☆ डॉक्टर लालित्य ललित को अंतर्राष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच की ओर से हरिशंकर परसाई स्मृति सम्मान – अभिनंदन ☆
भोपाल, हिंदी भवन में देश की राजधानी दिल्ली के व्यंग्यकार डॉक्टर लालित्य ललित को अंतर्राष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच की ओर से हरिशंकर परसाई स्मृति सम्मान दिया गया। इस अवसर पर यह सम्मान वरिष्ठ व्यंग्यकार गिरीश पंकज एवम हिंदी भवन के अध्यक्ष श्री रास बिहारी गोस्वामी के साथ संस्था की अध्यक्ष कथाकार संतोष श्रीवास्तव ने प्रदान किया।
इस मौके पर डॉ लालित्य ललित ने अपने अनुभव भी साझा किए और उन्होंने यह भी बताया कि विसंगतियां मनुष्य के साथ साथ चलती है वह कहीं बाहर से नहीं आती।ललित ने महिलाओं के संदर्भ में उनकी मेहनत की तुलना विसंगतियों के आदर्श रूप से की तो महिलाओं ने करतल ध्वनि से उनका आदर सत्कार करके अपने आमंत्रित अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर जयपुर से राजेंद्र मोहन शर्मा,राजेश श्रीवास्तव,दिल्ली से डॉक्टर संजीव कुमार सहित शहर के अनेक गण्यमान्य विद्वान मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में आमंत्रित कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ भी किया और शाम को सुमधुर बना दिया।
💐 ई- अभिव्यक्ति परिवार की और से डॉक्टर लालित्य ललित जी को इस विशिष्ट सम्मान के लिए हार्दिक बधाई 💐
☆ FeedSpot की श्रेष्ठ 90 मराठी ब्लॉग सूची में ई-अभिव्यक्ती (मराठी) एवं अन्य विशिष्ट उपलब्धियां ☆ हेमन्त बावनकर ☆
प्रिय मित्रो,
सर्वप्रथम ई-अभिव्यक्ति के सभी एवं प्रबुद्ध लेखकगण तथा पाठकगण के आत्मीय स्नेह के लिए हृदय से आभार।
इस वर्ष अक्तूबर २०२३ में आपकी प्रिय वैबसाइट के सफल५ वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं एवं १५ अगस्त २०२३ को ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ने अपने सफल ३ वर्ष पूर्ण कर लिए हैं।
अगस्त माह हम सब के लिए कई विशिष्ट उपलब्धियां ले कर आया है। मुझे इन उपलब्धियों को आपसे साझा करने में अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है।
यह ई-अभिव्यक्ती(मराठी) के संपादक मण्डल के सतत प्रयासों एवं प्रबुद्ध लेखकगण एवं पाठकगण के आत्मीय स्नेह का ही परिणाम है कि आपकी प्रिय वेबसाइट को FeedSpot की श्रेष्ठ 90 मराठी ब्लॉग सूची में स्थान प्राप्त हुआ है। FeedSpot के संस्थापक श्री अनुज अग्रवाल जी के ईमेल संदेश के अनुसार आपकी प्रिय वेबसाइट का चयन उनकी स्वतंत्र समिति के सदस्यों द्वारा किया गया है, जिसे आप इस लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं 👉 Top 90 Marathi Blogs
FeedSpot की श्रेष्ठ 90 मराठी ब्लॉग सूची में ई-अभिव्यक्ति (मराठी) के लेखक एवं सुप्रसिद्ध मराठी व्यंग्यकार श्री अमोल अनंत केळकर के व्यक्तिगत ब्लॉग माझी टवाळखोरी !!!! ….. को भी स्थान मिला है।
ई-अभिव्यक्ती (मराठी) के निम्नलिखित साहित्यकारों को तितिक्षा इंटरनॅशनल संस्था द्वारा साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए राष्ट्रीय ग्रंथ पुरस्कार २०२३ श्रेणी में सम्मानित किया गया है।
डाॅ.सोनिया कस्तुरे – सर्वोत्कृष्ट काव्यसंग्रह : नाही उमगत ती अजूनही.
सुश्री वीणा रारावीकर – उत्कृष्ट काव्यसंग्रह : गुजगोष्टी शतशब्दांच्या.
श्री रवींद्र सोनवणे – गझलसंग्रह : प्रथम पुरस्कार : जाणीवांची आवर्तने.
श्री विश्वास विष्णु देशपांडे – विशेष प्रेरणादायी व्यक्तीकथा: अष्टदीप.
स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर ई-अभिव्यक्ति (अँग्रेजी) के संपादक एवं प्रतिष्ठित साहित्यकार कैप्टन प्रवीण रघुवंशी जी को प्रतिष्ठित ग्लोबल राइटर्स एकेडमी द्वारा बेस्ट पोएट (श्रेष्ठ कवि) के सम्मान से सम्मानित किया गया।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ई-अभिव्यक्ति (हिन्दी) के संपादक एवं प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव जी को प्रतिष्ठित १०० अंतरराष्ट्रीय साहित्यकारों की सूची राही रेंकिंग २०२३ में स्थान देकर सम्मानित किया गया ।
हिन्दी आंदोलन परिवार, पुणे द्वारा हिन्दी उत्सव २३ अप्रैल २०२३ को वर्ष २०२२ के हिन्दीश्री सम्मान से मुझे अलंकृत किया गया। इसके लिए हिन्दी आंदोलन परिवार के अध्यक्ष श्री संजय भारद्वाज जी का हार्दिक आभार।
इन पंक्तियों के लिखे जाते तक 18,340 रचनाएँ प्रकाशित हो चुकी हैं एवं 5,23,300 से अधिक विजिटर्स आपकी प्रिय वैबसाइट www.e-abhivyakti.com पर विजिट कर चुके हैं।
इन सभी उपलब्धियों से ई-अभिव्यक्ति परिवार गौरवान्वित अनुभव करता है। आप सभी का यह अपूर्व आत्मीय स्नेह एवं प्रतिसाद इसी प्रकार हमें मिलता रहेगा।
आपसे सस्नेह विनम्र अनुरोध है कि आप ई-अभिव्यक्ति में प्रकाशित साहित्य को आत्मसात करें एवं अपने मित्रों से सोशल मीडिया पर साझा करें।
आपके विचारों एवं सुझावों की हमें प्रतीक्षा रहेगी।
एक बार पुनः आप सभी का हृदय से आभार ।
सस्नेह
हेमन्त बावनकर
पुणे (महाराष्ट्र)
१९ अगस्त २०२३
≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈
💐 The GLOBAL WRITERS ACADEMY has awarded Captain Pravin Raghuvanshi the BEST POET. 💐
It’s a great pleasure to share with you all that Capt. Pravin Raghuvanshi ji has been awarded the Best Poet by the Global Writers Academy. Shri Biswananda Sinha, President, Global Writers Academy, announced this great news on the occasion of the 77th Independence Day celebrations of our beloved country India.
Captain Pravin Raghuvanshi—an ex Naval Officer, possesses a multifaceted personality. He served as a Senior Advisor in prestigious Supercomputer organisation C-DAC, Pune. He was involved in various Artificial Intelligence and High-Performance Computing projects of national and international repute. He has got a long experience in the field of ‘Natural Language Processing’, especially, in the domain of Machine Translation. He has taken the mantle of translating the timeless beauties of Indian literature upon himself so that it reaches across the globe. He has also undertaken translation work for Shri Narendra Modi, the Hon’ble Prime Minister of India, which was highly appreciated by him. He is also a member of ‘Bombay Film Writer Association’.
Captain Raghuvanshi is also a littérateur par excellence. He is a prolific writer, poet and ‘Shayar’ himself and participates in literature fests and ‘Mushayaras’. He keeps participating in various language & literature fests, symposiums and workshops etc. Recently, he played an active role in the ‘International Hindi Conference’ at New Delhi. He presided over the “Session Focused on Language and Translation” and also presented a research paper. The conference was organized by Delhi University in collaboration with New York University and Columbia University.
Capt. Raghuvanshi ji is the Editor (English) of this popular e-magazine, www.e-abhivyakti.com.
💐 The e-abhivyakti family congratulates Capt. Pravin Raghuvanshi ji for this great achievement. 💐
☆ ई-अभिव्यक्ति के श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ प्रतिष्ठित “राही रैंकिंग/Rahi Ranking 2023” में सम्मानित – अभिनंदन ☆
शतक एक ऐसी संख्या है जो एक मान्य मुकाम की उद्घोषणा के रूप में स्थापित हो चुकी है . क्रिकेट में शतकीय पारी, उम्र में १०० बरस की जिंदगी, परीक्षाओ में १०० अंको के पूर्णांक वगैरह वगैरह…
वर्ष २०१५ से राही सहयोग संस्थान नामक संस्था ने स्वैच्छिक रूप से कुल पचपन सदस्यों का एक समूह बनाया. इन सदस्यों में कुछ शिक्षक, विद्यार्थी, शोधार्थी, संपादक, समीक्षक, सामान्य रूचि शील पाठकों के रूप में कुछ साहित्यानुरागी गृहणियाँ थी । पुस्तकालय कर्मी, प्रकाशक और प्रतिष्ठित पुस्तक विक्रेता तक शामिल थे और शेष इंटरनेट सर्फर्स थे ।
प्रबुद्ध साहित्यिक श्री प्रबोध कुमार गोविल जी की इस पहल का उद्देश्य था कि हिन्दी पाठकों को हिन्दी दिवस के अवसर पर हिन्दी जगत के १०० सक्रिय श्रेष्ठ रचनाकारों से एक रेंकिंग के जरिये परिचित करवाना. जिससे शोधार्थी, हिंदी पाठको को विश्व में हिंदी के वर्ष के सक्रिय श्रेष्ठ रचनाकारों से परिचित करवाया जा सके । इस सूची में सभी विधाओं के रचनाकारों को एक साथ शामिल किया जाता है।
२०१५ से प्रारंभ यह इरादा अब तक लगातार हर वर्ष मूर्त रूप ले रहा है, और अब इसकी गूंज वैश्विक हो चली है।
वर्ष २०१७ की इस रैंकिंग के तीसरे वर्ष में लगातार चुने गए साहित्यकारों के विस्तृत साक्षात्कारों पर आधारित एक किताब “हरे कक्ष में दिनभर”श्री प्रबोध कुमार गोविल के संपादन में प्रकाशित हुई. इंडिया नेटबुक्स प्रा लिमि नोएडा के संस्थापक श्री संजीव कुमार एक प्रयोगधर्मी साहित्यकार भी हैं, उनके सहयोग से वर्ष २०२० की राही रैंकिंग सूची में चयनित व्यंग्यकारो, कवियों, लघुकथाकारों, कहानीकारों आदि के विधावार रचना संकलन प्रकाशित किये गये. वरिष्ठ व्यंग्यकार श्री फारूक अफरीदी एवं सुश्री कविता मुखर के संपादन में चटपटे शरारे शीर्षक से राही रेंकिंग २०२० में चयनित व्यंग्यकारों का व्यंग्य संकलन प्रकाशित हुआ है .
