डॉ.राजेश ठाकुर
( प्रो डॉ राजेश ठाकुर जी का मंतव्य उनके ही शब्दों में – “पाखण्ड, अंध विश्वास, कुरीति, विद्रूपता, विसंगति, विडंबना, अराजकता, भ्रष्टाचार के खिलाफ़ जन-समुदाय को जागृत करना ही मेरी लेखनी का मूल प्रयोजन है…l” अब आप प्रत्येक शनिवार डॉ राजेश ठाकुर जी की रचनाएँ आत्मसात कर सकते हैं. आज प्रस्तुत है आपकी एक समसामयिक विषय पर आधारित रचना “हमारा मध्यप्रदेश…“.)
साप्ताहिक स्तम्भ ☆ नेता चरित मानस # ७
कविता – हमारा मध्यप्रदेश… ☆ प्रो. डॉ. राजेश ठाकुर
कला, कृषि, विज्ञान का ऐसा, हो विकसित परिवेश
नित्य प्रगति-पथ पर हो अग्रसर, अपना मध्यप्रदेश l
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स्थापना 1 नवम्बर,सन् उन्नीस सौ छप्पन
मैं धन्य कि इस माटी में, बीता मेरा बचपन ll”
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© प्रो. डॉ. राजेश कुमार ठाकुर
शासकीय कॉलेज़ केवलारी
संपर्क — ग्राम -धतूरा, पोस्ट – जामगाँव, तहसील -नैनपुर, जिला -मण्डला (म.प्र.) मोबा. 9424316071
≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈





