☆ साहित्यिक कार्य के लिए श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ सम्मानित ☆
रतनगढ़। श्री राम मंदिर में भगवन राम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर सोमवंशी क्षत्रिय समाज द्वारा साहित्यिक कार्य के लिए श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ को शाजापुर में एक भव्य सामाजिक कार्यक्रम में भारत भर से पधारे अतिथियों के सम्मुख सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर रमेश मनोहरा जावरा को भी शाल श्रीफल देकर कर सम्मानित किया गया है। स्मरण रहे कि श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय को आजादी के 75 वे अमृत महोत्सव पर समर्पित भारत कथा माला के 28 राज्य व 9 केंद्र शासित प्रदेशों की प्रकाशित पुस्तकों में ’21 श्रेष्ठ बालमन की कहानियां (मध्यप्रदेश)’ का संपादन कार्य कर कहानियों की दृष्टि से सर्वोत्कृष्ट संकलन प्रस्तुत किया गया हैं। इस संकलन में मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ विकास दवे, देवपुत्र के संपादक श्री गोपाल महेश्वरी सहित मध्यप्रदेश के अनेक बाल साहित्यकारों की कहानियां सम्मिलित की गई है।
💐 ई- अभिव्यक्ति परिवार की ओर से श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय “प्रकाश” इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं 💐
≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈
☆ आचार्य जगदीश चंद्र मिश्र लघुकथा सम्मान – वर्ष 2022 – प्रविष्टियाँ आमंत्रित ☆
☆ लघुकथा शोध केंद्र, अहमदनगर (महाराष्ट्र) का आयोजन ☆
लघुकथा शोध केंद्र, अहमदनगर (महाराष्ट्र) के प्रथम वार्षिक कार्यक्रम (मई 2022) के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर ‘आचार्य जगदीश चंद्र मिश्र लघुकथा सम्मान’ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें प्रविष्टि भेजने के लिए नियम व शर्तें इस प्रकार हैं —
प्रेषित लघुकथा मौलिक तथा अप्रकाशित, अप्रसारित हो। इसका प्रमाण पत्र लघुकथाकार द्वारा देना अनिवार्य है।
प्रेषित लघुकथा वर्ड फाइल में यूनीकोड मंगल फोंट अथवा कृतिदेव 10 फोंट में टाइप की हुई हो ।
वर्तनी की अशुद्धियां नहीं होनी चाहिए तथा व्याकरण चिह्नों का समुचित प्रयोग हो ।
एक लघुकथाकार एक लघुकथा भेजें। लघुकथा का शीर्षक, अपना पूरा नाम, डाकपता, फोन नंबर, ई-मेल आदि का स्पष्ट उल्लेख अलग फाइल में करें।
लघुकथाएँ इस ई-मेल पर भेजें – richasharma1168@gmail.com व्हाट्स एप पर अथवा डाक/कूरियर से नहीं।
रचना ओपन फाइल में भेजें, पीडीएफ में नहीं।
रचना भेजने की अन्तिम तिथि – 5.5.2022 है। इसके बाद प्राप्त रचनाएँ प्रतियोगिता में शामिल नहीं की जाएँगी।
परीक्षकों का निर्णय ही मान्य तथा अंतिम होगा ।
प्रतियोगिता का परिणाम वार्षिक कार्यक्रम (ऑनलाईन) के अवसर पर घोषित किया जाएगा। इससे पूर्व इस संदर्भ में कृपया कोई संपर्क न करे ।
प्रथम पुरस्कार – 2000/=
द्वितीय पुरस्कार -1000/=
तृतीय पुरस्कार – 700/=
तीन प्रोत्साहन पुरस्कार- 500/=