गत वर्ष श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव तथा श्री अरूण अर्णव खरे ने राही रैंकिंग के व्यंग्यकारों का संकलन चटपटे शरारे फिर से संपादित किया था।
श्री प्रबोध गोविल जी अपनी साहित्यिक यात्रा मे अविराम तटस्थ और समर्पित भाव से जुटे हुए हैं। वर्ष २०२२-२०२३ की राही रैंकिंग की घोषणा हो चुकी है।
राही रैंकिंग/Rahi Ranking 2023
ममता कालिया Mamta Kaliya
चित्रा मुद्गल Chitra Mudgal
सूर्यबाला Suryabala
नासिरा शर्मा Nasira Sharma
रामदरश मिश्र Ramdarash Mishra
प्रेम जनमेजय Prem Janamejay
प्रताप सहगल Pratap Sehgal
नंद भारद्वाज Nand Bhardwaj
संजीव कुमार (डॉ) Sanjeev Kumar (Dr)
नीरजा माधव Neerja Madhav
मधु कांकरिया Madhu Kankariya
माधव कौशिक Madhav Kaushik
विनोद कुमार शुक्ल Vinod Kumar Shukla
दुर्गा प्रसाद अग्रवाल (डॉ) Durga Prasad Agrawal (Dr)
सुधा ओम ढींगरा Sudha Om Dhingra
सूरज प्रकाश Suraj Prakash
दामोदर खड़से (डॉ) Damodar Khadse (Dr)
अष्टभुजा शुक्ल Ashtabhuja Shukla
संतोष श्रीवास्तव Santosh Shrivastav
गिरीश पंकज Gireesh Pankaj
दिविक रमेश Rivik Ramesh
रत्न कुमार सांभरिया Ratna Kumar Sambhariya
प्रणव भारती (डॉ) Pranav Bharti (Dr)
बलराम Balram
लालित्य ललित Lalitya Lalit
ज्ञान चतुर्वेदी Gyan Chaturvedi
राजी सेठ Raji Seth
फारूक आफरीदी Farooq Afridi
राम देव धुरंधर (मॉरीशस) Ram Deo Dhurandar (Mauritius)
नीलू गुप्ता ( यूएसए) Nilu Gupta (USA)
मनीषा कुलश्रेष्ठ Manisha Kulshrestha
विनोद साही Vinod Sahi
अंजना संधीर Anjana Sandheer
हरीश नवल Harish Naval
असगर वजाहत Asgar Vajahat
गोपाल चतुर्वेदी Gopal Chaturvedi
यशपाल निर्मल Yashpal Nirmal
उदय प्रकाश Uday Prakash
हंसा दीप Hansa Deep
लक्ष्मी शंकर बाजपेई Laxmi Shankar Bajpai
बुद्धिनाथ मिश्र Buddhi Nath Misra
राजेश जोशी Rajesh Joshi
तेजेंद्र शर्मा Tejendra Sharma
बलराम Balram
सुभाष चंदर Subhash Chandar
विजय कुमार तिवारी Vijay Kumar Tiwari
हरीश पाठक Harish Pathak
विमला भंडारी Vimla Bhandari
उर्मिला शिरीष Urmila Shirish
महेश दर्पण Mahesh Darpan
शैलेंद्र कुमार शर्मा Shailendra Kumar Sharna
रजनी मोरवाल Rajni Morwal
अनुराग शर्मा (यूएसए) Anurag Sharma (USA)
देवेंद्र जोशी Devendra Joshi
हरि राम मीणा Hari Ram Mina
हरि सुमन बिष्ट HariSuman Visht
अरुण अर्णव खरे Arun Arnav Khare
बी एल आच्छा BL Achchha
बुलाकी शर्मा Bulaki Sharma
सुषमा मुनींद्र Sushma Munindra
विवेक रंजन श्रीवास्तव Vivek Ranjan Srivastav
ज्ञान प्रकाश विवेक Gyan Prakash Vivek
अमृत लाल मदान Amrit Lal Madan
संतोष खन्ना Santosh Khanna
रूप सिंह चंदेल Roop Singh Chandel
सुभाष नीरव Subhash Neerav
अरविंद तिवारी Arvind Tiwari
हरि प्रकाश राठी Hari Prakash Rathi
सुरेश ऋतुपर्ण Suresh Rituparna
हरिहर झा (ऑस्ट्रेलिया) Harihar Jha (Australia)
गुर बचन कौर Gurbachan Kaur (USA)
दिलीप तेतरबे Dilip Teterbe
मधु आचार्य Madhu Acharya
सविता चड्ढा Savita Chaddha
अहिल्या मिश्र Ahilya Mishra
नीरज दईया Neeraj Daiya
दिनेश माली Dinesh Mali
कांता राय Kanta Roy
राजेश कुमार Rajesh Kumar
