श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ 

(हमप्रतिष्ठित साहित्यकार श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’  जी के आभारी हैं जो  साप्ताहिक स्तम्भ – “विवेक की पुस्तक चर्चा” शीर्षक के माध्यम से हमें अविराम पुस्तक चर्चा प्रकाशनार्थ साझा कर रहे हैं । श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र जी, मुख्यअभियंता सिविल (म प्र पूर्व क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी, जबलपुर ) पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। तकनीकी पृष्ठभूमि के साथ ही उन्हें साहित्यिक अभिरुचि विरासत में मिली है। उनका दैनंदिन जीवन एवं साहित्य में अद्भुत सामंजस्य अनुकरणीय है। इस स्तम्भ के अंतर्गत हम उनके द्वारा की गई पुस्तक समीक्षाएं/पुस्तक चर्चा आप तक पहुंचाने का प्रयास  करते हैं।

आज प्रस्तुत है Anand Gandhi और Zain Memon द्वारा लिखित  MAYA: Seed Takes Rootपर चर्चा।

☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा#  २१५ ☆

“MAYA: Seed Takes Root” – लेखक : Anand Gandhi और Zain Memon ☆ चर्चा – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’

इन  दिनों चर्चित किताब – MAYA: Seed Takes Root 

लेखक – Anand Gandhi और Zain Memon

चर्चा : विवेक रंजन श्रीवास्तव, भोपाल

☆ यह 2026 में प्रकाशित होने वाला एक महत्वाकांक्षी साइंस फिक्शन, फैंटेसी और दर्शन का मिश्रण है – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ☆

किताब की मूल परिकल्पना

कहानी का संसार है Neh नाम का एक ग्रह। वहाँ Maya कोई सामान्य पेड़ या जंगल नहीं, बल्कि एक विशाल जीवित नेटवर्क है। पूरे ग्रह के लोग इन पेड़ों से जुड़ते हैं और उनके माध्यम से काम, मनोरंजन, शिक्षा, स्मृतियों और साझा स्वप्नों की दुनिया में प्रवेश करते हैं।

सबसे रोचक बात यह है कि Maya हर व्यक्ति के बारे में जानती है। उसकी स्मृतियाँ, विचार और व्यवहार इस नेटवर्क का हिस्सा बन जाते हैं। इस विशाल डेटा के आधार पर वहाँ के शासक, जिन्हें Divyas कहा गया है, भविष्य की घटनाओं का अनुमान लगा सकते हैं और लोगों के व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं।

अर्थात यह केवल भविष्य की काल्पनिक दुनिया नहीं है। इसके भीतर आज की दुनिया का इंटरनेट, सोशल मीडिया, बिग डेटा, एल्गोरिदम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दिखाई देता है।

कहानी का केंद्रीय पात्र Yachay, 19 वर्षीय युवक है। वह अपने बीमार दादा Daddu के साथ अलगाव में पला है और उसने कभी Maya नेटवर्क से जुड़कर जीवन नहीं बिताया।

इसका एक अप्रत्याशित परिणाम है।

Maya उसे देख नहीं सकती।

जिस समाज में हर व्यक्ति नेटवर्क से जुड़ा है, वहाँ Yachay का Maya से बाहर होना उसे लगभग अदृश्य बना देता है। उसके दादा चाहते हैं कि वह Divya Trials में भाग ले। यह ऐसी प्रतियोगिता है जिसमें अरबों लोग भाग लेंगे और विजेता को लगभग देवत्व जैसी शक्ति और अमरता प्राप्त हो सकती है।

यहीं से कहानी एक बड़े प्रश्न में बदल जाती है, अगर किसी ऐसी व्यवस्था में जहाँ हर व्यक्ति को पूरी तरह देखा, समझा और भविष्यवाणी किया जा सकता हो, कोई व्यक्ति उस व्यवस्था की निगाह से बाहर हो जाए, तो क्या वह वास्तव में स्वतंत्र हो सकता है?

विषय बहुत समकालीन है

मुझे लगता है कि इस पुस्तक की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसकी कथा से भी अधिक इसका वैचारिक आधार है।

लेखक स्वयं इसे systems fiction कहते हैं, अर्थात ऐसी कथा जिसमें केवल व्यक्ति या घटनाएँ नहीं, बल्कि पूरी सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और तकनीकी व्यवस्था कहानी का पात्र बन जाती है।

पुस्तक कुछ बेहद महत्वपूर्ण प्रश्न उठाती है।

हमारी सूचनाओं का मालिक कौन है?

हमारे डेटा से लाभ कौन कमाता है?

