके संतान को कि सप्ताह थोड़ा लाभ हो सकता है। मंगल द्वारा संतान भाव को उच्च दृष्टि से देखने के कारण आपको संतान से अच्छा सहयोग मिल सकता है। परिवार में आपको छोड़कर बाकी सभी का स्वास्थ्य ठीक-ठाक रहेगा। आपको कुछ स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है। इस सप्ताह आपके लिए 13 और 19 तारीख किसी भी कार्य को करने के लिए अच्छी हैं। 24 और 25 तारीख को आपके भाई बहनों को कष्ट हो सकता है या उनसे आपका तनाव होने की संभावना है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

तुला राशि

द्वादश भाव में नीच के शुक्र बैठे हुए हैं जिसके कारण अगर आप सावधानी से कार्य करेंगे तो कचहरी के कार्यों में आपको सफलता प्राप्त हो सकती है। इस सप्ताह आपके आत्मविश्वास में कमी आ सकती है। लग्न में नीच राशि के सूर्य विराजमान है जो आपके मानसिक तनाव को बढ़ा सकते हैं। दशम भाव में उच्च के गुरु बैठे हुए हैं। जिसके कारण आपको अपने कार्यालय में काफी सहयोग प्राप्त होगा। आपकी संतान को इस सप्ताह कष्ट हो सकता है। संतान का सहयोग भी आपको प्राप्त नहीं हो पाएगा। आपके प्रतिष्ठा में थोड़ी बहुत वृद्धि संभव है। दुर्घटनाओं से आपको बचने का प्रयास करना चाहिए। आपके माता जी को आपको छोड़कर के आपके पूरे परिवार का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। इस सप्ताह आपके लिए 21 22 और 23 तारीख कार्यों को करने हेतु अनुकूल है। 24 और 25 तारीख को आपको धन के मामले में सतर्क रहना चाहिए। 20 तारीख को आपको किसी भी कार्य को करने के पहले पूरी सावधानी बरतना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन भगवान शिव का दूध और जल से अभिषेक करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

वृश्चिक राशि

इस सप्ताह कचहरी के कार्यों में आपके प्रयास के कारण सफलता का योग है। द्वादश भाव में बैठे सूर्य आपको कर्ज और कचहरी के कार्यों में सफलता दिला सकते हैं। लाभ भाव में नीच के शुक्र बैठे हुए हैं। जिसके कारण व्यापार में आपको कम लाभ होगा। व्यापार के मामले में आपको इस सप्ताह सतर्क रहना चाहिए। भाग्य से आपको इस सप्ताह अच्छा सहयोग प्राप्त हो सकता है। आपको अपने संतान से भी सहयोग प्राप्त होगा। भाई बहनों से आपको मिश्रित संबंध रहेंगे अर्थात किसी से अच्छे और किसी भाई या बहन से बुरे। शत्रुओं को इस सप्ताह आप आसानी से हरा सकते हैं। इस सप्ताह आपके लिए कोई भी दिन बहुत अच्छा नहीं है। 24 और 25 तारीख को आपके आत्मविश्वास में कमी आ सकती है। आपको मानसिक क्लेश हो सकता है। 21, 22 और 23 तारीख को आपको कार्यों को करने के प्रति सतर्क रहना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन चावल का दान करें और शुक्रवार को मंदिर में जाकर पुजारी जी को सफेद वस्त्र दान में दें। सप्ताह का शुभ दिन सोमवार है।

धनु राशि

इस सप्ताह आपके लाभ भाव में सूर्य बैठकर नीच भंग राजयोग बना रहे हैं। इस राज योग के कारण आपके व्यापार में लाभ की मात्रा में वृद्धि होगी। धन आने की संभावना भी है। भाग्य से आपको सामान्य लाभ होगा। दुर्घटनाओं से आप बच जाएंगे। आपके माता जी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। आपके या आपके जीवन साथी में से किसी एक के स्वास्थ्य में थोड़ी दिक्कत आ सकती है। पिताजी का स्वास्थ्य कम ठीक रहेगा। अगर आप अधिकारी या कर्मचारी हैं तो आपको अपने कार्यालय में थोड़ी बहुत परेशानी आ सकती है। इस सप्ताह आपके लिए 20 और 26 तारीख कार्यों को करने के लिए फलदाई है। 24 और 25 तारीख को आपको कचहरी के मामले में सफलता मिल सकती है। परंतु यह सफलता आपको तभी मिलेगी जब आप सतर्क रहेंगे। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन रुद्राष्टक का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

मकर राशि

अगर आप अधिकारी या कर्मचारी हैं तो यह सप्ताह आपके लिए उत्तम रहेगा। दशम भाव में बैठकर नीच का सूर्य आपको सफलता दिलाएगा। कार्यालय के कार्यों में आपको सफलता मिलेगी। आपको अपने साथियों का अच्छा सहयोग भी प्राप्त होगा। भाग्य भाव में भी नीच का शुक्र बैठा हुआ है। यह भी नीच भंग राजयोग बना रहा है। जिसके कारण भाग्य से भी आपको सफलता प्राप्त हो सकती है। भाई बहनों के साथ संबंध सामान्य रहेंगे। अगर आप अविवाहित हैं तो इस वर्ष आपके विवाह के अच्छे प्रस्ताव आएंगे। ऐसा सप्तम भाव में बैठे गुरु के कारण होगा। आपको अपने संतान से सामान्य रूप से सहयोग प्राप्त होगा। आपके क्रोध की मात्रा बढ़ सकती है। आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि संभव है। इस सप्ताह आपके लिए 21, 22 और 23 तारीख किसी भी कार्य को करने के लिए लाभकारी है। 24 और 25 तारीख को आपके व्यापार में लाभ हो सकता है। इसी तारीख में आपको धन लाभ भी हो सकता है। 26 तारीख को आपको सतर्क रहकर कोई भी कार्य करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन शिव पंचाक्षर मंत्र का जाप करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

कुंभ राशि

अगर आप सावधान रहेंगे और सतर्कता के साथ कार्य करेंगे तो आप कचहरी के कार्यों में इस सप्ताह सफल हो सकते हैं। भाग्य से आपको इस सप्ताह कम मदद प्राप्त होगी। भाग्य के भरोसे ना रहे। अपने परिश्रम पर विश्वास करें। व्यापार में आपको लाभ हो सकता है। आप या आपके जीवन साथी दोनों में से किसी एक का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। माता और पिता जी का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। भाई बहनों के साथ संबंध ठीक रह सकते हैं। धन आने में कमी हो सकती है। इस सप्ताह 24 और 25 तारीख को आपको कार्यालय के मामले में सावधानी बरतना चाहिए। अगर आप अधिकारी या कर्मचारी हैं तो आपको यह सतर्कता ज्यादा बरतनी पड़ेगी। व्यापारियों को व्यापार में लाभ हो सकता है। 20 तारीख को आपको कोई भी कार्य करने के पहले पूर्ण सतर्कता बरतना आवश्यक है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गायत्री मंत्र का जाप करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

मीन राशि

इस सप्ताह आपके संतान भाव में अपनी उच्च राशि में गुरुदेव विराजमान है। यह आपके संतान के लिए काफी उत्तम रहेगा। संतान का आपको पूर्ण सहयोग भी प्राप्त होगा। अष्टम भाव में नीच राशि में सूर्य देव बैठे हुए हैं। जिसके कारण आपको एक्सीडेंट आदि में बचाव होगा। परंतु फिर भी आपको दुर्घटनाओं के मामले में सतर्क रहना चाहिए। अविवाहित जातकों के लिए यह सप्ताह ठीक हो सकता है। विवाह के थोड़े बहुत प्रस्ताव आ सकते हैं। पारिवारिक स्वास्थ्य के संबंध में मै यह कहना चाहूंगा कि आपके जीवनसाथी को छोड़कर परिवार में अन्य सभी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। जीवनसाथी को थोड़ी बहुत स्वास्थ्य की समस्या हो सकती है। भाग्य इस सप्ताह सामान्य रूप से ही आपका साथ देगा। अर्थात ना तो बहुत ज्यादा साथ देगा और ना भाग्य की वजह से आपका कोई कार्य रुकेगा। इस सप्ताह आपके लिए 20 और 26 तारीख कार्यों को करने के लिए उचित हैं। 21 , 22 और 23 तारीख को आपको कोई भी कार्य सतर्क रहकर करना चाहिए। 24 और 25 तारीख को आपको अपने भाग्य पर बिल्कुल विश्वास नहीं करना चाहिए। बल्कि आपको अपने परिश्रम पर विश्वास करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन शिव पंचाक्षर स्त्रोत का पाठ करें। जिससे आपको भगवान शिव की कृपा प्राप्त हो सके। सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

 

सभी राशियों के जातकों के कष्टों को दूर करने के लिए मैं एक आसान और शत-शत फल देने वाला उपाय बताता हूं। अगर आप ज्यादा तकलीफ में हैं तो आपको चाहिए कि आप मेरी पुस्तक नासे रोग हरे सब पीरा में दिए गए हनुमान चालीसा के मंत्रों का संपुट पाठ करें और हनुमान जी की कृपा से अपने दुखों को समाप्त कर सुख प्राप्त करें।

ध्यान दें कि यह सामान्य भविष्यवाणी है। अगर आप व्यक्तिगत और सटीक भविष्वाणी जानना चाहते हैं तो आपको मुझसे दूरभाष पर या व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाना चाहिए। मां शारदा से प्रार्थना है या आप सदैव स्वस्थ सुखी और संपन्न रहें।

 राशि चिन्ह साभार – List Of Zodiac Signs In Marathi | बारा राशी नावे व चिन्हे (lovequotesking.com)

निवेदक:-

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

(प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ और वास्तु शास्त्री)

सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, मध्यप्रदेश विद्युत् मंडल 

संपर्क – साकेत धाम कॉलोनी, मकरोनिया, सागर- 470004 मध्यप्रदेश 

मो – 8959594400

ईमेल – 

यूट्यूब चैनल >> आसरा ज्योतिष 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (6 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2025) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

विज्ञान की अन्य विधाओं में भारतीय ज्योतिष शास्त्र का अपना विशेष स्थान है। हम अक्सर शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त, शुभ विवाह के लिए सर्वोत्तम कुंडली मिलान आदि करते हैं। साथ ही हम इसकी स्वीकार्यता सुहृदय पाठकों के विवेक पर छोड़ते हैं। हमें प्रसन्नता है कि ज्योतिषाचार्य पं अनिल पाण्डेय जी ने ई-अभिव्यक्ति के प्रबुद्ध पाठकों के विशेष अनुरोध पर साप्ताहिक राशिफल प्रत्येक शनिवार को साझा करना स्वीकार किया है। इसके लिए हम सभी आपके हृदयतल से आभारी हैं। साथ ही हम अपने पाठकों से भी जानना चाहेंगे कि इस स्तम्भ के बारे में उनकी क्या राय है ? 

☆ ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (6 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2025) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

जय श्री राम। कबीर दास जी का एक दोहा बहुत प्रसिद्ध है,

कबीरा खड़ा बाजार में, मांगे सबकी खैर,

ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर”

जिसका अर्थ है कि संत कबीर दास इस संसार (बाजार) में सबके लिए सुख-समृद्धि की कामना करते हैं, लेकिन उनकी न तो किसी से गहरी दोस्ती है और न ही किसी से दुश्मनी है.। इसी प्रकार मैं भी सभी आप सभी के सुख समृद्धि की कामना करता हूं और और इसी कामना के साथ मैं पंडित अनिल पाण्डेय आपके पास 6 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2025 तक के सप्ताह के साप्ताहिक राशिफल को आपको बताने जा रहा हूं।

सबसे पहले आप सभी को शरद पूर्णिमा की बधाई। इसी प्रकार से सभी माता बहनों को करवा चौथ की बधाई। यह सप्ताह शरद पूर्णिमा के साथ प्रारंभ हो रहा है और कर स्कंद षष्टी व्रत के साथ समाप्त हो रहा है। इस सप्ताह सूर्य कन्या राशि में मंगल और बुध तुला राशि में गुरु मिथुन राशि में वक्री शनि मीन राशि में और वक्री राहु कुंभ राशि में रहेंगे। शुक्र प्रारंभ में सिंह राशि में रहेंगे तथा 9 अक्टूबर के 11:34 दिन से कन्या राशि में प्रवेश करेंगे।

आईये अब राशिवार राशिफल की चर्चा करते हैं।

मेष राशि

इस सप्ताह आपके शत्रुओं को आपसे पराजित होना पड़ेगा। मगर इसके लिए आपको भी प्रयास करना होगा। व्यापार में उन्नति होगी। कर्मचारियों की स्थिति अपने कार्यालय में सामान्य रहेगी। आपको अपने संतान से सहयोग प्राप्त होगा। भाई बहनों के साथ संबंध ठीक नहीं रह पाएंगे। आपके परिवार जनों का स्वास्थ्य सामान्य तौर पर ठीक रहेगा। आपके और आपके जीवनसाथी के स्वास्थ्य में मामूली समस्या आ सकती है। 10 और 11 अक्टूबर को आपके पास धन आने का योग बन रहा है। अगर आप ढंग से प्रयास करेंगे तो 10 और 11 अक्टूबर को आपके पास धन आ सकता है। छात्रों की पढ़ाई में सामान्य गति रहेगी। आपका भाग्य आपका साथ देगा, परंतु आपको अपने परिश्रम पर ज्यादा विश्वास करना चाहिए। इस सप्ताह आपके लिए 8 और 9 अक्टूबर कार्यों को करने के लिए उपयुक्त हैं। 6 और 7 अक्टूबर को आपके कार्यों के प्रति सतर्क रहना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन काले कुत्ते को तंदूर की रोटी खिलाएं। सप्ताह का शुभ दिन बृहस्पतिवार है।

वृष राशि

इस सप्ताह आपको अपने पुत्र से सहयोग प्राप्त होगा। आपको अपनी कन्या से इस सप्ताह सहयोग प्राप्त नहीं हो पाएगा। कन्या का स्वास्थ्य भी थोड़ा खराब हो सकता है। छात्रों के पढ़ाई सामान्य गति से चलेगी। आपका और आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। पिताजी के स्वास्थ्य में समस्या आ सकती है। आपको दुर्घटनाओं से और कार चलाते समय सतर्क रहना चाहिए। धन आने की उम्मीद की जा सकती है परंतु धन गलत रास्ते से आएगा। भाई बहनों के साथ संबंध सामान्य रहेंगे। सतर्कता से कार्य करने पर कचहरी के कार्यों में सफलता मिल सकती है। भाग्य आपका साथ दे सकता है। इस सप्ताह आपके लिए 10 और 11 तारीख कार्यों को संपन्न करने के लिए उत्तम है। 8 और 9 तारीख को आपको सावधानी पूर्वक कार्यों को अंजाम देना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन शुक्रवार है।

मिथुन राशि

इस सप्ताह आपके द्वारा थोड़ा सा प्रयास करने से ही आपके सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। अतः आपको अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के लिए आवश्यक प्रयास करना चाहिए। इस सप्ताह आपको अपने परिश्रम पर विश्वास करना चाहिए, भाग्य पर नहीं। क्योंकि भाग्य से इस सप्ताह आपको कोई विशेष मदद प्राप्त नहीं हो पाएगी। आपको अपने संतान से सहयोग मिल सकता है। व्यापार ठीक चलेगा। आपके जीवन साथी और माता जी का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। आपके स्वास्थ्य में थोड़ी परेशानी हो सकती है। कर्मचारियों की अपने कार्यालय में स्थिति सामान्य रहेगी। व्यवसाईयों को भी अपने व्यवसाय में थोड़ा लाभ मिल सकता है। इस सप्ताह गुरु और चंद्र के योग के कारण 12 अक्टूबर को आपके कुंडली के गोचर में गज केसरी योग बन रहा है। यह योग आपको अपने दुश्मनों से जीत दिलाएगा। यही योग 12 तारीख के अलावा 6 और 7 तारीख को भी बन रहा है। 6 और 7 तारीख को आपको अपने व्यवसाय में लाभ हो सकता है। 6, 7 और 12 तारीख को आपको अपने कार्यों में भी सफलता प्राप्त होगी। 10 और 11 तारीख को आपको सचेत रहकर कार्यों को करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

कर्क राशि

इस सप्ताह आपके परिवार जनों का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। माता जी के स्वास्थ्य में रक्त संबंधी कोई परेशानी हो सकती है। आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि संभव है परंतु उसमें एक व्यक्ति बाधक हो सकता है। कर्मचारियों को अपने कार्यालय में सहयोग प्राप्त होगा। कार चलाते समय सावधान रहने का कष्ट करें। दुर्घटनाओं से बचने का प्रयास करें। भाग्य से मदद मिलने की संभावना है। कचहरी के कार्यों में रिस्क नहीं लेना चाहिए। धन प्राप्त करने के लिए आपको विशेष प्रयास करने होंगे। आपको शत्रुओं से समझौता होने की उम्मीद है। आपके जीवनसाथी को इस सप्ताह सफलताएं मिल सकती हैं। इस सप्ताह आपके लिए 8 और 9 अगस्त कार्यों को करने के लिए अनुकूल हैं। आपको चाहिए कि आप इस सप्ताह प्रतिदिन काली उड़द के दाल का दान करें। शनिवार को शनि मंदिर में जाकर शनि देव की पूजा अर्चना करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

सिंह राशि

अविवाहित जातकों के लिए यह सप्ताह ठीक-ठाक रहेगा। उनके विवाह के प्रस्ताव आएंगे। अगर अंतर्दशा और प्रत्यांतर दशा ठीक रही तो विवाह तय हो सकता है। इस सप्ताह आपके माताजी और पिताजी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। आपके भाग्य भाव पर मंगल की दृष्टि है, जिसके कारण भाग्य से आपको कुछ मदद मिल सकती है। अगर आपके एक से ज्यादा भाई बहन हैं तो एक भाई या बहन से आपके संबंध इस सप्ताह ठीक रहेंगे। बाकी से तनाव हो सकता है। अगर आप कर्मचारी अधिकारी हैं तो आपको अपने सहकर्मियों के साथ थोड़ा सतर्क रहना चाहिए। इस सप्ताह आपको अपने सहकर्मियों से ठीक-ठाक सहयोग मिल सकता है। द्वितीय भाव में सूर्य बैठे हुए हैं जिसके कारण आपके पास थोड़ा बहुत धन आ सकता है। इस सप्ताह आपके लिए 10 और 11 तारीख कार्यों को करने के लिए लाभदायक है। 12 तारीख को धन प्राप्त होने की उम्मीद की जा सकती है। 12 तारीख को ही आपके संतान को लाभ प्राप्त हो सकता है। 6 और 7 तारीख को आपको सावधान रहकर के कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप लाल मसूर की दाल का दान करें और मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर में जाकर कम से कम तीन बार हनुमान चालीसा का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

कन्या राशि

इस सप्ताह आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। बड़े हुए आत्मविश्वास के कारण आप कई ऐसे कार्यों को करने में सफल रहेंगे जो कि आप पहले नहीं कर सके थे। इस सप्ताह आपकी कुंडली के गोचर में 6, 7 और 12 अक्टूबर को गुरु और चंद्र की स्थिति के कारण गजकेसरी योग बन रहा है। इस गज केसरी योग के कारण 6, 7 और 12 तारीख को आपको राज्य के कार्यों में सफलता मिल सकती है। पिताजी के स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। इसके अलावा अगर आप अधिकारी या कर्मचारी हैं तो आपको अपने कार्यालय में अच्छा सहयोग एवं सफलता मिलेगी। कचहरी के कार्यों में इस सप्ताह आप सावधान रहें। किसी प्रकार का कोई रिस्क ना लें। इस सप्ताह आपके पास धन आने का भी योग है। भाग्य का भी थोड़ा बहुत सहयोग मिलेगा। आपको अपने संतान से भी उत्तम सहयोग मिल सकता है। छात्रों की पढ़ाई अच्छी चलेगी। दुर्घटनाओं से आप बचेंगे। आपके शत्रु शांत रहेंगे। इस सप्ताह आपके लिए 6 सात और 12 तारीख कार्यों को करने के लिए फलदाई है। 8 और 9 तारीख को आपको बड़े सावधानी पूर्वक कार्य करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन चावल का दान करें और शुक्रवार को मंदिर में जाकर पुजारी जी को सफेद वस्त्रो का दान दें। इस सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

तुला राशि

इस सप्ताह आपके प्रयासों के कारण आपको कचहरी के कार्यों में थोड़ी बहुत सफलता मिल सकती है। कर्ज में कमी भी संभव है। आपका व्यापार उत्तम चलेगा। परंतु आपको थोड़ा बहुत शारीरिक कष्ट हो सकता है। धन आने की मात्रा में कमी आ सकती है। आपको अपने संतान से सहयोग प्राप्त नहीं हो पाएगा। दुर्घटनाओं से आपको बचने का प्रयास करना चाहिए। आपके सामाजिक प्रतिष्ठा में आपके प्रयासों के कारण वृद्धि हो सकती है। इस सप्ताह आपको भाग्य के स्थान पर अपने परिश्रम पर विश्वास करना चाहिए। आपको छोड़कर आपके परिवार के अन्य लोगों का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। आपकी संतान को भी थोड़ा कष्ट हो सकता है। इस सप्ताह आपके लिए 8 और 9 अक्टूबर सफलता दायक हैं। सप्ताह के बाकी दिनों में आपको सावधान रहकर कार्य करने की आवश्यकता है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन भगवान शिव का दूध और जल से अभिषेक करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

वृश्चिक राशि

इस सप्ताह आपका और आपके जीवनसाथी के स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। इस सप्ताह आपके पास आने वाले धन की मात्रा में भी वृद्धि होगी। आपके पेट में थोड़ा कष्ट हो सकता है। आपके संतान को सुख प्राप्त होगा। संतान से आपको अच्छा सहयोग भी प्राप्त हो सकता है। छात्रों की पढ़ाई ठीक-ठाक चलेगी। आपके पिताजी को थोड़ा कष्ट हो सकता है। अगर आप अधिकारी या कर्मचारी हैं तो आपको अपने कार्यालय में सहयोगियों से कम सहयोग प्राप्त होगा। इस सप्ताह आपके लिए 10 और 11 अक्टूबर सफलता दायक हैं। 8, 9 तथा 12 तारीख को आपको कोई भी कार्य करने के पहले पूरी सावधानी बरतना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन रुद्राष्टक का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

धनु राशि

इस सप्ताह आपका स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। आपके परिवार में अन्य लोगों के स्वास्थ्य में थोड़ी तकलीफ हो सकती है। भाग्य आपका साथ देगा। लंबी यात्रा का योग भी बन सकता है। व्यवसाय में उन्नति होगी। धन आने का योग है। अधिकारी और कर्मचारी भाइयों के लिए उनके कार्यालय में सहयोग प्राप्त होगा। इस सप्ताह आपकी कुंडली के गोचर में नीच भंग राजयोग तथा गजकेसरी योग बन रहा है। इन दोनों के कारण आपको राजकीय कार्यों में पूर्ण सफलता प्राप्त हो सकती है। विशेष कर 6, 7 और 12 अक्टूबर को। इन तारीखों का उपयोग आपको अपने कार्यों को सफल बनाने के लिए भी करना चाहिए। आपको चाहिए कि आप 10 और 11 तारीख को कोई भी कार्य करने के पहले पूरी योजना बनाएं और हर तरह की सावधानी रखें। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन शिव पंचाक्षर मंत्र का जाप करें। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

मकर राशि

शुक्र के नीच राशि में तथा बुध के दशम भाव में होने के कारण भाग्य भाव में नीच भंग राजयोग निर्मित हो रहा है। इस कारण से इस सप्ताह आपको भाग्य से मदद मिलने की पूर्ण उम्मीद है। राजकीय कार्यों में आपको सफलता मिल सकती है। जो जातक अधिकारी या कर्मचारी हैं उनको अपने सहयोगों से सहयोग प्राप्त हो सकता है। भाई और बहनों के साथ संबंध सामान्य रहेंगे। आपके आंख में थोड़ी पीड़ा हो सकती है। आपका और आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य ठीक-ठाक रहना चाहिए। इस सप्ताह आपके लिए 8 और 9 अक्टूबर कार्यों को करने हेतु फलदायक हैं। 12 अक्टूबर को आपको सावधान रहकर कार्यों को करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप शिव पंचाक्षरी स्त्रोत का प्रतिदिन पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

कुंभ राशि

इस सप्ताह आपको अपने भाग्य से थोड़ी बहुत मदद मिल सकती है। दुर्घटनाओं से आप बचेंगे। आपके या आपके जीवन साथी के स्वास्थ्य में थोड़ी सी खराबी आ सकती है। आपके माता जी और पिताजी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। छात्रों की पढ़ाई में बाधा पड़ सकती है। इस सप्ताह आपको अपने संतान से कोई विशेष सहयोग प्राप्त नहीं होगा। कचहरी के कार्यों में आपके विशेष प्रयासों के कारण सफलता प्राप्त हो सकती है। भाई बहनों के साथ संबंध ठीक रह सकते हैं। इस सप्ताह आपके लिए 10 और 11 अक्टूबर कार्यों को करने के लिए उचित है। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक-ठाक हैं। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गायत्री मंत्र का जाप करें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

मीन राशि

अगर आप अविवाहित हैं तो इस सप्ताह आपके पास विवाह के उत्तम प्रस्ताव आएंगे। इस सप्ताह आपकी कुंडली के गोचर में नीचभंग राजयोग तथा गजकेसरी योग दोनों निर्मित हो रहे हैं। दोनों ही योग उच्च कोटि के हैं। इन दोनों योगों के कारण आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि संभव है। साथ ही व्यवसाय में तरक्की होगी और अविवाहितों के लिए विवाह के तय होने के अवसर आ सकते हैं। इस सप्ताह आपको दुर्घटनाओं से बहुत सतर्क रहना चाहिए। अधिकारी और कर्मचारियों को उनके कार्यालय में अच्छा सहयोग प्राप्त होगा। भाग्य से कोई विशेष मदद प्राप्त नहीं हो पाएगी। इस सप्ताह आपके लिए 6, 7 और 12 तारीख कार्यों को करने के लिए लाभदायक है। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक-ठाक हैं। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

ध्यान दें कि यह सामान्य भविष्यवाणी है। अगर आप व्यक्तिगत और सटीक भविष्वाणी जानना चाहते हैं तो आपको मुझसे दूरभाष पर या व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाना चाहिए। मां शारदा से प्रार्थना है या आप सदैव स्वस्थ सुखी और संपन्न रहें। जय मां शारदा।

 राशि चिन्ह साभार – List Of Zodiac Signs In Marathi | बारा राशी नावे व चिन्हे (lovequotesking.com)

निवेदक:-

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

(प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ और वास्तु शास्त्री)

सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, मध्यप्रदेश विद्युत् मंडल 

संपर्क – साकेत धाम कॉलोनी, मकरोनिया, सागर- 470004 मध्यप्रदेश 

मो – 8959594400

ईमेल – 

यूट्यूब चैनल >> आसरा ज्योतिष 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (22 सितंबर से 28 सितंबर 2025) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

विज्ञान की अन्य विधाओं में भारतीय ज्योतिष शास्त्र का अपना विशेष स्थान है। हम अक्सर शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त, शुभ विवाह के लिए सर्वोत्तम कुंडली मिलान आदि करते हैं। साथ ही हम इसकी स्वीकार्यता सुहृदय पाठकों के विवेक पर छोड़ते हैं। हमें प्रसन्नता है कि ज्योतिषाचार्य पं अनिल पाण्डेय जी ने ई-अभिव्यक्ति के प्रबुद्ध पाठकों के विशेष अनुरोध पर साप्ताहिक राशिफल प्रत्येक शनिवार को साझा करना स्वीकार किया है। इसके लिए हम सभी आपके हृदयतल से आभारी हैं। साथ ही हम अपने पाठकों से भी जानना चाहेंगे कि इस स्तम्भ के बारे में उनकी क्या राय है ? 