सूरत सिंह ठाकुर Surat Singh Thakur
राजेंद्र जोशी Rajendra Joshi
चंद्रकांता Chandrakanta
श्याम सखा श्याम Shyam Sakha Shyam
सिद्धेश्वर Siddheshwar
मिठेश निर्मोही Meethesh Nirmohi’
दिव्या माथुर (यूके) Divya Mathur (UK)
रति सक्सेना Rati Saxena
जगदीश व्योम Jagdish Vyom
रमा कांत शर्मा Rama Kant Sharma
विकेश निझावन Vikesh Nijhavan
गंगा राम राजी Ganga Ram Raji
सुदर्शन वशिष्ट Sudarshan Vashisht
पिलकेंद्र अरोड़ा Pilkendra Arora
रण विजय राव Ranvijay Rao
हरीश कुमार सिंह Harish Kumar Singh
नीलम कुलश्रेष्ठ Neelam Kulshrestha
सुधा चौहान Sudha Chauhan
सौम्या दुआ Soumya Dua
अलका अग्रवाल सिगतिया Alka Agrawal Sigatia
तन्वी कुंद्रा Tanvi Kundra
यह क्रम निर्बाध जारी रहे । इस शुभ भाव के साथ।
💐 ई- अभिव्यक्ति परिवार की और से श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ जी को इस विशिष्ट सम्मान के लिए हार्दिक बधाई 💐
≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈
☆ अपनों के बीच सम्मानित हुए श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ – अभिनंदन ☆
रतनगढ़, 15 अगस्त 2023: रतनगढ़ नगर परिषद ने वरिष्ठ साहित्यकार ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ को स्वतन्त्रता दिवस समारोह पर सम्मानित किया. स्वतन्त्रता दिवस समारोह पुराना पंचायत भवन, सब्जी मंडी, रतनगढ़ में आयोजित किया गया. धूमधाम से आयोजित इस समारोह में नगर परिषद के अध्यक्ष, अध्यक्ष प्रतिनिधि, पार्षदगण, नागरिक बंधु और छात्र-छात्राएं आदि उपस्थित थे.
नगर परिषद के अध्यक्ष, अध्यक्ष प्रतिनिधि, पार्षदगण आदि ने ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ को साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया.
ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ एक वरिष्ठ साहित्यकार हैं और वे कई वर्षों से अध्ययन, अध्यापन के साथ साहित्य की साधना कर रहे हैं. अपनी साधना के फलस्वरुप रतनगढ़ का नाम साहित्य क्षेत्र में उज्जवल किया है. आपको हाल ही में मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी, भोपाल, मध्य प्रदेश द्वारा 51000 रुपए का श्री हरेकृष्ण देवसरे पुरस्कार देकर सम्मानित किया है.
श्री हरेकृष्ण देवसरे पुरस्कार,मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दिया जाने वाला एक साहित्यिक पुरस्कार है. यह पुरस्कार बच्चों के साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है. इस पुरस्कार के लिए पात्रता मानदंड हैं:
उम्मीदवार को भारतीय नागरिक होना चाहिए.
उम्मीदवार को कम से कम एक पुस्तक लिखी होनी चाहिए, जो बच्चों के साहित्य से संबंधित हो.
उम्मीदवार की पुस्तक को कम से कम एक वर्ष पहले प्रकाशित होना चाहिए.
यह पुरस्कार 51,000 रुपये, प्रतीक चिन्ह और अंग वस्त्र के रूप में दिया जाता है.
ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ ने कहा कि उन्हें देश विदेश में तो सम्मान मिला है मगर जब अपनों को अपनों के बीच सम्मानित किया जाता है तो गर्व की अनुभूति होती है. उन्होंने कहा कि वे हमेशा साहित्य के क्षेत्र में काम करते हुए रतनगढ़ का नाम रोशन करते रहेंगे.