अगर कोई प्रणाली हमारे व्यवहार का अनुमान हमसे पहले लगा सके तो हमारी स्वतंत्र इच्छा कितनी स्वतंत्र रह जाएगी?

क्या भविष्य को जान लेना भविष्य को नियंत्रित करने के बराबर है?

आज जब सोशल मीडिया एल्गोरिदम यह अनुमान लगाने की कोशिश करते हैं कि हमें क्या पसंद आएगा, कौन सी खबर हम पढ़ेंगे और कौन सा विज्ञापन हमें प्रभावित कर सकता है, तब Maya का विचार अचानक बहुत काल्पनिक नहीं लगता।

Anand Gandhi भारतीय सिनेमा के महत्वपूर्ण प्रयोगधर्मी फिल्मकारों में हैं। उनकी फिल्म Ship of Theseus को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था और Tumbbad ने भारतीय मिथक, हॉरर और आधुनिक सिनेमा के मेल का एक अलग उदाहरण प्रस्तुत किया।

उनकी रुचि केवल फिल्म निर्माण तक सीमित नहीं रही है। वे दर्शन, विज्ञान, तकनीक, गेम डिजाइन और वैकल्पिक कथा संरचनाओं में भी काम करते रहे हैं। यही पृष्ठभूमि इस उपन्यास में दिखाई देती है।

दूसरे लेखक Zain Memon गेम डिजाइनर और ट्रांसमीडिया क्रिएटर हैं। उनके प्रसिद्ध राजनीतिक रणनीति बोर्ड गेम SHASN और SHASN: AZADI ने राजनीति, खेल और सामाजिक शिक्षा को जोड़ने का प्रयोग किया है।

 यह पुस्तक दो लेखकों द्वारा लिखा गया सामान्य साइंस फिक्शन उपन्यास मात्र नहीं है। इसके पीछे फिल्म, गेम, मिथक, दर्शन और तकनीक का मिला-जुला रचनात्मक अनुभव है।

पुस्तक पश्चिमी साइंस फिक्शन की नकल करने के बजाय South Asian mythology को आधुनिक विज्ञान और तकनीकी कल्पना के साथ जोड़ती है। नामों में भी इसका संकेत मिलता है, जैसे Maya, Divya, Yachay, Kshar, Tarkash आदि।

इस तरह इसकी कल्पना कु छ ऐसी बनती है जिसमेंप्राचीन मिथकीय संसार, आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, दर्शन और राजनीतिक सत्ता एक ही कथा संसार में आ जाते हैं।

यही शायद इस पुस्तक को भारतीय लेखकों द्वारा लिखे जा रहे समकालीन speculative fiction के संदर्भ में खास बनाता है।

शीर्षक: MAYA: Seed Takes Root

लेखक: Anand Gandhi और Zain Memon

श्रृंखला: MAYA, Book 1

भाषा: अंग्रेजी

विधा: Science Fiction, Fantasy, Dystopian Fiction, Epic Fantasy

 लगभग 416 पृष्ठ

प्रकाशक: Authors Equity

वितरण: Simon & Schuster

ISBN: 9798893311891

Foreword: Neuroscientist Anil Seth

Audiobook narrator: Hugo Weaving

पुस्तक का ऑडियो संस्करण 25 अगस्त 2026 से उपलब्ध होने की जानकारी प्रकाशक ने दी है, जबकि ब्रिटेन में हार्डकवर संस्करण की सूचीबद्ध रिलीज़ 8 अक्टूबर 2026 है।

इस किताब की चर्चा का एक बड़ा कारण इसका crowdfunding भी है। प्रकाशक इसे crowdfunding इतिहास का highest-funded debut novel बता रहा है।

यह अपने आप में महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पता चलता है कि पाठक अब केवल पारंपरिक प्रकाशकों के माध्यम से आने वाली कहानियों का इंतजार नहीं कर रहे। किसी बड़े साहित्यिक प्रोजेक्ट के निर्माण में पाठक स्वयं शुरुआती निवेशक और समुदाय का हिस्सा बन रहे हैं।

 MAYA में भारतीय मिथकीय संकेतों को भविष्य की तकनीकी सभ्यता के प्रश्नों के साथ जोड़ा गया है।

चर्चाकार… विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’

समीक्षक, लेखक, व्यंगयकार

ए २३३, ओल्ड मीनाल रेसीडेंसी, भोपाल, ४६२०२३, मो ७०००३७५७९८

readerswriteback@gmail.कॉम, apniabhivyakti@gmail.com

संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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