हेमन्त बावनकर
☆ ई-अभिव्यक्ति – एक संवाद ☆ हेमन्त बावनकर ☆
प्रिय मित्रो,
ई-अभिव्यक्ति के सभी प्रबुद्ध लेखकगण तथा पाठकगण के आत्मीय स्नेह के लिए हृदय से आभार।
अक्तूबर २०२६ में आपकी प्रिय वैबसाइट ने सफल ८ वर्ष पूर्ण करने जा रही है एवं १५ अगस्त २०२६ को ई-अभिव्यक्ति (मराठी) अपने सफल ६ वर्ष पूर्ण करने जा रही है।
इन पंक्तियों के लिखे जाते तक ३४,३००+ रचनाएँ प्रकाशित हो चुकी हैं एवं 




से अधिक विजिटर्स आपकी प्रिय वैबसाइट https://www.e-abhivyakti.com पर विजिट कर अपना आत्मीय स्नेह और प्रतिसाद दे चुके हैं.
हमें इस सूचना को आपसे साझा करते हुए अत्यंत गर्व का अनुभव हो रहा है कि ई-अभिव्यक्ति भारत का प्रथम प्रकाशन है जो विगत चार वर्षों से फ्लिपबुक फोर्मेट में हिंदी एवं मराठी भाषा में दीपावली विशेषांक का निःशुल्क प्रकाशन कर रहा है.
श्री संजय भारद्वाज
ई-अभिव्यक्ति के प्रकाशन के प्रारंभिक दिनों से प्रतिदिन एक रचना के प्रकाशन में श्री संजय भरद्वाज जी का अविराम साहित्यिक सहयोग रहा है. उन्होंने कई मील के पत्थर पार कर लिए हैं.
श्री प्रदीप शर्मा
इसी कड़ी में हमें आज श्री प्रदीप शर्मा जी के अविराम १००० आलेखों के अविराम प्रकाशित करने का सौभाग्य मिला है. श्री प्रदीप शर्मा जी विगत कई वर्षों से लगातार अपने फेसबुक पेज पर प्रतिदिन एक आलेख प्रातः ६ बजे तक पोस्ट कर देते हैं, जो अपने आप में एक अकल्पनीय उपलब्धि है. इसके लिए उन्हें हार्दिक बधाई। माँ सरस्वती उनकी कलम को यह शक्ति अविराम रखे यही मंगलकामना। इस अवसर पर हम प्रिय मित्र स्मृतिशेष भाई जय प्रकाश पाण्डेय जी का भी स्मरण करते हैं जिन्होंने हमें श्री प्रदीप शर्मा जी से परिचय कराया था.
हमारे सम्पादक मंडल ने अपने प्रबुद्ध लेखकगण एवं पाठकगण के सहयोग से साहित्य सेवा में अपना निःस्वार्थ योगदान देकर साहित्य को नए आयाम देने का प्रयास किया है.
आप को आश्चर्य होगा कि हमारे संपादक मंडल के सदस्य वरिष्ठ नागरिकों / साहित्यकारों का एक छोटा सा समूह है, जो बिना किसी व्यावसायिक लाभ के अपनी अभिरुचि स्वरुप स्वान्तः सुखाय उत्कृष्ट साहित्य प्रदान करने को तत्पर है. ई-अभिव्यक्ति नवोदित साहित्यकारों से लेकर सम्माननीय वरिष्ठ साहित्यकारों के साहित्य को एक सम्माननीय मंच प्रदान करता है और ससम्मान प्रकाशित करने का प्रयास करता है.
उपरोक्त सभी उपलब्धियों से ई-अभिव्यक्ति परिवार गौरवान्वित अनुभव करता है। हम कामना करते हैं कि – आप सभी का अपूर्व आत्मीय स्नेह एवं प्रतिसाद इसी प्रकार हमें मिलता रहेगा।
आपसे सस्नेह विनम्र अनुरोध है कि आप ई-अभिव्यक्ति में प्रकाशित साहित्य को आत्मसात करें एवं अपने मित्रों से सोशल मीडिया पर अवश्य साझा करें।
आपके विचारों एवं सुझावों की हमें प्रतीक्षा रहेगी।
एक बार पुनः आप सभी का हृदय से आभार ।
सस्नेह
हेमन्त बावनकर
पुणे (महाराष्ट्र)
२५ मई २०२६
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≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’≈




बहुत बधाई और शुभकामनाएं।