💐 ई- अभिव्यक्ति परिवार की और से श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ जी को इस विशिष्ट सम्मान के लिए हार्दिक बधाई 💐
– श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈
☆ देश प्रेम काव्य के रंग से मनाया ‘हर घर तिरंगा अभियान’ अभियंता कवियों ने ☆ प्रस्तुति – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ☆
साहित्य क्षितिज पर भोपाल के रचनाकार अभियंता निरंतर नवाचार करते दिखते हैं। काव्य के रंग से हर घर तिरंगा अभियान मनाने अभियंता कवियों ने साहित्य यांत्रिकी की गोष्ठी आयोजित की।
गायक, कवि अशेष श्रीवास्तव ने गोष्ठी का प्रारंभ करते हुए 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर अपने अपने घरों, कार्यस्थलों, मोहल्लों, धार्मिक स्थलों को दीप मालाओं बिजली की सीरीज़, मोमबत्तियों से सजा कर देश के प्रति अपना प्रेम व सम्मान जताने की अपील की। उन्होंने कहा कि…
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अच्छी पर किसमें?
नफ़रत फैलाने में या प्यार फैलाने मे?
घृणा की आग जलाने में या प्रेम से आग बुझाने में?
लोगों को बाँटने में या लोगों को जोड़ने में?
गोष्ठी को आगे बढ़ाया सशक्त कवि श्री अजेय श्रीवास्तव ने, उन्होंने विभिन्न संदर्भ में तिरंगे के महत्व को लंबी कविता में प्रस्तुत किया।
गांधी के शांति पाथ की खोज है तिरंगा
क्रांतिकारी चन्द्र, भगत का जयघोष है तिरंगा
शास्त्री के जय जवान, जय किसान को ले आगे बढ़े
नेता जी के दिल से निकाला ओज है तिरंगा
रवींद्र नाथ टैगोर विश्वविद्यालय वैशाली के कुलाधिपति श्री व्ही के वर्मा ने अपनी रचना पढ़ी …
नया भारत नया भारत
सपनों की उड़ान है
जोश है जुनून है
एक नई पहचान है
वरिष्ठ रचनाकार अभियंता श्री प्रियदर्शी खैरा जी ने
घर शहीदों के हैं मंदिरों की तरह
देहरी पे नज़र बस झुकी रह गई।
तथा पावस पर गजलें पढ़कर मन मोह लिया।
भारतीय रेल में कार्यरत इंजी राकेश प्रहर ने व्यंग्य के प्रहार किए। उनकी देश प्रेम की रचना ने तालियां बटोरी…
देश के अभिमान का, वीरों के सम्मान का,
प्यारा ये तिरंगा वीर, गाथाओं का गान है।
राष्ट्र के निशान पे, आन बान शान पे,
तिरंगे के लिए मेरी, ये जान कुर्बान है।।
गोष्ठी का संचालन कर रहे व्यंग्य, नाटक, काव्य, समीक्षा के बहुविध वरिष्ठ रचनाकार अभियंता विवेक रंजन श्रीवास्तव ने काव्य पाठ करते हुए कहा …
राजनीति रंगों की करते
भावनाओं से खेल रहे जो
जनता ने उनको ललकारा
कोई कतर कर इसकी पट्टियाँ
बना रहा संकीर्ण झंडियाँ
सजा उन्हें देगा जन सारा
झंडा ऊंचा रहे हमारा
श्री मुकेश मिश्रा ने अपनी बात रखी और नए जमाने पर कटाक्ष किया…
ओटीपी लेकर मुझे टोपी पहना गया,
चोरी के तरीके कितने आसान हो गये।
गोष्ठी के समापन में श्री प्रमोद तिवारी ने विगत को याद किया …
बूढ़ी दादी नानी के आंचल में वो ठंडी छांव बहुत ,
गोबर से लिपा पुता वो घर देहरी पर दीपक होता था।
आँगन में हाथ बुनी रस्सी की खटिया भी एक होती थी।
होता डुलार भी एक वहां और आले चिमनी होती थी
आंखों में पानी होता था और बोली शीरी होती थी।
सभी ने अभियंताओ के साहित्यिक अवदान को रेखांकित किया। अभियंता रचनाकारों के व्यंग्य, कविता, नाटक संग्रह के प्रकाशन के सिवाय अन्य योजनाओं पर चर्चा हुई। आभार, धन्यवाद ज्ञापन के साथ होटल कान्हा कैसल एमपी नगर में आयोजित यह गोष्ठी संपन्न हुई।
✒️ Contest – Anthology “अयोध्या: Ram and Sita Return” – ✒️
“अयोध्या: Ram and Sita Return” – this is the title of not only the next anthology (Kindle Version only by Dewdrop Publication), but also the contest. You have to interpret the title in your own words and as per your imagination. It could be happiness on their return, it could be a question mark on what was to follow, it could be a happiness on the end of war, it could be just anything. And it could be from the perspective of anyone – Hanuman, Vibhishan, Urmilla, Sita, Ram, Laxman, Bharat or a simple onlooker etc etc etc.