☆ ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (22 सितंबर से 28 सितंबर 2025) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

 समय बड़ा अद्भुत है कहा गया है:-

समय का ही तो खेल है, सारा जग इससे चलता, कोई राजा, कोई रंक, सब इसके आगे झुकता।

जो इसका है साथी, वही जीवन में फलता, वक्त की कदर कर, हर अवसर को जो है पकड़ता।

समय का सम्मान करनाआवश्यक है। इसके अलावा अच्छे और बुरे समय की पहचान करना भी आवश्यक है। मैं पंडित अनिल पाण्डेय आज आपको आपकी राशि फल के माध्यम से 22 सितंबर से 28 सितंबर 2025 तक के आपके अच्छे और बुरे दिनों के बारे में बताऊंगा।

यह सप्ताह अत्यंत ही पवित्र है सप्ताह का प्रारंभ नवरात्रि के प्रथम दिन अर्थात घटस्थापना से हो रहा है। मां शारदा से मेरी प्रार्थना है कि आप सभी पर उनकी कृपा दृष्टि सदैव रहे।

इस पूरे सप्ताह सूर्य और बुध कन्या राशि में, मंगल तुला राशि में, गुरु मिथुन राशि में, शुक्र सिंह राशि में, वक्री शनि मीन राशि में और बक्री राहु कुंभ राशि में गोचर करेंगे।

आईये अब हम राशिवार राशिफल की चर्चा करते हैं।

मेष राशि

सबसे पहले मैं आपको आपके परिवार के स्वास्थ्य के बारे में बताऊंगा। इस सप्ताह आपके परिवार के अधिकांश सदस्यों का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। आपकी संतान और जीवनसाथी के स्वास्थ्य में समस्या हो सकती है। इस कारण आपको अपने संतान से कम सहयोग मिल पाएगा। छात्रों को इस सप्ताह आपने पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए क्योंकि उनके शिक्षा में बाधा पड़ सकती है। आपको अपने शत्रुओं को समाप्त करने के लिए इस सप्ताह थोड़ा विशेष प्रयास करना चाहिए। जिससे आपके शत्रुओं की संख्या कम हो सके। इस सप्ताह आपके लिए 24, 25 और 26 के दोपहर तक का समय कार्यों को करने के लिए लाभदायक है। सप्ताह के बाकी दिन आपको सतर्क रहना चाहिए। 26 27 और 28 को आप दुर्घटनाओं से बच जाएंगे। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन भगवान शिव का अभिषेक करें। सप्ताह का शुभ दिन बृहस्पतिवार है।

वृष राशि

यह सप्ताह आपके संतान के लिए अत्यंत उत्तम है। आपको अपने संतान से अच्छा सहयोग मिलेगा। संतान को विभिन्न कार्यों में सफलताएं भी प्राप्त हो सकती हैं। आपको अपने शत्रुओं को समाप्त करने के लिए इस सप्ताह विशेष प्रयास करना चाहिए। आपके थोड़े से प्रयास से ही आपके शत्रु समाप्त हो सकते हैं। अपने कार्य क्षेत्र में आपको सतर्क रहना चाहिए। व्यर्थ के बाद विवाद के कारण आपके बनते काम बिगड़ सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा के प्रति आपको सावधान रहना चाहिए। चौथे भाव में बैठा शत्रु राशि में शुक्र सामाजिक प्रतिष्ठा में बाधक है। इस पूरे सप्ताह आपको सावधान रहकर कार्य करना चाहिए। 26 27 और 28 तारीख में आपके जीवनसाथी को कुछ प्राप्त हो सकता है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन चावल का दान करें तथा शुक्रवार को मंदिर में जाकर पुजारी जी को सफेद वस्तुओं का दान दें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

मिथुन राशि

इस सप्ताह परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य में गरम-गरम लगा रहेगा। आपको अपने कार्य क्षेत्र में इस सप्ताह अपने सहयोगियों से कम सहयोग प्राप्त होगा। चतुर्थ भाव में बैठा सूर्य और बुध आपको व्यवसाय में सफलता दिलाएंगे तथा समाज में आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि करेंगे। इस सप्ताह भाग्य से किसी प्रकार के सहयोग की विशेष उम्मीद ना रखें। भाग्य से आपको बहुत मामूली सहयोग प्राप्त हो पाएगा। आपको कोई भी कार्य अपने अपने परिश्रम से संपन्न करने की इच्छा होनी चाहिए। इस सप्ताह आपके लिए 22 और 23 तारीख कार्यों को करने के लिए उपयुक्त है। 26, 27 और 28 तारीख को अगर आप रोग से ग्रस्त हैं तो आपका रोग ठीक हो सकता है। इसी तारीख में आप अपने शत्रुओं को भी पराजित कर सकते हैं। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन काले कुत्ते को तंदूर की रोटी खिलाएं। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

कर्क राशि

इस सप्ताह आपके परिवार के लोगों का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आपको थोड़ा माता जी के स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहना चाहिए। इस सप्ताह आपके क्रोध में थोड़ी वृद्धि होगी। उस पर आपको कंट्रोल रखना चाहिए। भाई बहनों के साथ संबंध ठीक-ठाक रहेंगे। धन आने की कोई बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं है। भाग्य से साधारण मदद प्राप्त हो पाएगी। व्यापार अच्छा चलेगा। आपके जीवन साथी के सुख में वृद्धि होगी। इस सप्ताह आपके लिए 24 25 और 26 की दोपहर तक का समय किसी भी कार्य को करने के लिए लाभदायक है। 26 की दोपहर के बाद से एवं 27 तथा 28 तारीख को आपकी संतान को कुछ प्राप्त हो सकता है। क्योंकि इन तारीखों में चंद्रमा संतान भाव में नीच भंग राजयोग बना रहा है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन लाल मसूर की दाल का दान करें तथा मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर में जाकर हनुमान जी की पूजा अर्चना करें। हनुमान चालीसा का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवारहै।

सिंह राशि

अगर आप अविवाहित हैं तो इस सप्ताह विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं। द्वितीय भाव में बैठे उच्च के बुद्ध के कारण इस सप्ताह आपके धन में वृद्धि भी होगी। थोड़ा सा प्रयास करने पर आपके पास ज्यादा मात्रा में धन आ सकता है। परंतु बगैर प्रयास किए धन आने के मार्ग में बाधायें हैं। परिवार में आपको या आपके जीवनसाथी को शारीरिक कष्ट हो सकता है। दुर्घटनाओं से सावधान रहने का प्रयास करें। गाड़ी चलाते समय व्यर्थ का जोखिम न लें। इस सप्ताह आपके लिए सप्ताह के सभी दिन एक जैसे हैं, परंतु 26, 27 एवं 28 को अगर आप प्रयास करेंगे तो आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। माताजी को लाभ भी हो सकता है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें तथा गुरुवार को पीले वस्त्र धारण करें। सप्ताह का शुभ दिन सोमवार है।

कन्या राशि

इस सप्ताह आपका आत्मविश्वास अत्यंत अच्छा रहेगा। आत्मविश्वास के कारण आप बहुत सारे कार्यों को संपन्न कर सकते हैं। व्यापार में आपको बहुत सतर्क रहने की आवश्यकता है अन्यथा आपका पार्टनर या नौकर आपको धोखा दे सकता है। आपको अपने कार्य क्षेत्र में सावधान रहना चाहिए। सहयोगियों से आपको बहुत कम मदद मिलेगी। कचहरी के कार्यों में आपको किसी प्रकार का कोई रिस्क नहीं लेना चाहिए। भाई बहनों के साथ संबंध सामान्य रहेंगे। भाग्य से सामान्य मदद ही प्राप्त हो पाएगी। परिवार में स्वास्थ्य की दिक्कत हो सकती है। इस सप्ताह आपके लिए 22 और 23 तारीख कार्यों को करने के लिए उपयुक्त है। सप्ताह के बाकी दिन ठीक-ठाक हैं। 26, 27 और 28 को आपको अपने क्रोध पर अत्यंत नियंत्रण रखना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

तुला राशि

इस सप्ताह आपको कचहरी के कार्यों में सफलता मिल सकती है। परंतु इसके लिए बहुत सतर्क रहना पड़ेगा। परिवार में आपकी संतान को तथा आपको कष्ट हो सकता है। परिवार के बाकी सदस्यों का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। इस सप्ताह आप भाग्य के भरोसे ना रहे बल्कि स्वयं परिश्रम करें। व्यापार में आपको सतर्क रहकर कार्य करना चाहिए। आपके शत्रु इस सप्ताह शांत रहेंगे, परंतु जिंदा रहेंगे। अगर आप प्रयास करेंगे तो मंगल की उच्च दृष्टि के कारण आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। अगर आप अधिक प्रयास करेंगे तो आप अपने शत्रुओं को पराजित कर सकते हैं। इस सप्ताह आपके लिए 24, 25 और 26 की दोपहर तक का समय कार्यों को करने के लिए शुभ है। 22 और 23 तारीख को आपको सतर्क रहकर कार्यों को करना चाहिए। 26, 27 और 28 सितंबर को अगर आप प्रयास करेंगे तो धन की प्राप्ति हो सकती है। 26, 27 और 28 तारीख को चंद्रमा धन भाव में बैठकर नीच भंग राजयोग बना रहा है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

वृश्चिक राशि

इस सप्ताह आपके लाभ भाव में उच्च के बुध तथा सूर्य देव विराजमान है। जिनके कारण आपको व्यापार में लाभ होगा तथा व्यापार में कई सफलताएं मिल सकती हैं। अतः आपको चाहिए कि आप इस सप्ताह अपने व्यापार की उन्नति के लिए सभी तरह के प्रयास करें। कचहरी के कार्यों में आपको सावधान रहने की आवश्यकता है। कार्य क्षेत्र में आपको अपने सहयोगियों से सावधान रहने की आवश्यकता है। भाग्य से सामान्य लाभ मिलेगा। दुर्घटनाओं से आपको सतर्क रहना चाहिए। आपके पेट में पीड़ा हो सकती है। आपकी संतान को सुख प्राप्त हो सकता है। आपको अपनी संतान से सहयोग प्राप्त हो सकता है। आपके माताजी और पिताजी को कष्ट हो सकता है। इस सप्ताह आपके लिए 24, 25 और 26 तारीख को अत्यंत सावधानी पूर्वक कार्यों को करना चाहिए। 27 एवं 28 तारीख को आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन तांबे के पात्र में जल, अक्षत तथा लाल पुष्प लेकर भगवान सूर्य को जल अर्पण करें। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

धनु राशि

इस सप्ताह आपको अपने कार्य क्षेत्र में सहयोगियों से अच्छा सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार में उन्नति होगी। आपको व्यापार संबंधित निर्णय इस सप्ताह आवश्यक रूप से लेने चाहिए। परिवार में सामान्यतः स्वास्थ्य ठीक रहेगा। आपके जीवनसाथी के पेट में थोड़ी समस्या हो सकती है। भाग्य से आपको विशेष सहयोग की अपेक्षा नहीं करना चाहिए। आपको अपने परिश्रम पर विश्वास करना चाहिए। आप इस सप्ताह अपने शत्रुओं के प्रति कठोर रहेंगे तथा उनको समाप्त करने का प्रयास भी कर सकते हैं। इस सप्ताह आपके लिए 22 और 23 सितंबर कार्यों को करने के लिए शुभ है। 26, 27 और 28 सितंबर को आपको कोर्ट कचहरी तथा कर्ज इत्यादि कार्यों में कुछ सफलता मिल सकती है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन काली उड़द का दान करें तथा शनिवार को शनि मंदिर में जाकर शनिदेव का पूजन करें। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

मकर राशि

इस सप्ताह आपकी कुंडली के गोचर के भाग्य भाव में उच्च के बुद्ध तथा सम राशि में सूर्य विद्यमान है। इसके कारण आपको भाग्य से अच्छी मदद मिल सकती है। आपको अपने सहकर्मियों और उच्च अधिकारियों के साथ इस सप्ताह विशेष रूप से अच्छा व्यवहार करना चाहिए। व्यर्थ का और कटु वार्तालाप करने का करने से बचें। दुर्घटनाओं से आपको इस सप्ताह सतर्क रहने का प्रयास करना चाहिए। आपको पेट में कुछ तकलीफ हो सकती है। भाई बहनों के साथ जैसा संबंध चल रहा है वैसा ही चलेगा। आपका स्वास्थ्य जरूर ठीक-ठाक रहेगा। पिताजी के स्वास्थ्य में थोड़ी तकलीफ हो सकती है। आपके माता जी और जीवनसाथी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। इस सप्ताह अगर आप प्रयास करेंगे तो आपके सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। इस सप्ताह आपके लिए 24, 25 और 26 के दोपहर तक का समय कार्यों को करने के लिए लाभकारी है। 26, 27 और 28 को आपको कुछ धन लाभ हो सकता है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें तथा शनिवार को दक्षिण मुखी हनुमान जी के मंदिर में जाकर और हनुमान जी के समक्ष या पास बैठकर कम से कम तीन बार हनुमान चालीसा का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

कुंभ राशि

अगर आप अविवाहित हैं तो इस सप्ताह विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं। अगर विंशोत्री दशा अच्छी है तो विवाह तय हो सकता है। इस सप्ताह आपके परिवार में आपके माताजी और पिताजी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। आपको या आपके जीवनसाथी को कुछ समस्या हो सकती है। छात्रों की पढ़ाई में थोड़ी बाधा पड़ेगी। संतान से आपको कोई विशेष सहयोग प्राप्त नहीं होगा। भाई बहनों के साथ सामान्य संबंध रहेंगे। इस सप्ताह आपको 22 और 23 सितंबर को सावधान रहकर कार्य करना चाहिए। 26, 27 और 28 तारीख को आपको अपने व्यावसायिक कार्यों में या कार्यालय में सफलता मिल सकती है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन शिव पंचाक्षरी मंत्र का जाप करें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

मीन राशि

यह सप्ताह आपके जीवनसाथी के लिए अत्यंत उत्तम है। आपके व्यापार में उन्नति होगी। उच्च के बुध के कारण आपको इस सप्ताह बड़े व्यापारिक निर्णय लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। आपके सामाजिक प्रतिष्ठा में कुछ लोग बाधक बनेंगे। जिनसे तनाव के कारण आपको कष्ट हो सकता है। दुर्घटनाओं से आपको निरंतर बचने का प्रयास करना चाहिए। शत्रु भी आपको परेशान करने का प्रयास कर सकते हैं। इस सप्ताह आपके लिए 22 और 23 सितंबर किसी भी कार्य को करने के लिए अनुकूल है। 24, 25 और 26 तारीख की दोपहर तक आपको अत्यंत सावधानी पूर्वक कार्य करना है। 26, 27 और 28 को आपको भाग्य के सहारे कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन शिव पंचाक्षरी स्त्रोत का पाठ करें तथा भगवान शिव का प्रतिदिन दूध और जल से अभिषेक करें। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

सभी राशियों के जातकों के कष्टों को दूर करने के लिए मैं एक आसान और शत-शत फल देने वाला उपाय बताता हूं। अगर आप ज्यादा तकलीफ में हैं तो आपको चाहिए कि आप मेरी पुस्तक नासे रोग हरे सब पीरा में दिए गए हनुमान चालीसा के मंत्रों का संपुट पाठ करें और हनुमान जी की कृपा से अपने दुखों को समाप्त कर सुख प्राप्त करें।

ध्यान दें कि यह सामान्य भविष्यवाणी है। अगर आप व्यक्तिगत और सटीक भविष्वाणी जानना चाहते हैं तो आपको मुझसे दूरभाष पर या व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाना चाहिए। मां शारदा से प्रार्थना है या आप सदैव स्वस्थ सुखी और संपन्न रहें। जय मां शारदा।

पण्डित अनिल कुमार पाण्डेय राशि चिन्ह साभार – List Of Zodiac Signs In Marathi | बारा राशी नावे व चिन्हे (lovequotesking.com)

निवेदक:-

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

(प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ और वास्तु शास्त्री)

सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, मध्यप्रदेश विद्युत् मंडल 

संपर्क – साकेत धाम कॉलोनी, मकरोनिया, सागर- 470004 मध्यप्रदेश 

मो – 8959594400

ईमेल – 

यूट्यूब चैनल >> आसरा ज्योतिष 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (8 सितंबर से 14 सितंबर 2025) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

विज्ञान की अन्य विधाओं में भारतीय ज्योतिष शास्त्र का अपना विशेष स्थान है। हम अक्सर शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त, शुभ विवाह के लिए सर्वोत्तम कुंडली मिलान आदि करते हैं। साथ ही हम इसकी स्वीकार्यता सुहृदय पाठकों के विवेक पर छोड़ते हैं। हमें प्रसन्नता है कि ज्योतिषाचार्य पं अनिल पाण्डेय जी ने ई-अभिव्यक्ति के प्रबुद्ध पाठकों के विशेष अनुरोध पर साप्ताहिक राशिफल प्रत्येक शनिवार को साझा करना स्वीकार किया है। इसके लिए हम सभी आपके हृदयतल से आभारी हैं। साथ ही हम अपने पाठकों से भी जानना चाहेंगे कि इस स्तम्भ के बारे में उनकी क्या राय है ? 

