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(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

पूर्णिका उत्सव – ३ संपन्न –  विशिष्ट पूर्णिकाकारों को पूर्णिकाचार्य सम्मान – अर्धशतादिक पूर्णिका संग्रह लोकार्पित साभार – डॉ. सलपनाथ यादव ‘प्रेम’ ☆

प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी दिनांक ५ दिसंबर २०२५ दिन शुक्रवार को अपराह्न ३ बजे से रानी दुर्गावती कला वीथिका भंवरताल गार्डन, होटल श्री कृष्ण के सामने अपने भव्यतम स्वरूप में पूर्णिका उत्सव ➖ तृतीय का आयोजित किया गया , जिसमें देश-विदेश प्रदेश सहित संस्कार धानी जबलपुर  के पूर्णिका कारों के पूर्णिका संग्रह का लोकार्पण-विमोचन- पूर्णिका गोष्ठी आयोजित की गई।

पूर्णिका उत्सव की यशस्वी अध्यक्षता डॉ ललित कुमार सिंह ‘ललित’, पूर्व शिक्षा निदेशक अलीगढ़ उप्र, और मुख्य अतिथि डॉ बैजनाथ गौतम, पूर्व वरिष्ठ अधिकारी आकाशवाणी जबलपुर, विशिष्ट अतिथि महामहोपाध्याय डॉ हरिशंकर दुबे, प्रसिद्ध कीट वैज्ञानिक लोकभाषा बुंदेली के चंदन चर्चित वरिष्ठ पूर्णिका कार डा कृष्ण कुमार नेमा ‘निर्झर’, सीहोर मप्र, सहित डॉ विभा प्रकाश लखनऊ उप्र रहे।

सारस्वत अतिथि गायत्री ठाकुर ‘सक्षम’ नरसिंहपुर मप्र, डॉ दीनदयाल यादव ‘नीलेश’ बिलासपुर छत्तीसगढ़, डॉ अनिल कुमार बाजपेई रि HOD केमिस्ट्री जबलपुर मप्र हैं वहीं विशेष आमंत्रित अतिथि करुणा सिंह ‘कल्पना’ रांची झारखंड, रामगोपाल निर्मलकर ‘नवीन’ धनौरा सिवनी मप्र मंच को शोभित किया।

पूर्णिका प्रकाश यशोवर्धन पाठक जबलपुर, डॉ निर्मला डोंगरे ‘पूर्णिका’ वृंदावन, विजय बागरी कछारगांव कटनी मप्र। 

पूर्णिका उत्सव के आभार हेतु शिव अलग नैनपुर जबलपुर और कार्यक्रम विराम की घोषणा हेतु डॉ प्रकाश तिवारी जबलपुर मप्र ने की।

पूर्णिका उत्सव का संचालन ख्यात मंच मणि राजेश पाठक ‘प्रवीण’ जी, संतोष नेमा जी, आशुतोष तिवारी ‘आशु’, कविता राय ‘कृति’ जी ।।

समन्वयक प्रतुल श्रीवास्तव, मदन श्रीवास्तव, राजेन्द्र मिश्र, एम पी कोरी, विजय जायसवाल और इरफान झांसवी जी।

पूर्णिका संग्रहों का विमोचन लोकार्पण किया गया। 

डॉ  प्रो खेदू भारती ‘सत्येश’ धमतरी छत्तीसगढ़ जी के 5 छत्तीसगढ़ पूर्णिका संग्रह और हिंदी के 20 पूर्णिका संग्रह सहित आपके टोटल 25 पूर्णिका संग्रह, श्याम सुधा रस – सारिका शर्मा ‘वृंदा’ जी ओमान,अर्तिका की पूर्णिका, भावनाओं का दर्पण — उमा शर्मा ‘अर्तिका’ नोएडा, सिंधु तट गामिनी, हंसते गाते धूम मचाते(बाल पूर्णिका संग्रह), भावनाओं का मधुबन, भावनाओं का रंग (पूर्णिका संकलन)– रजनी कटारे ‘हेम’, दिव्य कौमुदी — नमिता गुप्ता ‘श्री’ लखनऊ उप्र, प्रेम की पूर्णिका — करुणा सिंह ‘कल्पना’ रांची झारखंड, जंगल में जगराता (बाल पूर्णिका संग्रह)– डॉ दीनदयाल यादव ‘नीलेश’ बिलासपुर छत्तीसगढ़, मंगल आशा — रामगोपाल निर्मलकर ‘नवीन’ धनौरा सिवनी मप्र, स्वर्णिम रश्मियां — रश्मि पाण्डेय ‘शुभि’, मधुबन में — पूर्णिका — ‘कदम’ जबलपुरी, माधुरी शतक (पूर्णिकांश संग्रह)— कीरत सिंह यादव ‘कीरत’ लहार भिण्ड मप्र, अविरामिका — विभा प्रकाश लखनऊ उप्र, दिव्या दीप— विनोद कश्यप शर्मा चण्डीगढ़, आशाओं के दीप — तारा गुप्ता लखनवी लखनऊ उप्र ,नेह विन्यास — साधना मिश्र लखनवी लखनऊ उप्र, आंगन में चांद — प्रदीप श्रीवास्तव ‘दीप’ ग्वालियर मप्र, बचपन की वाटिका (बाल पूर्णिका संग्रह)– अनुराधा गर्ग ‘दीप्ति’जबलपुर, प्रेम की बंशी — डॉ ललित कुमार सिंह ‘ललित’ अलीगढ़ उप्र,सब में है शिवत्व — शिव अलग नैनपुर जबलपुर,सफल हुआ अभियान,का भओ बिन्ना (बुंदेली पूर्णिका संग्रह) अंतर राष्ट्रीय विश्व दिवस विशेष पूर्णिका संग्रह सभी— पूर्णिका जनक साहित्याचार्य एडवोकेट डॉ सलपनाथ यादव ‘प्रेम’जी, पूर्णिका मकरंद — गायत्री ठाकुर ‘सक्षम’ नरसिंहपुर मप्र, झूठ के हांडी (भोजपुरी पूर्णिका संग्रह) — डॉ श्याम कुंअर भारती बोकारो झारखंड शामिल रही।

पूर्णिका-चार्य  का सम्मान

  • अनुराधा गर्ग ‘दीप्ति’जबलपुर मप्र
  • पं अंशुल विश्वंभर मिश्र ‘कदम’ जबलपुरी मप्र
  • प्रसिद्ध कीट वैज्ञानिक लोकभाषा बुंदेली के चंदन चर्चित वरिष्ठ पूर्णिकाकार डॉ कृष्ण कुमार नेमा ‘निर्झर’ सीहोर मप्र,
  • रजनी कटारे ‘हेम’ जबलपुर
  • डॉ दीनदयाल यादव ‘नीलेश’ बिलासपुर छत्तीसगढ़
  • करुणा सिंह ‘कल्पना’रांची झारखंड
  • कीरत सिंह यादव ‘कीरत’ लहार भिण्ड मप्र
  • डॉ प्रो खेदू भारती ‘सत्येश’ धमतरी छत्तीसगढ़
  • सारिका शर्मा ‘वृंदा’ ओमान
  • उमा शर्मा ‘अर्तिका’ नोएडा
  • विभा प्रकाश लखनऊ उप्र
  • डॉ ललित कुमार सिंह ‘ललित’अलीगढ़ उप्र
  • रश्मि पाण्डेय ‘शुभि’ जबलपुर
  • रामगोपाल निर्मलकर ‘नवीन’ सिवनी मप्र
  • डॉ निर्मला डोंगरे ‘पूर्णिका’ वृंदावन
  • शिव अलग नैनपुर जबलपुर
  • गायत्री ठाकुर ‘सक्षम’ नरसिंहपुर मप्र
  • विनोद कश्यप शर्मा चण्डीगढ़ जी

 उपरोक्त सभी पूर्णिकाकारों को पूर्णिका में किए गए सतत् सार्थक और उत्कृष्ट प्रयासों के हेतु पूर्णिकाचार्य अलंकरण से सम्मानित किया गया।

पूर्णिका जनक साहित्याचार्य एडवोकेट डॉ सलपनाथ यादव ‘प्रेम’ जी ने सभी पूर्णिका के चाहने वालों सराहने वालों की उपस्थिति का आभार अनुरोध सादर निवेदन किया।

पूर्णिका उत्सव तृतीय की खासियत यह रही कि हिन्दी प्रचारिणी सभा (पंजीकृत), अलीगढ़ उप्र ने साहित्य की नव्यतम विधा पूर्णिका के जनक साहित्याचार्य एडवोकेट डॉ सलपनाथ यादव ‘प्रेम’ जी को ₹ २१,०००/- इक्कीस हजार रूपए की राशि मान पत्र शाल श्रीफल देकर सम्मानित किया जो सभी पूर्णिका कारों के लिए अति अति गर्व गौरवान्वित होने का साक्षी बना इस हेतु अंतर राष्ट्रीय पूर्णिका मंच,आभा साहित्य संघ जबलपुर मप्र सादर आभार कृतज्ञता ज्ञापित करती है..जय पूर्णिका! जय हिन्द! हिन्दी की पूर्णिका, जय जय पूर्णिका!

साभार – संस्थापक/ संयोजक पूर्णिका जनक साहित्याचार्य एडवोकेट डॉ सलपनाथ यादव ‘प्रेम’

प्रदेश अध्यक्ष ➖ रजनी कटारे ‘हेम’, प्रदेश उपाध्यक्ष ➖ डॉ चंदा देवी स्वर्णकार, प्रदेश सहसचिव ➖ आशा झा सखि, संभागीय अध्यक्ष ➖ डॉ निर्मला डोंगरे ‘पूर्णिका’, नगर अध्यक्ष ➖ कविता राय ‘कृति’, नगर महासचिव ➖ ‘कदम’ जबलपुरी, नगर उपाध्यक्ष ➖ रश्मि पाण्डेय ‘शुभि’, कविता नेमा ‘काव्या’ सिवनी मप्र, संरक्षक ➖ एडवोकेट जी आर देशमुख सहित नगर प्रदेश देश की सभी साहित्यिक ईकाई व्हाट्सएप समूह

≈ श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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