Rules
The poem must not be more than 30 lines. Poems with more than 30 will be rejected and no questions entertained.
The poem can be in English/Hindi. Only 1 poem will be entertained. If you send more than 1 poem, the one sent first will be used.
The poem should not hurt the sentiments by usage of foul words, etc. Such poems will be rejected.
The poem should be sent as a word document which should also contain a 100 word biodata. Biodata with more than 100 words will not be used in anthology. Both biodata and poem should be in the same word document – the biodata should be put first, followed by the poem. The email should also have a jpeg photo of yours, unless you don’t wish it to be published.
The email should contain a declaration “This is my own work and I have the copyright to my poem. I have no objection if the poem is published in kindle anthology.”
If you want to send your poem only for the contest, then simply declare – “This is my own work and I have the copyright to my poem.”
The last date to send is 31/08/2023. The entries will be sent anonymously to the editors.
The anthology will be published by October.
If anyone wishes to submit their painting on the theme, same can also be emailed. The best one will be used as the cover page.
All submissions should be made on neelamchandras26@gmail.com.
स्व हरिशंकर परसाई जन्मशती पर ‘व्यंग्यम’ जबलपुर द्वारा एक समीक्षा गोष्ठी सम्पन्न साभार – श्री जय प्रकाश पाण्डेय ☆
व्यंग्य जगत के पितामह हरिशंकर परसाई जन्मशती पर ‘व्यंग्यम’ जबलपुर द्वारा एक समीक्षा गोष्ठी का आयोजन परसाई भवन में किया गया। जिसमें ख्यातिलब्ध व्यंग्यकार, व्यंग्य धारा पत्रिका के सम्पादक डॉ प्रेम जनमेजय दिल्ली से पधारे।
व्यंग्यम के मंच पर श्री जयप्रकाश पांडेय के व्यंग्य संकलन ‘डांस इंडिया डांस’ और डॉ प्रेम जनमेजय के व्यंग्य संकलन ‘सींग वाले गधे’ पर विस्तृत चर्चा हुई। डॉ प्रेम जनमेजय जी के व्यंग्य संकलन पर डॉ कुंदन सिंह परिहार और श्री प्रतुल श्रीवास्तव जी ने विस्तृत आलेख पढ़े और श्री सुरेश कुमार मिश्र विचित्र ने उनके संग्रह की एक व्यंग्य रचना का पाठ किया। श्री जयप्रकाश पांडेय के व्यंग्य संकलन पर श्री अभिमन्यु जैन और श्री राकेश सोहम जी ने आलेख पढ़े और श्री यशोवर्धन पाठक जी ने रचना पाठ किया। कुशल संचालन श्री रमेश सैनी का रहा और धन्यवाद ज्ञापन डॉ विजय तिवारी ‘किसलय’जी ने दिया। इस कार्यक्रम में शहर के 18 से अधिक व्यंग्यकारों ने अपनी उपस्थिति देकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
साभार – श्री जय प्रकाश पाण्डेय, जबलपुर (मध्यप्रदेश)
≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