☆ ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (8 सितंबर से 14 सितंबर 2025) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

जय श्री राम! 

है कौन विघ्न ऐसा जग में,

टिक सके आदमी के मग में?

ख़म ठोंक ठेलता है जब नर

पर्वत के जाते पाव उखड़,

मानव जब जोर लगाता है,

पत्थर पानी बन जाता है।

8 सितंबर से 14 सितंबर 2025 तक के सप्ताह में आपको अपनी ताकत का भरपूर इस्तेमाल कब करना चाहिए, यह बताने के लिए, मैं पंडित अनिल पाण्डेय आज आपके पास इस सप्ताह के साप्ताहिक राशिफल को लेकर प्रस्तुत हूं।

अगर इस सप्ताह आपको तकलीफ की मात्रा ज्यादा लगे तो आपको चाहिए कि आप मेरी पुस्तक नासे रोग हरे सब पीरा में दिए गए हनुमान चालीसा के मंत्रों का संपुट पाठ करें और हनुमान जी की कृपा से अपने दुखों को समाप्त कर सुख प्राप्त करें।

इस सप्ताह सूर्य और बुध सिंह राशि में, गुरु मिथुन राशि में, वक्री शनि मीन राशि में और बाकी राहु कुंभ राशि में गोचर करेंगे। मंगल प्रारंभ में कन्या राशि में रहेगा तथा 13 तारीख के 8:42 रात से तुला राशि में प्रवेश करेगा। शुक्र प्रारंभ में कर्क राशि में रहेगा एवं 14 तारीख के 1:06 रात से सिंह राशि में गोचर करेगा।

आईये अब हम राशिवार राशिफल के बारे में चर्चा करते हैं।

मेष राशि

इस सप्ताह आपके लग्न और सप्तम भाव में कोई ग्रह नहीं है जिसके कारण आपका, आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। चतुर्थ भाव में बैठे शुक्र के कारण आपके पिताजी का स्वास्थ्य भी ठीक-ठाक ही रहेगा। पंचम भाव में मित्र राशि में सूर्य और बुद्ध की विराजमान है विराजमान है जो अत्यंत मजबूत है अतः आपके संतान को सुख प्राप्त होगा। संतान से आपको सहयोग मिलेगा। छात्रों की पढ़ाई अच्छी चलेगी। जरा सा प्रयास करके आप अपने शत्रुओं को इस सप्ताह पराजित कर सकते हैं। भाई बहनों के साथ संबंधों में तनाव आ सकता है। इस सप्ताह आपके लिए 11 और 12 सितंबर किसी भी कार्य को करने के लिए उत्तम है। 9 और 10 सितंबर को आपके कार्यों को करने के लिए अधिक परिश्रम की आवश्यकता होगी। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन चावल का दान करें तथा शुक्रवार को मंदिर में जाकर सफेद वस्तुओं का दान दें। सप्ताह का शुभ दिन बृहस्पतिवार है।

वृष राशि

इस सप्ताह आपका, आपके जीवनसाथी का और माता जी का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। छात्रों की पढ़ाई में बाधा पड़ेगी। आपके पंचम भाव में इस समय शत्रु भाव में मंगल विराजमान है जिसके कारण आपके संतान को कष्ट हो सकता है। दशम भाव में बैठे राहु अपने मित्र राशि में है इसके कारण कार्यालय में आपके द्वारा सहकर्मियों के साथ कटु व्यवहार किया जा सकता है। अतः आपको चाहिए कि आप कार्यालय में अपनी वाणी पर कंट्रोल रखें। आपको अपने उच्च अधिकारियों से लड़ने झगड़ने की प्रवृत्ति से बचना चाहिए। भाई बहनों के साथ तनाव रहेगा। इस सप्ताह आपके लिए 8, 13 और 14 सितंबर कार्यों को करने के लिए अनुकूल हैं। 11 और 12 सितंबर को आपको सावधान रहना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन काले कुत्ते को रोटी खिलाएं। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

मिथुन राशि

इस सप्ताह आपके लग्न में गुरु विराजमान है जो थोड़ा कमजोर हैं। परंतु उनकी दृष्टि सप्तम भाव पर अत्यंत मजबूत है। इसके कारण आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। तृतीय भाव में बैठे सूर्य और बुध के कारण आपका अपने भाई बहनों के साथ संबंध अच्छा रहेगा। नवम् भाव में राहु बैठा है जिसके कारण आपको भाग्य से सहयोग नहीं मिल पाएगा। अतः कोई भी काम करने के लिए आपको अधिक परिश्रम करना पड़ेगा। व्यापार ठीक चलेगा परंतु धन की आने की मात्रा में कमी रहेगी। इस सप्ताह आपके लिए 9 और 10 सितंबर कार्यों को करने के लिए उपयुक्त हैं। 13 और 14 सितंबर को आपको सावधान रहकर कार्यों को करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन काली उड़द का दान करें और शनिवार को शनि मंदिर में जाकर शनि देव का पूजन करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

कर्क राशि

इस सप्ताह आपके माता-पिता जी और जीवनसाथी का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। लग्न में बैठे शुक्र के कारण आपको छोटी-मोटी परेशानी हो सकती है। परंतु यही शुक्र व्यापार में आप को लाभ दिलाएगा। धान भाव में बैठे सूर्य के कारण धन आने की संभावना है। भाई बहनों के साथ संबंधों में तनाव हो सकता है। भाग्य सामान्य रूप से साथ देगा। खर्चो के वृद्धि की भी संभावना है। इस सप्ताह आपके लिए 11 और 12 सितंबर कार्यों को करने के लिए अच्छे हैं। 8 सितंबर को आपको सचेत रहकर कार्यों को करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन लाल मसूर की दाल का दान करें और मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर में जाकर कम से कम तीन बार हनुमान चालीसा का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन बृहस्पतिवार है।

सिंह राशि

लग्न में बैठे बहुत मजबूत सूर्य के कारण इस सप्ताह आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आपका, आपके माता और पिताजी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। इस सप्ताह आपके भाग्य भाव को भाग्य देख रहा है अतः आपको भाग्य से लाभ हो सकता है। अष्टम भाव में बैठा वक्री शनि के कारण आपको दुर्घटनाओं के प्रति सचेत रहना चाहिए। कचहरी के कार्यों में किसी प्रकार का रिस्क ना लें। व्यापार में तेजी आएगी परंतु लाभ सामान्य रहेगा। इस सप्ताह आपके लिए 8 तथा 13 और 14 सितंबर कार्यों को करने के लिए मददगार हैं। 9 और 10 सितंबर को आपको बड़ी सावधानी से कार्यों को निपटाना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

कन्या राशि

द्वादश भाव में इस सप्ताह सूर्य अत्यंत मजबूत स्थिति में है। इस कारण इस सप्ताह प्रयास करने पर आपको कचहरी के कार्यों में सफलता मिल सकती है। आपके जीवनसाथी और आपके माता जी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। लग्न में बैठे मंगल के कारण आपको रक्त संबंधी रोगों से इस सप्ताह सावधान रहना चाहिए। दशम भाव में शत्रु क्षेत्री गुरु विराजमान है। अतः कार्यालय में आपको अपने सहकर्मियों से बहुत कम सहयोग मिलेगा। धन आने की मात्रा में कमी आएगी। भाग्य से आपके सहयोग मिल सकता है। इस सप्ताह आपके लिए 9 और 10 सितंबर कार्यों को करने के लिए लाभदायक है। 8, 11 और 12 सितंबर को आपके कार्यों को करने के लिए अत्यंत सावधानी बरतना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

तुला राशि

इस सप्ताह आपका, आपके जीवनसाथी का और आपकी माता जी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। बुध ग्रह इस सप्ताह अपने मित्र राशि सूर्य के घर में विराजमान है। जिसके कारण आपका व्यापार ठीक चलेगा। व्यापार में अच्छा लाभ होगा। एकादश भाव में बैठकर सूर्य और बुध आपके व्यापार के लाभ में वृद्धि करेंगे। इसके अलावा धन आने की संभावना भी है। अगर आप कर्मचारी या अधिकारी हैं तो आपको अपने सहयोगियों से अच्छा सहयोग नहीं मिल पाएगा। भाग्य से इस सप्ताह आपको कोई विशेष लाभ नहीं होगा। आपके कार्यों को सफल बनाने के लिए अधिक परिश्रम करना पड़ेगा। आपके संतान को कष्ट हो सकता है। इस सप्ताह आपके लिए 11 और 12 सितंबर कार्यों को संपन्न करने के लिए हितवर्धक हैं। सप्ताह के बाकी दिन आपको सावधान रहकर कार्यों को करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन रुद्राष्टक का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन शुक्रवार है।

वृश्चिक राशि

इस सप्ताह आपका, आपके जीवनसाथी का और आपके पिताजी का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। कार्यालय में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आपको अपने अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। धन आने की मात्रा में कमी आएगी, परंतु व्यापार ठीक चलेगा। इस सप्ताह आपके भाग्य भाव में शुक्र बैठा हुआ है। जो की कमजोर स्थिति में है। अतः आपको भाग्य से कोई विशेष लाभ नहीं हो पाएगा। इसी प्रकार संतान भाव में वक्री शनि विराजमान है। इनके कारण आपको अपने संतान से सहयोग प्राप्त नहीं होगा। इस सप्ताह आपके लिए 8 और 13 तथा 14 सितंबर परिणाम दायक हैं। 11 और 12 सितंबर को आपको अपने कार्यों को करने में अधिक परिश्रम करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन शिव पंचाक्षर स्त्रोत का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

धनु राशि

इस सप्ताह आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा। इस सप्ताह आपके भाग्य भाव में सूर्य और बुध विराजमान है जिनके कारण भाग्य से आपको लाभ होगा। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप अपने कार्यों को भाग्य का सहारा लेकर संपन्न करें। कार्यालय में आपको सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त नहीं हो पाएगा। आपको अपने संतान से सहयोग प्राप्त होगा। छात्रों की पढ़ाई ठीक चलेगी। इस सप्ताह आपके लिए 9 और 10 सितंबर कार्यों को करने के लिए फलदायक है। 13 और 14 सितंबर को आपको कार्यों को बड़े ध्यानपूर्वक सावधानी से करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन शिव पंचाक्षर मंत्र का जाप करें। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

मकर राशि

इस सप्ताह आपका, आपके माता जी और पिताजी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। भाई बहनों के साथ भी संबंध सामान्य रहेंगे। धान भाव में राहु है जिसके कारण गलत रास्ते से धन आने का योग है। सप्तम भाव में कमजोर शुक्र बैठा हुआ है जिसके कारण आपके जीवन साथी को थोड़ा कष्ट हो सकता है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप अपने परिश्रम पर विश्वास करें और अपने परिश्रम से ही कार्यों को संपन्न करने का प्रयास करें। भाग्य का सहारा बिल्कुल ना लें। इस सप्ताह आपके लिए 11 और 12 सितंबर कार्यों को करने के लिए लाभकारी है। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक-ठाक है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें तथा शनिवार को दक्षिण मुखी हनुमान जी के मंदिर में जाकर कम से कम तीन बार हनुमान चालीसा का वाचन करें। सप्ताह का शुभ दिन शुक्रवार है।

कुंभ राशि

इस सप्ताह आपके जीवनसाथी माताजी और पिताजी सभी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। आपके जीवन साथी को अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। सूर्य के सप्तम भाव में होने के कारण आपके जीवनसाथी के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। संतान भाव में कमजोर गुरु के होने के कारण इस सप्ताह आपको अपने संतान से कम सहयोग प्राप्त होगा। धन के आने की मात्रा में थोड़ी कमी हो सकती है। आपको दुर्घटनाओं के प्रति सचेत रहना चाहिए। आपको अपने शत्रुओं से भी सावधान रहना चाहिए। इस सप्ताह आपके लिए 8 और 13 तथा 14 सितंबर कार्यों को करने के लिए परिणाम मूलक हैं। सप्ताह के बाकी दिन भी ठीक-ठाक है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गायत्री मंत्र का जाप करें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

मीन राशि

शत्रु भाव में बैठे अत्यंत मजबूत सूर्य के कारण इस सप्ताह आप थोड़े से प्रयासों से ही अपने शत्रुओं को पराजित कर सकते हैं। कचहरी के कार्यों में सावधान रहें। इस सप्ताह आपको अपने संतान से सहयोग प्राप्त नहीं हो पाएगा। आपके जीवनसाथी को रक्त संबंधी कोई समस्या हो सकती है। कार्यालय में आपको अपने साथियों का सहयोग मिल सकता है। आपके माता जी को कष्ट हो सकता है। आपकी प्रतिष्ठा में थोड़ी कमी आ सकती है। इस सप्ताह आपके लिए 9 और 10 सितंबर कार्यों को करने के लिए शुभ है। 8 सितंबर को आपको सावधानी पूर्वक कार्यों को निपटाना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

 ध्यान दें कि यह सामान्य भविष्यवाणी है। अगर आप व्यक्तिगत और सटीक भविष्वाणी जानना चाहते हैं तो आपको मुझसे दूरभाष पर या व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाना चाहिए। मां शारदा से प्रार्थना है या आप सदैव स्वस्थ सुखी और संपन्न रहें। जय मां शारदा।

 राशि चिन्ह साभार – List Of Zodiac Signs In Marathi | बारा राशी नावे व चिन्हे (lovequotesking.com)

निवेदक:-

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

(प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ और वास्तु शास्त्री)

सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, मध्यप्रदेश विद्युत् मंडल 

संपर्क – साकेत धाम कॉलोनी, मकरोनिया, सागर- 470004 मध्यप्रदेश 

मो – 8959594400

ईमेल – 

यूट्यूब चैनल >> आसरा ज्योतिष 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (1 सितंबर से 7 सितंबर 2025) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

विज्ञान की अन्य विधाओं में भारतीय ज्योतिष शास्त्र का अपना विशेष स्थान है। हम अक्सर शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त, शुभ विवाह के लिए सर्वोत्तम कुंडली मिलान आदि करते हैं। साथ ही हम इसकी स्वीकार्यता सुहृदय पाठकों के विवेक पर छोड़ते हैं। हमें प्रसन्नता है कि ज्योतिषाचार्य पं अनिल पाण्डेय जी ने ई-अभिव्यक्ति के प्रबुद्ध पाठकों के विशेष अनुरोध पर साप्ताहिक राशिफल प्रत्येक शनिवार को साझा करना स्वीकार किया है। इसके लिए हम सभी आपके हृदयतल से आभारी हैं। साथ ही हम अपने पाठकों से भी जानना चाहेंगे कि इस स्तम्भ के बारे में उनकी क्या राय है ? 