विशेष:- प्रतियोगिता के नियमों में आवश्यक परिवर्तन का अधिकार ‘आचार्य जगदीश चंद्र मिश्र लघुकथा सम्मान’समिति, अहमदनगर (महाराष्ट्र) के पास सुरक्षित रहेगा।
प्रो. डॉ. ऋचा शर्मा, अध्यक्ष – हिंदी विभाग, अहमदनगर कॉलेज, अहमदनगर (महाराष्ट्र)
संयोजक – लघुकथा शोध केंद्र, अहमदनगर, [महाराष्ट्र (लघुकथा शोध केंद्र,भोपाल की शाखा)]
ई-मेल – richasharma1168@gmail.com
मो. – 9370288414
≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈
☆ श्रीमती वीनु जमुआर द्वारा लिखित पुस्तक ‘सिद्धार्थ से महात्मा बुद्ध’ लोकार्पित ☆
भारतीय नव वर्ष के अवसर पर दिनांक 2 अप्रैल को श्रीमती वीनु जमुआर द्वारा लिखित पुस्तक ‘सिद्धार्थ से महात्मा बुद्ध’ का ऑनलाइन लोकार्पण हुआ। यह कार्यक्रम क्षितिज प्रकाशन और इन्फोटेनमेंट के तत्वाधान में आयोजित किया गया था।
संचालक-समालोचक के रूप में कार्यक्रम का आरम्भ करते हुए हिन्दी आंदोलन परिवार के अध्यक्ष श्री संजय भारद्वाज ने कहा कि ऑनलाइन पुस्तकों के जमाने में भी ‘बिटवीन द लाइंस’ पढ़ने के लिए मुद्रित पुस्तकें सदा प्रासंगिक रहेंगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती ऋता शुक्ल ने की । उन्होंने कहा कि रामत्व, बुद्धत्व हमारे रक्त में है। शब्द यज्ञ, कला यज्ञ आदि के माध्यम से हमें वाचन संस्कृति की ओर लौटना होगा।
मुख्य अतिथि डॉ. सुदर्शन वशिष्ठ ने कहा कि लेखिका ने सरल, बोधगम्य भाषा में बुद्ध के चरित्र को सामने रखा है। सभी पीढ़ियाँ इसे पढ़ने का आनंद ले सकती हैं।
डॉ रमेश गुप्त मिलन ने इस पुस्तक को साहित्यिक जगत में निधि के रूप में शृंगारित की उपमा दी। श्री देवेंद्र कुमार बहल ने कहा कि किसी भी धर्मगुरु के दर्शन को समझने के लिए तत्कालीन ऐतिहासिक पृष्ठभूमि समझनी होती है। इस मानक पर यह पुस्तक खरी उतरी है। डॉ. रवींद्र नारायण पहलवान ने कहा कि लेखिका अपने मन की आँखों से उस समय घटित घटनाओं के साकार चित्रण में सफल रही हैं। श्री इंदुभूषण कोचगवे ने कामना व्यक्त की कि लेखिका आगे भी साहित्य की वाटिका को इसी भाँति सुवासित करती रहें।
उत्सवमूर्ति श्रीमती वीनु जमुआर ने कहा कि जीवन में उन्हें सदा अच्छे लोगों का साथ मिला। सृजन के संसार ने उन्हें हमेशा नये रिश्तों में बाँधा। उन्होंने सबके प्रति कृतज्ञता भी ज्ञापित की।
स्वागत भाषण में क्षितिज की प्रमुख सुधा भारद्वाज ने कहा कि साहित्यकारों-परिजनो की उपस्थिति से आयोजन उत्सव में परिवर्तित हो गया है। अमिता अम्बस्ट, विनीता सिन्हा, रश्मि वर्मा, डॉ. अनूप सिन्हा, नवीन सिन्हा, प्रदीप वर्मा, उपासना जमुआर, स्निग्धा जमुआर, काश्वी जमुआर ने भी अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं।
वेरा सिन्हा ने आभार व्यक्त किया। कृतिका भारद्वाज ने तकनीकी व्यवस्था में विशेष सहयोग किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यकार और मित्र उपस्थित थे।
≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈
माहीम सार्वजनिक वाचनालय, मुंबई यांनी आयोजित केलेल्या पारंपारिक उखाणा ऑनलाईन स्पर्धेत आपल्या समुहातील ज्येष्ठ लेखिका व कवयित्री सौ.पुष्पा नंदकुमार प्रभू देसाई यांनी द्वितीय क्रमांक प्राप्त केला आहे.
