श्री एस के कपूर “श्री हंस”
☆ “श्री हंस” साहित्य # २२४ ☆
☆ गीत ।। कड़वा मीठा तीखा फीका हर स्वाद जीवन में है ।। ☆ श्री एस के कपूर “श्री हंस” ☆
☆
कड़वा मीठा तीखा फीका हर स्वाद जीवन में है।
मिलता हर रस बार -बार हर स्वाद जीवन में है।।
**
जानो जीवन में व्यक्ति नहीं व्यक्तित्व काआदर होता है।
उपभोग नहीं उपयोग ही सबके लिए सादर होता है।।
प्रेम और स्नेह का ही लगता पानी खाद जीवन में है।
कड़वा मीठा तीखा फीका हर स्वाद जीवन में है।।
**
वाणी से ही खुशी वाणी से ही गम मिलता जीवन में है।
वाणी से ही पीड़ा वाणी से मरहम मिलता जीवन में है।।
वही सफल जिसे मिला बड़ों का आशीर्वाद जीवन में है।
कड़वा मीठा तीखा फीका हर स्वाद जीवन में है।।
**
अंधेरा और उजाला सब का सामना होता जीवन में है।
घर परिवार समाज सबकी बात मानना होता जीवन में है।।
हर स्वाद का खुशी से लेना यही सही स्वाद जीवन में है।
कड़वा मीठा तीखा फीका हर स्वाद जीवन में है।।
☆
© एस के कपूर “श्री हंस”
बरेली ईमेल – Skkapoor5067@ gmail.com, मोब – 9897071046, 8218685464