☆ ज्योतिष साहित्य ☆ साप्ताहिक राशिफल (1 सितंबर से 7 सितंबर 2025 ) ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

जय श्री राम। माह सितंबर के बारे में देवयानी भारद्वाज जी की एक कविता है जिसमें वे लिखती हैं कि –

सितंबर में हरसिंगार फूलता है

सितंबर में पानी बरसता है

सितंबर में धूप अच्छी लगती है

और छाँव भी

अर्थात सितंबर वह महीना है जिसमें भगवान शिव का फूल हरसिंगार खिलता है और जिस महीने में धूप और छांव दोनों अच्छी लगती है। इसी प्रकार हमारे जीवन में भी अच्छे और बुरे दिन दोनों होते हैं। इन अच्छे और बुरे दिनों के बारे में बताने के लिए मैं पंडित अनिल पांडे आज आपके समक्ष 1 सितंबर से 7 सितंबर 2025 तक के सप्ताह का साप्ताहिक राशिफल लेकर आया हूं।

अगर इस सप्ताह आपको बुरे दिनों की मात्रा ज्यादा लगे तो आपको चाहिए कि आप मेरी पुस्तक नासे रोग हरे सब पीरा में दिए गए हनुमान चालीसा के मंत्रों का संपुट पाठ करें और हनुमान जी की कृपा से अपने दुखों को समाप्त कर सुख प्राप्त करें।

इस सप्ताह सूर्य और बुध सिंह राशि में रहेगा, मंगल कन्या राशि में, गुरु मिथुन राशि में, शुक्र कर्क राशि में, वक्री शनि मीन राशि में और बकरी राहु कुंभ राशि में गोचर करेंगे।

आइये अब हम राशिवार राशिफल की चर्चा करते हैं।

मेष राशि

इस सप्ताह आपका, आपके जीवनसाथी का और आपके पिताजी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। माता जी को कुछ समस्या हो सकती है। गलत रास्ते से धन आने का योग है। आपको अपने संतान का सहयोग प्राप्त होगा। संतान की उन्नति भी हो सकती है। इस सप्ताह आप बगैर ज्यादा परेशान हुए अपने शत्रुओं को पराजित कर सकते हैं। कचहरी के कार्यों में सावधान रहें। भाई बहनों के साथ संबंध कम ठीक रहेंगे। इस सप्ताह आपके लिए चार और पांच तारीख कार्यों को करने के लिए उपयुक्त है। 1 सितंबर को आप दुर्घटनाओं से बच सकते हैं। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन चावल का दान दें और शुक्रवार को मंदिर में जाकर सफेद वस्त्रो का दान करें। सप्ताह का शुभ दिन बृहस्पतिवार है। ‌

वृष राशि

इस सप्ताह आपका, आपके जीवनसाथी का और माता जी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। भाग्य थोड़ा बहुत आपका साथ दे सकता है। संतान को कष्ट हो सकता है। संतान से आपके सहयोग प्राप्त नहीं होगा। आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। इस सप्ताह आपके लिए 6 और 7 तारीख कार्यों को करने के लिए अनुकूल है। एक दो और तीन तारीख को आपको सावधान रहना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें और मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर में जाकर तीन बार हनुमान चालीसा के वाचन का कार्य करें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

मिथुन राशि

इस सप्ताह आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। भाई बहनों के साथ आपके संबंध अच्छे रहेंगे। भाग्य पर आप विश्वास ना करें। अपने परिश्रम और मेहनत पर विश्वास कर कार्यों को करें। इस सप्ताह आपके शत्रु शांत रहेंगे। कार्यालय में आपको अपने साथियों का बहुत कम सहयोग प्राप्त होगा। आपको इस सप्ताह अपने प्रतिष्ठा के प्रति सतर्क रहना चाहिए। इस सप्ताह आपके लिए दो और तीन सितंबर कार्यों को करने के लिए अच्छे हैं। इसके अलावा बाकी दिनों में आपको सावधान रहना चाहिए। 1 सितंबर को आप अपने शत्रुओं को आसानी से परास्त कर सकते हैं। अगर आप पहले से बीमार हैं तो 1 सितंबर को आपके स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन काली उड़द का दान करें और शनिवार को शनि मंदिर में जाकर शनि देव का पूजन करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

कर्क राशि

इस सप्ताह आपके जीवनसाथी का, माता और पिता जी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। धन आने का अच्छा योग है। थोड़े से परिश्रम से ही ज्यादा धन की प्राप्ति होगी। भाई बहनों के साथ संबंधों में तनाव रहेगा। भाग्य से ना तो आपको लाभ होगा और ना हानि। दुर्घटनाओं से बचने का प्रयास करें। इस सप्ताह आपके लिए चार-पांच और 6 की दोपहर तक का समय कार्यों को करने के लिए ठीक है। सप्ताह के बाकी दिनों में आपको सावधान रहना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन श्री राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन बृहस्पतिवार है।

सिंह राशि

इस सप्ताह आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। व्यापार में लाभ होगा। सामान्य करणों से धन की हानि हो सकती है। कचहरी के कार्यों में आति सावधान रहें। आपके माता-पिता जी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। जीवन साथी को मानसिक कष्ट रहेगा। अपनी संतान से आपको सुख प्राप्त होगा। संतान आपके कार्यों में सहयोग करेगी। इस सप्ताह आपके लिए 6 तारीख के दोपहर के बाद से लेकर 7 तारीख तक आप कार्यों को पूर्ण कुशलता के साथ कर सकते हैं। 1 तारीख और 4, 5 और 6 तारीख की दोपहर तक का समय आपको सावधान होकर कार्यों का निपटारा करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें और शनिवार को दक्षिण मुखी हनुमान जी का दर्शन करके हनुमान जी के सम्मुख बैठकर हनुमान चालीसा का तीन बार पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

कन्या राशि

इस सप्ताह आपको कचहरी के कार्यों में प्रयास करने पर सफलता मिल सकती है। आपको अपने संतान से सहयोग प्राप्त हो सकता है। माता जी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। आपको इस सप्ताह कम चिंता करनी चाहिए जिससे आप डायबिटीज और ब्लड प्रेशर पर कंट्रोल कर सकें। भाग्य से इस सप्ताह आपको सामान्य मदद मिल सकती है। इस सप्ताह आपके लिए दो और तीन तारीख कार्यों को संपन्न करने के लिए लाभदायक हैं। 1 सितंबर को आपको अपने भाई बहनों के प्रति सचेत रहना चाहिए। 6 और 7 तारीख को आपको सावधान रहकर कार्य करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन भगवान शिव का दूध और जल से अभिषेक करें। सप्ताह का शुभ दिन बुधवार है।

तुला राशि

इस सप्ताह आपका और आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। धन आने का अच्छा योग है। व्यापार में वृद्धि होगी। कचहरी के कार्यों में सावधान रहें। आपको अपने संतान के प्रति सचेत रहना चाहिए। उसको नुकसान हो सकता है। छात्रों की पढ़ाई में बाधा पड़ेगी। भाग्य से आपको इस सप्ताह कोई विशेष मदद नहीं मिल पाएगी। इस सप्ताह आपके लिए 4, 5 और 6 तारीख कार्यों को करने के लिए परिणामदायक हैं। 1 अप्रैल को आपको धन के प्रति सतर्क रहना चाहिए। सप्ताह के बाकी दिन ठीक-ठाक हैं। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन रुद्राष्टक का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन शुक्रवार है।

वृश्चिक राशि

इस सप्ताह आपका, आपके जीवनसाथी का और पिताजी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। कार्यालय में आपको अपने वरिष्ठ अधिकारियों का अच्छा सहयोग प्राप्त होगा। भाग्य से कोई मदद नहीं मिल पाएगी। आपको अपने परिश्रम पर विश्वास करना पड़ेगा। इस सप्ताह आप अपने शत्रुओं को आसानी से पराजित कर सकते हैं। इस सप्ताह आपके लिए 6 और सात तारीख शुभ हैं। 1 तारीख को आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन शिव पंचाक्षर स्त्रोत का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन रविवार है।

धनु राशि

इस सप्ताह आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा। आपको अपने संतान से सहयोग प्राप्त हो सकता है। भाग्य भी इस सप्ताह आपका साथ देगा। व्यापार में उन्नति होगी। दुर्घटनाओं के प्रति सतर्क रहें। भाई बहनों के साथ संबंधों में तनाव आ सकता है। आपको अपने प्रतिष्ठा के प्रति सतर्क रहना चाहिए। आपको इस सप्ताह अपने माताजी पर भी ध्यान देना चाहिए। इस सप्ताह आपके लिए दो और तीन तारीख उत्तम है। 1 तारीख को आपको कचहरी के कार्यों में सफलता मिल सकती है। सप्ताह के बाकी दिन ठीक-ठाक हैं। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन शिव पंचाक्षर मंत्र का जाप करें। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

मकर राशि

इस सप्ताह आपका, आपके माता जी और पिताजी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। अगर आप अविवाहित हैं तो विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं। भाग्य से इस सप्ताह आपको कोई विशेष मदद नहीं मिल पाएगी। गलत रास्ते से धन आ सकता है। भाई बहनों के प्रति सामान्य संबंध रहेंगे। इस सप्ताह आपके लिए चार-पांच और 6 तारीख कार्यों को करने के लिए हितवर्धक हैं। दो और तीन तारीख को आपको सावधान रहना चाहिए। 1 तारीख को आपको धन के प्रति सावधानी रखना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन शुक्रवार है।

कुंभ राशि

इस सप्ताह आपके जीवनसाथी का, माता जी का और पिताजी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। जीवनसाथी के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। दुर्घटनाओं से इस सप्ताह आपको सतर्क रहना चाहिए। धन आने की मात्रा अल्प रहेगी। संतान को इस सप्ताह कष्ट हो सकता है। छात्रों की पढ़ाई थोड़ी कम हो पाएगी। इस सप्ताह आपके लिए 6 तारीख के दोपहर से लेकर 7 तारीख कार्यों को करने के लिए फलदायक है। 4 5 और 6 तारीख की दोपहर तक आपको कोई भी कार्य बड़े सावधानी के साथ करना चाहिए। 1 तारीख को आपको कार्यालय में अपने कार्य बड़े सावधानी से करना चाहिए। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन लाल मसूर की दाल का दान करें। मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर में जाकर कम से कम तीन बार हनुमान चालीसा का पाठ करें। सप्ताह का शुभ दिन शनिवार है।

मीन राशि

इस सप्ताह कार्यालय में आपकी स्थिति अच्छी रहेगी। आपको कार्यालय में प्रतिष्ठा भी प्राप्त हो सकती है। पिताजी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। भाग्य से आपको कोई विशेष लाभ नहीं हो पाएगा। शत्रुओं को इस सप्ताह आप आसानी से पराजित कर सकते हैं। आपके संतान को कोई समस्या हो सकती है। इस सप्ताह आपके लिए दो और तीन सितंबर कार्यों को करने में मददगार साबित होंगे। 1 सितंबर को आपको भाग्य से मदद मिल सकती है। इस सप्ताह आपको चाहिए कि आप प्रतिदिन गायत्री मंत्र का जाप करें। सप्ताह का शुभ दिन मंगलवार है।

 ध्यान दें कि यह सामान्य भविष्यवाणी है। अगर आप व्यक्तिगत और सटीक भविष्वाणी जानना चाहते हैं तो आपको मुझसे दूरभाष पर या व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाना चाहिए। मां शारदा से प्रार्थना है या आप सदैव स्वस्थ सुखी और संपन्न रहें। जय मां शारदा।

 

 राशि चिन्ह साभार – List Of Zodiac Signs In Marathi | बारा राशी नावे व चिन्हे (lovequotesking.com)

निवेदक:-

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

(प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ और वास्तु शास्त्री)

सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, मध्यप्रदेश विद्युत् मंडल 

संपर्क – साकेत धाम कॉलोनी, मकरोनिया, सागर- 470004 मध्यप्रदेश 

मो – 8959594400

ईमेल – 

यूट्यूब चैनल >> आसरा ज्योतिष 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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हिन्दी साहित्य – आलेख ☆ विवाह बाधा योग और दूर करने के उपाय ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

☆ आलेख ☆ विवाह बाधा योग और दूर करने के उपाय ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

अपने समाज पर दृष्टि डालने पर हम पाते हैं कि अधिकांश माता-पिता अपने बच्चों के विवाह को लेकर बहुत चिंतित रहते हैं। अगर बच्चों ने लव मैरिज भी कर ली है तो उनका वैवाहिक जीवन ठीक चलेगा या नहीं इसका भी माता-पिता को काफी चिंता रहती है। उनकी चिंता को दूर करने के लिए अगर हम बालक और बालिका के कुंडली का विश्लेषण करें तो हम आसानी से पता कर सकते हैं कि उनके विवाह में देरी या वैवाहिक जीवन ठीक से न चलने का क्या कारण है। इसके अलावा हम यह भी जान सकते हैं कि विवाह हो तथा वैवाहिक जीवन ठीक चले इसके लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए। आइये आज हम इसी पर चर्चा करते हैं।