त्यांचे ई-अभिव्यक्ती समुहातर्फे मनःपूर्वक अभिनंदन आणि शुभेच्छा.
पारंपारिक उखाणाही आपल्या वाचनासाठी देत आहोत. हावभावा सहित म्हटलेला पारंपारिक उखाणा –
कांडुन कुटुन केला गोळा.
पंचमीन उघडला डोळा.
गणेशाची निवडते डाळ.
आला दसरा म्हाळ (महालय).
दसरा म्हाळाच्या गाठी.
आली शिलंगण लोटी.
शिलंगणाच घेते सोन.
आली दिवाळी.
दिवाळीला भाऊरायाच येण हुईल.
माहेरी जाणं हुईल.
दिवाळीची करते आरती.
आली संक्रांत नेणती.
संक्रांतीचा पुजते पाट.
आला शिमगा गजरघाट.
शिमग्याचा रंग.
पाडवा चक्कर दंग.
पाडव्याची पुजते गुढी.
आली आकितीची(अक्षय तृतीया) उडी.
आकितीचा पुजते करा.
बेंदरा पत्तुर (पर्यंत) धीर धरा.
दीड महिन्यानी नागर पंचीम येईल.
रावसाहेब—– गाडी घोड घ्युन(घेऊन) आलात तर येण हुईल. नाय तर इथच रहाण हुईल.
संपादक मंडळ
ई अभिव्यक्ती मराठी
≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – श्रीमती उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈
☆ विवेचना, जबलपुर का 27 वां राष्ट्रीय नाट्य समारोह – 23 से 27 मार्च 2022 ☆ श्री हिमांशु राय ☆
6 नायाब नाटकों का मंचन होगा
23 से 27 मार्च 2022 तकविवेचना का 27 वां राट्रीय नाट्य समारोह
वसंत काशीकर की स्मृति को समर्पित है यह समारोह
अमृतसर, जम्मू, दिल्ली और भोपाल के बहुरंगी नाटकों से सजा है समारोह
भगतसिंह पर केन्द्रित नाटक वसंती चोला से होगी शुरूआत
पंजाब के लोकगायक गाएंगे वीरों की गाथा
काव्य पाठ, नृत्य, संगीत से सजा होगा प्रतिदिन पूर्वरंग
विवेचना थियेटर ग्रुप (विवेचना, जबलपुर) का 27 वां राष्ट्रीय नाट्य समारोह इस वर्ष 23 से 27 मार्च 2022 तक आयोजित होगा।
समारोह की शुरूआत 23 मार्च को भगतसिंह शहादत दिवस पर भगतसिंह पर केन्द्रित नाटक ’बसंती चोला’ से होगी। इस नाटक का निर्देशन देश के जाने माने नाट्य निर्देशक केवल धालीवाल ने किया है।
23 मार्च शहादत दिवस के लिए पंजाब के प्रसिद्ध लोकगायकों का दल जबलपुर आ रहा है जो ’बसंती चोला’ के मंचन से पहले वीरों की याद में वीर गायन करेगा।
दूसरे दिन 24 मार्च को एमेच्योर थियेटर ग्रुप,जम्मू के कलाकार देश के वरिष्ठ निर्देशक मुश्ताक काक के निर्देशन में ’लम्हों की मुलाकात’ नाटक मंचित करेंगे। यह नाटक कृष्ण चंदर के दो कहानियों ’शहज़ादा’ और ’पूरे चांद की रात’ पर आधारित है।
25 मार्च शुक्रवार को प्रिज्म थियेटर सोसायटी, दिल्ली के कलाकार बहुप्रशंसित नाटक ’दरारें’ का मंचन करेंगे। यह नाटक अन्तर्राट्रीय भारत रंगमहोत्सव मेें मंचित हो चुका है। यह नाटक आज के समय में परिवारों में पड़ी दरारों और उसके कारणों पर बात करता है।
