श्री मनोज कुमार शुक्ल “मनोज”

संस्कारधानी के सुप्रसिद्ध एवं सजग अग्रज साहित्यकार श्री मनोज कुमार शुक्ल “मनोज” जी  के साप्ताहिक स्तम्भ  “मनोज साहित्य ” में आज प्रस्तुत है आपकी भावप्रवण कविता “कर्तव्य भाव का बोध । आप प्रत्येक मंगलवार को आपकी भावप्रवण रचनाएँ आत्मसात कर सकेंगे।

✍ मनोज साहित्य # २१० – कर्तव्य भाव का बोध  ☆

सेना करे कमाल देखिए।

दुश्मन की हर चाल देखिए।।

 *

सीमा पर चौकस रहते हैं।

राष्ट्र भक्ति की ढाल देखिए।।

 *

जो भी कदम मिला कर बढ़ते।

उनका ऊँचा भाल  देखिए।।

 *

अनुशासन में पगे हुए सब।

दुश्मन है बेहाल  देखिए।।

 *

करें सुरक्षा हम सबकी वे।

रखें हमारा ख्याल देखिए।।

कर्तव्य भाव का बोध सदा।

इस पर नहीं सवाल देखिए।।

©  मनोज कुमार शुक्ल “मनोज”

संपर्क – 58 आशीष दीप, उत्तर मिलोनीगंज जबलपुर (मध्य प्रदेश)- 482002

मो  94258 62550

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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