विवाह होने में होने वाली परेशानी तथा वैवाहिक जीवन की परेशानी का मुख्य कारण विवाह बाधा योग है।

 विवाह बाधा योग लड़के, लड़कियों की कुंडलियों में समान रूप से लागू होते हैं, अंतर केवल इतना है कि लड़कियों की कुंडली में गुरू की स्थिति पर विचार तथा लड़कों की कुंडलियों में शुक्र की विशेष स्थिति पर विचार करना होता है।

(1) यदि कुंडली में सप्तम भाव ग्रह रहित हो और सप्तमेश बलहीन हो, सप्तम भाव पर शुभ ग्रहों की दृष्टि न हो तो, ऐसे जातक को अच्छा पति/पत्नी मिल पाना संभव नहीं हो पाता है।

(2) सप्तम भाव में बुध-शनि की युति होने पर भी दाम्पत्य सुख की हानि होती है। सप्तम भाव में यदि सूर्य, शनि, राहू-केतू आदि में से एकाधिक ग्रह हों अथवा इनमें से एकाधिक ग्रहों की दृष्टि हो तो भी दाम्पत्य सुख बिगड़ जाता है।

(3) यदि कुण्डली में सप्तम भाव पर शुभाशुभ ग्रहों का प्रभाव हो तो पुनर्विवाह की संभावना रहती है। नवांश कुंडली में यदि मंगल या शुक्र का राशि परिवर्तन हो, या जन्म कुंडली में चंद्र, मंगल, शुक्र संयुक्त रूप से सप्तम भाव में हों, तो ये योग चरित्रहीनता का कारण बनते हैं, और इस कारण दाम्पत्य सुख बिगड़ सकता है।

(4) यदि जन्मलग्न या चंद्र लग्न से सातवें या आठवें भाव में पाप ग्रह हों, या आठवें स्थान का स्वामी सातवें भाव में हो, तथा सातवें भाव के स्वामी पर पाप ग्रहों की दृष्टि हो, तो दाम्पत्य जीवन सुखी होने में बहुत बाधाएं आती हैं।

(5) यदि नवम भाव या दशम भाव के स्वामी, अष्टमेश या षष्ठेश के साथ स्थित हों, तो दांपत्य जीवन में दरार आ सकती है।

(6) अगर लग्नेश तथा शनि बलहीन हों, चार या चार से अधिक ग्रह कुंडली में कहीं भी एक साथ स्थित हों अथवा द्रेष्काण कुंडली में चन्द्रमा शनि के द्रेष्काण में गया हो, और नवांश कुंडली में मंगल के नवांश में शनि हो, और उस पर मंगल की दृष्टि हो तो तो भी वैवाहिक जीवन में विभिन्न परेशानियां आती हैं।

(7) अगर सूर्य, गुरू, चन्द्रमा में से एक भी ग्रह बलहीन होकर लग्न में दशम में, या बारहवें भाव में हो और बलवान शनि की पूर्ण दृष्टि में हो, तो ये योग जातक या जातिका को सन्यासी प्रवृत्ति देते हैं, या फिर वैराग्य भाव के कारण अलगाव की स्थिति आ जाती है, और विवाह की ओर उनका लगाव बहुत कम होता है।

(8) यदि लग्नेश भाग्य भाव में हो तथा नवमेश पति स्थान में स्थित हो, तो ऐसी लड़की भाग्यशाली पति के साथ स्वयं भाग्यशाली होती है। उसको अपने कुटुम्बी सदस्यों द्वारा एवं समाज द्वारा पूर्ण मान-सम्मान दिया जाता है। इसी प्रकार यदि लग्नेश, चतुर्थेश तथा पंचमेश त्रिकोण या केंद्र में स्थित हों तो भी उपरोक्त फल प्राप्त होता है।

 (9) यदि सप्तम भाव में शनि और बुध एक साथ हों और चंद्रमा विषम राशि में हो, तो दाम्पत्य जीवन कलहयुक्त बनता है और अलगाव की संभावना होती है।

 (10) यदि जातिका की कुुण्डली में सप्तम भाव, सप्तमेश एवं गुरू तथा जातक की कुण्डली में सप्तम भाव सप्तमेश एवं शुक्र पाप प्रभाव में हों, तथा द्वितीय भाव का स्वामी छठवें, आठवें या बारहवें भाव में हो, तो इस योग वाले जातक-जातिकाओं को अविवाहित रह जाना पड़ता है।

 (11) शुक्र, गुरू बलहीन हों या अस्त हों, सप्तमेश भी बलहीन हो या अस्त हो, तथा सातवें भाव में राहू एवं शनि स्थित हों, तो विवाह होने में बहुत परेशानी होती है।

 (12) लग्न, दूसरा भाव और सप्तम भाव पाप ग्रहोें से युक्त हों, और उन पर शुभ ग्रह की पूर्ण दृष्टि न हो, तो भी विवाह होने में बहुत ज्यादा परेशानी हो सकती है।

 (13) यदि शुक्र, सूर्य तथा चंद्रमा पुरूषों की कुंडली में तथा सूर्य, गुरू, चंद्रमा, महिलाओं की कुंडली में एक ही नवांश में हों, तथा छठवें, आठवें तथा बारहवें भाव में हों, तो भी विवाह मैं बहुत बाधा आती है।

इस प्रकार ज्योतिषीय ग्रंथों में अनेकानेक कुयोग मिलते हैं जो या तो विवाह होने ही नहीं देते हैं, अथवा विवाह हो भी जाये तो दाम्पत्य सुख को तहस-नहस कर देते हैं।

इस प्रकार के समस्याओं से निपटने के लिए पूरी कुंडली का विश्लेषण करना आवश्यक होता है। पूरी कुंडली के विश्लेषण के पश्चात उचित पूजा पाठ या अन्य प्रभावी उपाय किए जा सकते हैं।

अगर आप पूरी कुंडली का विश्लेषण करवाना चाहते हैं आपको मुझसे दूरभाष पर या व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाना चाहिए। मां शारदा से प्रार्थना है कि आप सदैव स्वस्थ सुखी और संपन्न रहें।

 विवाह बाधा योग को दूर करने के उपाय:-

1- नारी जातक के लिए पुखराज का पहनना एक अच्छा उपाय है।

2- पुरुष जातक के लिए हीरे की अंगूठी पहनना भी अच्छा उपाय हो सकता है।

3- सप्तमेश की पूजा करना या सप्तमेश के लिए उपयुक्त रत्न को धारण करना एक अच्छा उपाय है।

4- शनि, राहु, केतु और मंगल की बुरी दृष्टि होने के कारण विवाह बाधा योग बनने पर इन ग्रहों की पूजा करना एक अच्छा विकल्प होता है।

5- अगर ये उपाय काम नहीं करते हैं तो मेरे पास जातक की डिटेल भेज कर उपाय प्राप्त किया जा सकता है। परंतु इसके लिए पहले जातक का आसरा ज्योतिष में दूरभाष क्रमांक 89 59594400 पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।

 

निवेदक:-

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

(प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ और वास्तु शास्त्री)

सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, मध्यप्रदेश विद्युत् मंडल 

संपर्क – साकेत धाम कॉलोनी, मकरोनिया, सागर- 470004 मध्यप्रदेश 

मो – 8959594400

ईमेल – 

यूट्यूब चैनल >> आसरा ज्योतिष 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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ज्योतिष साहित्य ☆ श्राद्ध पक्ष विवरण ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

विज्ञान की अन्य विधाओं में भारतीय ज्योतिष शास्त्र का अपना विशेष स्थान है। हम अक्सर शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त, शुभ विवाह के लिए सर्वोत्तम कुंडली मिलान आदि करते हैं। साथ ही हम इसकी स्वीकार्यता सुहृदय पाठकों के विवेक पर छोड़ते हैं। आज प्रस्तुत है आज से प्रारम्भ होने वाले श्राद्ध पक्ष संबंधी आवश्यक जानकारी ) 

☆ ज्योतिष साहित्य ☆ 🙏 श्राद्ध पक्ष विवरण🙏 ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

सन्—2023 (पिंगल नाम संवत् -2080)

दिनाँक-29 सितम्बर-2023 ( शुक्रवार ) – पूर्णिमा एंव प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध प्रोष्टपदी-महालय श्राद्ध प्रारम्भ

दिनाँक-30 सितम्बर-2023 ( शनिवार ) – द्वितीया तिथि का श्राद्ध

दिनाँक-01 अक्टूबर-2023 ( रविवार ) – तृतीया तिथि  का श्राद्ध

दिनाँक-02 अक्टूबर-2023 ( सोमवार ) – चतुर्थी तिथि का श्राद्ध  { भरणी श्राद्ध }

दिनाँक-03 अक्टूबर-2023 ( मंगलवार ) – पंचमी तिथि का श्राद्ध

दिनाँक-04 अक्टूबर-2023 ( बुधवार ) – षष्ठी तिथि  का श्राद्ध

दिनॉंक-05 अक्टूबर-2023 ( गुरूवार ) – सप्तमी तिथि का श्राद्ध

दिनाँक-06 अक्टूबर-2023 ( शुक्रवार ) – अष्टमी का श्राद्ध

दिनाँक-07 अक्टूबर-2023 ( शनिवार ) – नवमी तिथि का श्राद्ध-सौभाग्यवतीनां श्राद्ध,{ सौभाग्यवती स्त्री का श्राद्ध सर्वदा नवमी में किया जाता है,भले ही उसकी मृत्युतिथि कोई भी हो }

दिनाँक-08 अक्टूबर-2023 ( रविवार ) – दशमी तिथि का श्राद्ध

दिनाँक-09 अक्टूबर-2023 ( सोमवार ) – एकादशी तिथि का श्राद्ध

दिनाँक-10 अक्टूबर-2023 ( मंगलवार ) – मघा श्राद्ध { किसी तिथि का श्राद्ध नहीं होगा }

दिनाँक-11 अक्टूबर-2023 ( बुधवार ) – द्वादशी तिथि का श्राद्ध ( संन्यासीनां श्राद्ध-संन्यासी का श्राद्ध हमेशा द्वादशी में ही किया है,भले ही उसकी मृत्युतिथि कोई भी क्यों न हो॥}

दिनाँक-12 अक्टूबर-2023 ( गुरूवार ) – त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध

दिनॉंक-13 अक्टूबर-2023 ( शुक्रवार ) – चतुर्दशी तिथि को शस्त्र,विष,दुर्घटनादि ( अपमृत्यु ) से मृतकों का श्राद्ध किया जाता है।उनकी मृत्यु चाहे किसी भी तिथि मे हुई हो।चतुर्दशी तिथि मे सामान्य स्वाभाविक मृत्यु-  वालो का श्राद्ध भी अमावस्या मे करने का शास्त्रों मे विधान है }

दिनॉंक-14 अक्टूबर-2023 ( शनिवार ) – चतुर्दशी/अमावस्या तिथि का श्राद्ध / अज्ञात तिथि वालो का श्राद्ध/सर्व पितृ श्राद्ध (पितृ विसर्जन-श्राद्ध सम्पन्न)

दिनॉंक-15 अक्टूबर-2023 ( रविवार ) – { विशेष :- नाना/नानी ( मातामह ) श्राद्ध }

🚩धर्म की जय हो🚩

निवेदक:-

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

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ज्योतिष साहित्य ☆ आलेख – ब्रह्मांड एवं पृथ्वी – वैज्ञानिक एवं ज्योतिषीय गणना ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

विज्ञान की अन्य विधाओं में भारतीय ज्योतिष शास्त्र का अपना विशेष स्थान है। हम अक्सर शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त, शुभ विवाह के लिए सर्वोत्तम कुंडली मिलान आदि करते हैं। साथ ही हम इसकी स्वीकार्यता सुहृदय पाठकों के विवेक पर छोड़ते हैं। हमें प्रसन्नता है कि ज्योतिषाचार्य पं अनिल पाण्डेय जी ने ई-अभिव्यक्ति के प्रबुद्ध पाठकों के विशेष अनुरोध पर साप्ताहिक राशिफल प्रत्येक शनिवार को साझा करना स्वीकार किया है। इसके लिए हम सभी आपके हृदयतल से आभारी हैं। साथ ही हम अपने पाठकों से भी जानना चाहेंगे कि इस स्तम्भ के बारे में उनकी क्या राय है ? आप समय समय पर ज्योतिष विज्ञान संबंधी विशेष जानकारियाँ भी आपसे साझा करते  रहते हैं । इसी कड़ी में आज प्रस्तुत है आपका विशेष आलेख ब्रह्मांड एवं पृथ्वी – वैज्ञानिक एवं ज्योतिषीय गणनाआपकी प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी

☆ ज्योतिष साहित्य ☆ ब्रह्मांड एवं पृथ्वी – वैज्ञानिक एवं ज्योतिषीय गणना ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆  

वैज्ञानिक पृथ्वी पर हुई घटनाओं की गणना चार प्रकार से करते हैं। पहली गणना परतदार चट्टानों के निर्माण की गति से की जाती है। इस गणना के अनुसार पृथ्वी की आयु 5 करोड़ 42 लाख वर्ष होती है जिसे कि वैज्ञानिकों ने बाद में अमान्य कर दिया।

दूसरी प्रक्रिया है जिसमें पृथ्वी के तापमान को आधार  बना करके पृथ्वी की आयु निकाली गई और यह 10 वर्ष करोड़ वर्ष प्राप्त हुई। इसे भी वैज्ञानिकों द्वारा अमान्य कर दिया गया।

तीसरी प्रक्रिया के अनुसार रेडियो सक्रिय तत्वों के विघटन के आधार पर पृथ्वी की आयु निकाली गई है वर्तमान में इसे प्रमाणिक माना जा रहा है। इसके अनुसार पृथ्वी के पहले योग जिसे हैडियन युग कहा जाता है 4.53 Ga वर्ष पहले हुआ था। हैडियन युग में ही पृथ्वी का एक भाग अंतरिक्ष में उछल गया और वह चंद्रमा कहलाया। हेडियन युग के दौरान पृथ्वी की सतह पर लगातार उल्कापात होता रहा और बड़ी मात्रा में उष्मा के प्रभाव तथा भू-उष्मीय अनुपात के कारण ज्वालामुखियों का विस्फोट हुआ और जर्कान कण बने। इस युग का अंत 3.8 Ga के आस पास हुआ। रेडियोएक्टिव पदार्थों के अर्धवार्षिक आयु के गणना से पृथ्वी की आयु 4.54 अरब वर्ष पहले हुई। चंद्रमा की आयु 4.52 या 4.48 अरब वर्ष मानी जाती है।

