श्री राजेश कुमार सिंह ‘श्रेयस’
☆ साप्ताहिक स्तम्भ – श्रेयस साहित्य # ६० ☆
☆ लघुकथा ☆ ~ अंधकार ~ ☆ श्री राजेश कुमार सिंह ‘श्रेयस’ ☆
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बच्चे ने सूरज की किरणों को मुट्ठी में बाँध लिया। सूरज का असमंजस यह था कि उसे धरती पर नया सवेरा लाना था, जो कि उसकी किरणों के बिना संभव नहीं था। धरती लोक के लोगों की चाहत यह थी कि उन्हें हर एक ईश्वर प्रदत्त चीज को अपने बस में करना था, सो उन्होंने बच्चे को इस काम के लिए भेजा। इधर बच्चे की माँ दहाड़े मार कर इसलिए रो रही थी, क्योंकि घने अंधकार मे उसे अपना बच्चा ढूंढे नहीं मिल रहा था।
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© श्री राजेश कुमार सिंह “श्रेयस”
लखनऊ, उप्र, (भारत )
दिनांक 22-02-2025
≈ संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈




