डॉ. सोनिया कस्तुरे

? कविता ?

🍃 इरफ़ान … 🍃 डॉ.सोनिया कस्तुरे ☆

सच को सच कहना ज़रूरी है,

भाइयों और बहनों, इरफ़ान होना ज़रूरी है।

*

​चाहे आप शिक्षित हों या अशिक्षित,

अपनी आवाज़ बुलंद होना ज़रूरी है,

भाइयों और बहनों, इरफ़ान होना ज़रूरी है।

*

​ज़ुल्म देखकर तड़प उठना ज़रूरी है,

और ज़ुल्म को ज़ुल्म कहना ज़रूरी है,

भाइयों और बहनों, इरफ़ान होना ज़रूरी है।

*

​लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए,

बाबासाहेब और गांधी के विचार ज़रूरी हैं,

भाइयों और बहनों, इरफ़ान होना ज़रूरी है।

*

​बेबस और पीड़ितों की आवाज़ बनना ज़रूरी है,

भारतीय एकता की मिसाल बनना ज़रूरी है,

भाइयों और बहनों, इरफ़ान होना ज़रूरी है।

*

​इरफ़ान सिर्फ़ एक व्यक्ति का नाम नहीं,

सही और गलत की पहचान, एक गहरा ज्ञान है,

यह जागरूकता और मानवता का अहसास है,

भाइयों और बहनों, इरफ़ान होना ज़रूरी है।

*

​सच को सच कहना ज़रूरी है,

भाइयों और बहनों, इरफ़ान होना ज़रूरी है।

© डॉ.सोनिया कस्तुरे

विश्रामबाग, जि. सांगली

भ्रमणध्वनी:- 9326818354

संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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