पृथ्वी पर जीवन का प्रारंभ लुका कोशिका द्वारा 3.5 अरब वर्ष पहले माना जाता है। इसका अर्थ है पहला जीवन लुका कोशिका का था जो कि 3.5 अरब वर्ष पहले हुआ था। यह लुका कोशिका आज के पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी जीवित पदार्थों का पूर्वज है।

इसके उपरांत प्रोटेरोज़ोइक युग आया। यह युग 2.5 अरब वर्ष से 54.2 करोड़ वर्ष तक चला। इस समयावधि में पृथ्वी पर दो भीषण हिमयुग आए और पृथ्वी पर ऑक्सीजन का वातावरण निर्मित हुआ। जीवन की गति प्रारंभ हुई। इसके उपरांत निम्नानुसार जीवन की गति बढ़ी।

  1. 54.2 से 48.8 करोड़ वर्ष के बीच में जीवन की उत्पत्ति अत्यंत तीव्र गति  से हुई और मछली की तरह के किसी जन्तु का प्रादुर्भाव हुआ।
  2. 38.0 से 37.5 करोड़ों वर्ष के बीच चतुर प्राणी का विकास हुआ।
  3. 36.5 करोड़ वर्ष पर वनस्पतियां बनी।
  4. 25.0 से 15.7 करोड़ वर्ष के बीच डायनासोर बने।
  5. 60 करोड़ से  20 करोड़ वर्ष के बीच वानर से मानव का विकास हुआ।
  6. 200000 वर्ष पूर्व वर्तमान मानव अस्तित्व में आया।

अब हम विभिन्न धर्मों के अनुसार पृथ्वी के आयु के बारे में चर्चा करते हैं।

ईसाई धर्म के अनुसार आदम से लेकर ईसा मसीह तक समस्त ईश्वर के पैगंबर की उम्र की गणना अगर की जाए तो 3572 वर्ष + 2022 वर्ष पूर्व आदम इस धरती पर आए थे। इसके अलावा ईसाई धर्म के अन्य विचारधारा के अनुसार 7200 वर्ष पूर्व पैगंबर आदम इस धरती पर आए थे। अर्थात मानव 7200 वर्ष पहले धरती पर आया था।

इस्लाम धर्म में सीधे-सीधे कहीं भी नहीं लिखा गया है कि पृथ्वी कितने साल पुरानी है।

अब हम हिंदू धर्म के अनुसार पृथ्वी के आयु के बारे में चर्चा करेंगे और विज्ञान से इसकी तुलना करेंगे।

भारतीय ज्योतिष विज्ञान के अनुसार समय की गणना एक महत्वपूर्ण कार्य है। किसी भी हिंदू आयोजन में सबसे पहले संकल्प किया जाता है जिसमें संकल्प का समय एवं स्थान आदि पूर्णतया परिभाषित होता है। संकल्प लेने का यह कार्य  वैदिक परंपरा के प्रारंभ से ही हो रहा है। संकल्प निम्नानुसार होता है।

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णु:। श्रीमद्भगवतो महापुरुषस्य विष्णोराज्ञया प्रवर्तमानस्य अद्यैतस्य ब्रह्मणोह्नि द्वितीये परार्धे श्रीश्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे युगे कलियुगे कलिप्रथमचरणे भूर्लोके भारतवर्षे जम्बूद्विपे भरतखण्डे आर्यावर्तान्तर्गतब्रह्मावर्तस्य ………… क्षेत्रे ………… मण्डलान्तरगते ………… नाम्निनगरे (ग्रामे वा) श्रीगड़्गायाः ………… (उत्तरे/दक्षिणे) दिग्भागे देवब्राह्मणानां सन्निधौ श्रीमन्नृपतिवीरविक्रमादित्यसमयतः ……… संख्या -परिमिते प्रवर्त्तमानसंवत्सरे प्रभवादिषष्ठि -संवत्सराणां मध्ये ………… नामसंवत्सरे, ………… अयने, ………… ऋतौ, ………… मासे, ………… पक्षे, ………… तिथौ, ………… वासरे, ………… नक्षत्रे, ………… योगे, ………… करणे, ………… राशिस्थिते चन्द्रे, ………… राशिस्थितेश्रीसूर्ये, ………… देवगुरौ शेषेशु ग्रहेषु यथायथा राशिस्थानस्थितेषु सत्सु एवं ग्रहगुणविशेषणविशिष्टायां शुभपुण्यतिथौ ………… गोत्रोत्पन्नस्य ………… शर्मण: (वर्मण:, गुप्तस्य वा) सपरिवारस्य ममात्मन: श्रुति-स्मृति-पुराणोक्त-पुण्य-फलावाप्त्यर्थं ममऐश्वर्याभिः वृद्धयर्थं।

संकल्प में पहला शब्द  द्वितीये परार्धे आया है। श्रीमद भगवत पुराण के अनुसार ब्रह्मा जी की आयु 100 वर्ष की है जिसमें से पूर्व परार्ध अर्थात 50 वर्ष बीत चुके हैं तथा दूसरा परार्ध प्रारंभ हो चुका है। त्रैलोक्य की सृष्टि ब्रह्मा जी के दिन प्रारंभ होने से होती है और दिन समाप्त होने पर उतनी ही लंबी रात्रि होती है। एक दिन एक कल्प कहलाता है।

यह एक दिन 1. स्वायम्भुव, 2. स्वारोचिष, 3. उत्तम, 4. तामस, 5. रैवत, 6. चाक्षुष, 7. वैवस्वत, 8. सावर्णिक, 9. दक्ष सावर्णिक, 10. ब्रह्म सावर्णिक, 11. धर्म सावर्णिक, 12. रुद्र सावर्णिक, 13. देव सावर्णिक और 14. इन्द्र सावर्णिक- इन 14 मन्वंतरों में विभाजित किया गया है। इनमें से 7वां वैवस्वत मन्वंतर चल रहा है। 1 मन्वंतर 1000/14 चतुर्युगों के बराबर अर्थात 71.42 चतुर्युगों के बराबर होती है।

यह भिन्न संख्या पृथ्वी के 27.25 डिग्री झुके होने और 365.25 दिन में पृथ्वी की परिक्रमा करने के कारण होती है। दशमलव के बाद के अंक को सिद्धांत के अनुसार दो मन्वन्तर के बीच के काल के अनुसार  जिसका परिमाण 4,800 दिव्य वर्ष (सतयुग काल) माना गया है। इस प्रकार मन्वंतरों का काल=14*71=994 चतुर्युग हुआ।

हम जानते हैं कि कलयुग 432000 वर्ष का होता है इसका दोगुना द्वापर युग 3 गुना त्रेतायुग एवं चार गुना सतयुग होता है। इस प्रकार एक महायुग 43 लाख 20 हजार वर्ष का होता है।

71 महायुग मिलकर एक मन्वंतर बनाते हैं जोकि 30 करोड़ 67 लाख 20 हजार वर्ष का हुआ। प्रलयकाल या संधिकाल जो कि हर मन्वंतर के पहले एवं बाद में रहता है 17 लाख 28 हजार वर्ष का होता है। 14 मन्वन्तर मैं 15 प्रलयकाल होंगे अतः प्रलय काल की कुल अवधि 1728000 *15 = 25920000 होगा। 14 मन्वंतर की अवधि 306720000 * 14 = 4294080000 होगी और एक कल्प की अवधि इन दोनों का योग 4320000000 होगी। जोकि ब्रह्मा का 1 दिन रात है। ब्रह्मा की कुल आयु (100 वर्ष) = 4320000000 * 360 * 100 = 155520000000000 = 155520 अरब वर्ष होगी। यह ब्रह्मांड और उसके पार के ब्रह्मांड का कुल समय होगा। वर्तमान विज्ञान को यह ज्ञात है कि ब्रह्मांड के उस पार भी कुछ है परंतु क्या है यह वर्तमान विज्ञान को अभी ज्ञात नहीं है।

अब हम पुनः एक बार संकल्प को पढ़ते हैं जिसके अनुसार वैवस्वत मन्वन्तर चल रहा है अर्थात 6 मन्वंतर बीत चुके हैं सातवा मन्वंतर चल रहा है। पिछले गणना से हम जानते हैं की एक मन्वंतर 306720000 वर्ष का होता है। छह मन्वंतर बीत चुके हैं अर्थात 306720000 * 6 = 1840320000 वर्ष बीत चुके हैं। इसमें सात प्रलय काल और जोड़े जाने चाहिए अर्थात (1728000 * 7) 12096000 वर्ष और जुड़ेंगे इस प्रकार कुल योग  (1840320000 + 12096000) 1852416000 वर्ष होता है।

हम जानते हैं एक मन्वंतर 71 महायुग का होता है जिसमें से 27 महायुग बीत चुके हैं। एक महायुग 4320000 वर्ष का होता है इस प्रकार 27 महायुग (27*4320000) 116640000 वर्ष के होंगे। इस अवधि को भी हम बीते हुए मन्वंतर काल में जोड़ते हैं (1852416000+116640000) तो ज्ञात होता है कि 1969056000 वर्ष बीत चुके हैं।

28 वें महायुग के कलयुग का समय जो बीत चुका है वह (सतयुग के 1728000 + त्रेता युग 1296000+ द्वापर युग 864000) = 3888000 वर्ष होता है। इस अवधि को भी हम पिछले बीते हुए समय के साथ जोड़ते हैं (1969056000 + 3888000 ) और संवत 2079 कलयुग के 5223 वर्ष बीत चुके हैं।

अतः हम बीते गए समय में कलयुग का समय भी जोड़ दें तो कुल योग 1972949223 वर्ष आता है। इस समय को हम 1.973 Ga वर्ष भी कह सकते हैं।

ऊपर हम बता चुके हैं कि आधुनिक विज्ञान के अनुसार पृथ्वी का प्रोटेरोज़ोइक काल 2.5 Ga से 54.2 Ma वर्ष तथा और इसी अवधि में पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति हुई है। इन दोनों के मध्य में भारतीय गणना अनुसार आया हुआ समय 1.973 Ga वर्ष भी आता है। जिससे स्पष्ट है कि भारत के पुरातन वैज्ञानिकों ने पृथ्वी पर जीवन के प्रादुर्भाव की जो गणना की थी वह बिल्कुल सत्य है।

आधुनिक वैज्ञानिकों के अनुसार सूर्य 4.603 अरब वर्ष पहले अपने आकार में आया था। इसी प्रकार पृथ्वी 4.543 अरब वर्ष पहले अपने आकार में आई थी।

हमारी आकाशगंगा 13.51 अरब वर्ष पहले बनी थी। अभी तक ज्ञात सबसे उम्रदराज वर्लपूल गैलेक्सी 40.03 अरब वर्ष पुरानी है। विज्ञान यह भी मानता है कि इसके अलावा और भी गैलेक्सी हैं जिनके बारे में अभी हमें ज्ञात नहीं है। हिंदू ज्योतिष के अनुसार ब्रह्मा जी की आयु 155520 अरब वर्ष की है जिसमें से आधी बीत चुकी है। यह स्पष्ट होता है कि ज्योतिषीय संरचनाओं ने  77760 अरब वर्ष पहले आकार लिया था और कम से कम इतना ही समय अभी बाकी है।

आपसे अनुरोध है कि कृपया इस पर अपनी प्रतिकृया अवश्य दें ।  इस पर अगर आपको कोई  संदेह है तो कृपया आवश्यक रूप से बताएं जिससे उसे दूर किया जा सके।

जय मां शारदा।

☆ ज्योतिष साहित्य ☆ वार्षिक राशिफल 2023 ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆ – शीघ्र प्रकाश्य 

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ज्योतिष साहित्य ☆ धन्वंतरी जयंती या धन त्रयोदशी ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

विज्ञान की अन्य विधाओं में भारतीय ज्योतिष शास्त्र का अपना विशेष स्थान है। हम अक्सर शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त, शुभ विवाह के लिए सर्वोत्तम कुंडली मिलान आदि करते हैं। साथ ही हम इसकी स्वीकार्यता सुहृदय पाठकों के विवेक पर छोड़ते हैं। हमें प्रसन्नता है कि ज्योतिषाचार्य पं अनिल पाण्डेय जी ने ई-अभिव्यक्ति के प्रबुद्ध पाठकों के विशेष अनुरोध पर साप्ताहिक राशिफल प्रत्येक शनिवार को साझा करना स्वीकार किया है। इसके लिए हम सभी आपके हृदयतल से आभारी हैं। साथ ही हम अपने पाठकों से भी जानना चाहेंगे कि इस स्तम्भ के बारे में उनकी क्या राय है ? 

☆ ज्योतिष साहित्य ☆ धन्वंतरी जयंती या धन त्रयोदशी ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

भारतीय परंपरा का पावन त्यौहार धन्वंतरी जयंती या धन त्रयोदशी निकट है । आज मैं आप सभी को इसके महत्व के बारे में बताऊंगा।

दीपावली पांच पर्वों का समूह है जोकि धनतेरस  से प्रारंभ होता है ।

धनतेरस को धनत्रयोदशी धन्वंतरि जयंती या यम त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है । 

धनतेरस को मनाने के लिए के बारे में दो अलग-अलग कथाएं हैं ।

पहली कथा के अनुसार इसी दिन समुंद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत लेकर प्रकट हुए थे । अर्थात इस दिन मानव जाति को अमृत रूपी  औषध प्राप्त हुई थी । इस औषध की एक बूंद ही व्यक्ति के मुख में जाने से  व्यक्ति की कभी भी मृत्यु नहीं होती है । अगर हम आज के संदर्भ में बात करें एक ऐसी वैक्सीन की खोज हुई थी जिसके एक बूंद में  मात्र से व्यक्ति को कभी कोई रोग नहीं हो सकता है ।

दूसरी कथा के अनुसार यमदेव ने एक चर्चा के दौरान बताया है कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को रात्रि के समय  पूजन एवं दीपदान को विधि पूर्वक पूर्ण करने से अकाल मृत्यु से छुटकारा मिलता है । इसमें दीपक और पूजन का महत्व बताया गया है । अगर हम वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो यम देव ने संभवत एक ऐसे तेल का आविष्कार किया था जिसका दीप बनाकर प्रयोग करने  से उस दीप की लौ से निकलने वाले गैस को ग्रहण करने से अकाल मृत्यु से व्यक्ति को छुटकारा मिलता था ।  अगर हम ध्यान दें तो इन दोनों कथाओं का संबंध व्यक्ति के स्वास्थ्य से है ।

अगर हम इस त्योहार को सामान्य दृष्टिकोण से देखें तो हम पाते हैं कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तक वर्षा ऋतु समापन पर आ जाती है और इस दिन भी प्रकार की पूजा पाठ करने से तथा दीपक जलाने से विभिन्न प्रकार के कीट पतंगों का जो कि हमारे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हैं नष्ट करने में हमें मदद मिलती है।

जैन आगम में धनतेरस को ‘धन्य तेरस’ या ‘ध्यान तेरस’ भी कहते हैं। भगवान महावीर इस दिन तीसरे और चौथे ध्यान में जाने के लिये योग निरोध के लिये चले गये थे। तीन दिन के ध्यान के बाद योग निरोध करते हुये दीपावली के दिन निर्वाण को प्राप्त हुये। तभी से यह दिन धन्य तेरस के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

 धन्वन्तरि जब प्रकट हुए थे तो उनके हाथो में अमृत से भरा कलश था। भगवान धन्वन्तरि चूँकि कलश लेकर प्रकट हुए थे इसलिए ही इस अवसर पर बर्तन खरीदने की परम्परा है। कहीं कहीं लोकमान्यता के अनुसार यह भी कहा जाता है कि इस दिन धन (वस्तु) खरीदने से उसमें तेरह गुणा वृद्धि होती है। इस अवसर पर लोग धनियाँ के बीज खरीद कर भी घर में रखते हैं। दीपावली के बाद इन बीजों को लोग अपने बाग-बगीचों में या खेतों में बोते हैं। धनतेरस के दिन चाँदी खरीदने की भी प्रथा है । लोग इस दिन ही दीपावली की रात लक्ष्मी, गणेश की पूजा हेतु मूर्ति भी खरीदते हैं।

आप सभी को यह जानकर प्रसन्नता होगी की धनतेरस को भारत सरकार ने राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मान्यता दी है।

धनत्रयोदशी रात्रि का त्यौहार है इस वर्ष जबलपुर के भुवन विजय पंचांग के अनुसार त्रयोदशी 22 अक्टूबर को सायंकाल 4:04 से प्रारंभ हो रही है और अगले दिन अर्थात 23 तारीख को दिन के 4:35 तक रहेगी । इससे यह स्पष्ट है दीपदान हेतु समय 22 अक्टूबर को सायंकाल 4:04 के बाद ही प्रारंभ होगा । उज्जैन के पुष्पांजलि पंचांग के अनुसार त्रयोदशी 22 तारीख को सायंकाल 5:56 से प्रारंभ हो रही है जो अगले दिन 23 तारीख को सायंकाल 5:58 तक रहेगी । जबलपुर के समय के अनुसार 23 तारीख को 4:30 से 4: 33 रात्रि अंत तक भद्रा रहेगी । 22 तारीख को सायंकाल का मुहूर्त ही उपयुक्त है । धनतेरस की खरीदारी 22 तारीख को सायंकाल उज्जैन के समय के अनुसार सायंकाल 5:56 से 7:29 तक तथा इसके उपरांत रात्रि 9:03 से रात्रि के 25:46  अर्थात रात्रि 1:46 तक  की जा सकती है।

पूजन मुहूर्त की गणना निर्णय सिंधु ग्रंथ के अनुसार की गई है।

मां शारदा से प्रार्थना है कि आप सभी को सुख समृद्धि और वैभव प्राप्त हो। जय मां शारदा।

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ज्योतिष साहित्य ☆ नवरात्रि विशेष – नवरात्रि त्योहार ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

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☆ ज्योतिष साहित्य ☆ नवरात्रि विशेष – नवरात्रि त्योहार  ☆ ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय ☆

इस बार मैं आपको नवरात्र त्यौहार क्या है इसे क्यों मनाते हैं और इसकी आराधना किस तरह से करें, इस संबंध में आपको बताने का प्रयास करूंगा ।

नवरात्र शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है पहला नव और दूसरी रात्रि । अर्थात नवरात्रि पर्व 9 रात्रियों का पर्व है ।

9 के अंक का अपने आप में बड़ा महत्व है । यह इकाई की सबसे बड़ी संख्या है । भारतीय ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की संख्या भी नौ है ।

9 का अंक एक ऐसी वस्तु का द्योतक है जिसे कभी नष्ट नहीं किया जा सकता । क्योंकि 9 के अंक को चाहे जिस अंक से गुणा किया जाए प्राप्त अंको का योग भी 9 ही होगा ।
हमारे शरीर में 9 द्वार हैं। 2 आंख ,  दो कान , दो  नाक , एक मुख ,एक मलद्वार , तथा एक मूत्र द्वार। नौ द्वारों को सिद्ध करने हेतु पवित्र करने हेतु नवरात्रि का पर्व का विशेष महत्व है। नवरात्रि में किए गए पूजन अर्चन तप यज्ञ हवन आदि से यह नवो द्वार शुद्ध होते हैं।

नवरात्रि दो तरह की होती है एक प्रगट नवरात्रि और दूसरी गुप्त नवरात्रि।

हम यहां केवल प्रगट नवरात्रि की ही चर्चा करेंगे। दो प्रगट नवरात्रि होती हैं । पहली नवरात्रि चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से प्रारंभ होती है । इसे वासन्तिक नवरात्रि भी कहते हैं ‌। यह 2 अप्रैल 2022 से थी।

 

दूसरी नवरात्रि अश्वनी महासके शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से प्रारंभ होती है । इसे शारदीय नवरात्रि कहते हैं । यह इस वर्ष 26 सितंबर से प्रारंभ हो रही है।

दोनों नवरात्रि में नवरात्रि पूजन प्रतिभा का सीन प्रतिपदा से नौमी पर्यंत किया जाता है प्रतिपदा के दिन घट की स्थापना करके नवरात्रि व्रत का संकल्प करके गणपति तथा मातृका पूजन किया जाता है । इसके उपरांत पृथ्वी का पूजन कर घड़े में आम के हरे पत्ते दूर्वा पंचामृत पंचगव्य डालकर उसके मुंह में सूत्र बांधा जाता है । घट के पास में गेहूं अथवा जव का पात्र रखकर वरुण पूजन करके भगवती का आह्वान करना चाहिए । नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व है ।

विभिन्न ग्रंथों के अनुसार नवरात्रि पूजन के कुछ नियम है, जैसे :-

देवी भागवत के अनुसार अगर अमावस्या और प्रतिपदा एक ही दिन पड़े तो उसके अगले दिन पूजन और घट स्थापना की जाती है।

विष्णु धर्म नाम के ग्रंथ के अनुसार सूर्योदय से 10 घटी तक प्रातः काल में घटस्थापना शुभ होती है।

रुद्रयामल नाम के ग्रंथ के अनुसार यदि प्रातः काल में चित्र नक्षत्र या वैधृति योग हो तो उस समय घट स्थापना नहीं की जाती है अगर इस चीज को टालना संभव ना हो तो अभिजीत मुहूर्त में घट स्थापना की जाएगी।

देवी पुराण के अनुसार देवी की देवी का आवाहन प्रवेशन नित्य पूजन और विसर्जन यह सब प्रातः काल में करना चाहिए।

निर्णय सिंधु नाम के ग्रंथ के अनुसार यदि प्रथमा तिथि वृद्धि हो तो प्रथम दिन घटस्थापना करना चाहिए।

नवरात्र के वैज्ञानिक पक्ष की तरफ अगर हम ध्यान दें तो हम पाते हैं कि दोनों प्रगट नवरात्रों के बीच में 6 माह का अंतर है। चैत्र नवरात्रि के बाद गर्मी का मौसम आ जाता है तथा शारदीय नवरात्रि के बाद ठंड का मौसम आता है। हमारे महर्षि यों ने शरीर को गर्मी से ठंडी तथा ठंडी से गर्मी की तरफ जाने के लिए तैयार करने हेतु इन नवरात्रियों की प्रतिष्ठा की है। नवरात्रि में व्यक्ति पूरे नियम कानून के साथ अल्पाहार  एवं शाकाहार  या पूर्णतया निराहार व्रत रखता है । इसके  कारण शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन होता है।अर्थात शरीर के जो भी विष तत्व है वे बाहर हो जाते हैं । पाचन तंत्र को आराम मिलता है । लगातार 9 दिन के  आत्म अनुशासन की पद्धति के कारण मानसिक स्थिति बहुत मजबूत हो जाती है ।जिससे डिप्रेशन माइग्रेन हृदय रोग आदि बिमारियों  के होने की संभावना कम हो जाती है।

देवी भागवत के अनुसार सबसे पहले मां ने महिषासुर का वध किया । महिषासुर का अर्थ होता है ऐसा असुर जोकि भैंसें के गुण वाला है अर्थात जड़  बुद्धि है । महिषासुर का विनाश करने का अर्थ है समाज से जड़ता का संहार करना। समाज को इस योग्य बनाना कि वह नई बातें सोच सके तथा निरंतर आगे बढ़ सके।

समाज जब आगे बढ़ने लगा तो आवश्यक था कि उसकी दृष्टि पैनी होती और वह दूर तक देख सकता ।अतः तब माता ने धूम्रलोचन का वध कर समाज को दिव्य दृष्टि दी।

धूम्रलोचन का अर्थ होता है धुंधली दृष्टि। इस प्रकार माता जी माता ने धूम्र लोचन का वध कर समाज को दिव्य दृष्टि प्रदान की।

समाज में जब ज्ञान आ जाता है उसके उपरांत बहुत सारे तर्क वितर्क होने लगते हैं ।हर बात के लिए कुछ लोग उस के पक्ष में तर्क देते हैं और कुछ लोग उस के विपक्ष में तर्क देते हैं । जिससे समाज की प्रगति अवरुद्ध जाती है । चंड मुंड इसी तर्क और वितर्क का प्रतिनिधित्व करते हैं ।माता ने चंड मुंड की हत्या कर समाज को बेमतलब के तर्क वितर्क से आजाद कराया।

समाज में नकारात्मक ऊर्जा के रूप में मनो ग्रंथियां आ जाती हैं ।रक्तबीज इन्हीं मनो ग्रंथियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। जिस प्रकार एक रक्तबीज को मारने पर अनेकों रक्तबीज पैदा हो जाते हैं उसी प्रकार एक नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने पर हजारों तरह की नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है। जिस प्रकार सावधानी से रक्तबीज को मां दुर्गा ने समाप्त किया उसी प्रकार नकारात्मक ऊर्जा को भी सावधानी के साथ ही समाप्त करना पड़ेगा।

शारदीय नवरात्र में प्रतिपदा को माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है । उसके उपरांत द्वितीया को ब्रह्मचारिणी त्रितिया को चंद्रघंटा चतुर्थी को कुष्मांडा पंचमी को स्कंदमाता षष्टी को कात्यायनी सप्तमी को कालरात्रि अष्टमी को महागौरी और नवमी को सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है ।

नवरात्रि के दिनों में हमें मनसा वाचा कर्मणा शुद्ध रहना चाहिए। किसी भी प्रकार के मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए । नवरात्र में लोग बाल बनवाना दाढ़ी बनवाना नाखून काटना पसंद नहीं करते हैं । शुद्ध रहने के लिए आवश्यक है कि हम मांसाहार प्याज लहसुन आदि तामसिक पदार्थों का त्याग करें । तला खाना भी त्याग करना चाहिए ।

अगर आपने नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापित किया है या अखंड ज्योत जला रहे हैं तो आपको इन दिनों घर को खाली छोड़कर नहीं जाना चाहिए ।

नवरात्र में प्रतिदिन हमें साफ कपड़े साफ और झूले हुए कपड़े पहनना चाहिए । एक विशेष ध्यान देने योग्य बात है कि इन 9 दिनों में नींबू को काटना नहीं चाहिए । क्योंकि अगर आप नींबू काटने का कार्य करेंगे तो तामसिक शक्तियां आप पर प्रभाव जमा सकती हैं।

विष्णु पुराण के अनुसार नवरात्रि व्रत के समय दिन में सोना निषेध है।

अगर आप इन दिनों मां के किसी मंत्र का जाप कर रहे हैं पूजा की शुद्धता पर ध्यान दें ।जाप समाप्त होने तक उठना नहीं चाहिए।

इन दिनों शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए।

नवरात्रि में रात्रि का दिन से ज्यादा महत्व  है ।इसका विशेष कारण है। नवरात्रि में हम व्रत संयम नियम यज्ञ भजन पूजन योग साधना बीज मंत्रों का जाप कर सिद्धियों को प्राप्त करते हैं। राज्य में प्रचलित के बहुत सारे और रोज प्रकृति स्वयं ही समाप्त कर देती है। जैसे कि हम देखते हैं अगर हम जिनमें आवाज दें तो वह कम दूर तक जाएगी परंतु रात्रि में वही आवाज दूर तक जाती है दिल में सूर्य की किरणें आवाज की तरंगों को रेडियो तरंगों को आज को रोकती है अगर हम दिन में रेडियो से किसी स्टेशन के गाने को सुनें तो वह रात्रि में उसी रोडियो से उसी स्टेशन के गाने से कम अच्छा सुनाई देगा और संघ की आवाज भी घंटे और शंख की आवाज भी दिन में कम दूर तक जाती है जबकि रात में ज्यादा दूर तक जाती है। दिन में वातावरण में कोलाहल रहता है जबकि रात में शांति रहती है। नवरात्रि में  सिद्धि हेतु रात का ज्यादा महत्व दिया गया है ।

नवरात्रि हमें यह भी संदेश देती है की सफल होने के लिए सरलता के साथ ताकत भी आवश्यक है जैसे माता के पास कमल के साथ चक्र एवं त्रिशूल आदि हथियार भी है समाज को जिस प्रकार  कमलासन की आवश्यकता है उसी प्रकार सिंह अर्थात ताकत ,वृषभ अर्थात गोवंश , गधा अर्थात बोझा ढोने वाली  ताकत , तथा पैदल अर्थात स्वयं की ताकत सभी कुछ आवश्यक है।

मां दुर्गा से प्रार्थना है कि वह आपको पूरी तरह सफल करें ।आप इस नवरात्रि में  जप तप पूजन अर्चन कर मानसिक एवं शारीरिक दोनों रुप में आगे के समय के लिए पूर्णतया तैयार हो जाएं।

जय मां शारदा 🙏🏻

निवेदक:-

ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय

(प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ और वास्तु शास्त्री)

सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, मध्यप्रदेश विद्युत् मंडल 

संपर्क – साकेत धाम कॉलोनी, मकरोनिया, सागर- 470004 मध्यप्रदेश 

मो – 8959594400

ईमेल – 

यूट्यूब चैनल >> आसरा ज्योतिष 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय  ≈

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