चौथै दिन 26 मार्च को सिली सोल्स फाउंडेशन, दिल्ली के कलाकार दो अलग अलग भावों के नाटक ’एडवर्टीजमेंट’ और ’पड़ोसन’ प्रस्तुत करेंगे। इनका लेखन व निर्देशन प्रियंका शर्मा ने किया है। दो अलग अलग स्वभाव के नाटक दर्शकों को रोमांचित करेंगे।
पांचवें और अंतिम दिन 27 मार्च को कारवां, भोपाल के कलाकार नजीर कुरैशी के निर्देशन में ’डाॅ आप भी’ नाटक मंचित करेंगे। यह नाटक आदर्शवादी डाक्टर पति और व्यावसायिक दृष्टिकोण वाली डाक्टर पत्नी के बीच के विवाद की कथा है। यह अजित दलवी के प्रसिद्ध मराठी नाटक ’डा. तुम्हीं सुद्धा ! ’ का हिन्दी अनुवाद है।
2019 में संपन्न 26 वें समारोह के बाद से 2 वर्षों के अंतराल के पश्चात विवेचना का नाट्य समारोह होने जा रहा है। विगत दो वर्षों से दर्शक नाटकों के मंचन की उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं। विवेचना का नाट्य समारोह सैकड़ों दर्शकों को सपरिवार एक दूसरे से मिलने का मौका प्रदान करता है।
यह समारोह तरंग प्रेक्षागृह में एम पी पावर मैनेजमेंट कं लि, केन्द्रीय क्रीड़ा व कला परिषद के सहयोग से आयोजित होगा।
नाटकों का मंचन प्रतिदिन संध्या 7.30 बजे होगा।
विवेचना थियेटर ग्रुप की ओर हिमांशु राय, बांकेबिहारी ब्यौहार, अनिल श्रीवास्तव, मनु तिवारी, अजय धाबर्डे आदि ने सभी नाट्य प्रेमी दर्शकों से समारोह के सभी नाटकों को देखने का अनुरोध किया है।
हिमांशु राय सचिव विवेचना
नाटकों के प्रवेश पत्र तरंग प्रेक्षा गृह में समारोह के दौरान उपलब्ध रहेंगे
नाटकों के सीजन (पांचों दिनों के) प्रवेश पत्र व्हाट्सएप्प नम्बर 9425387580 या 9827215749 पर एडवांस में बुक किये जा सकते हैं।
≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈
☆ बापू की पाती का विमोचन एवं सम्मान समारोह संपन्न ☆
सवाई माधोपुर। त्रिनेत्र गणेश की नगरी में फ़र्न रिसोर्ट होटल में बापू की पाती सहित सात पुस्तकों का विमोचन समारोह समृद्ध मंचस्थ मुख्य अतिथि- डाक अधीक्षक प्रियंका गुप्ता, वरिष्ठ साहित्यकार बजरंग सोनी, वरिष्ठ पत्रकार अशोक सक्सेना, बाल साहित्यकार ओमप्रकाश क्षत्रिय प्रकाश, गुजराती अनुवादक प्रभा पारीक, गजलकार मुजीब अता आजाद ,पुस्तक के संपादक चंद्र मोहन उपाध्याय, उपखण्ड अधिकारी कपिल शर्मा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ सूरज सिंह नेगी के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ।
इस गरिमामय कार्यक्रम का आरंभ भारतीय परंपरा अनुसार आराध्य देवी के श्री चरणों में दीप प्रज्वलित कर हुआ। तत्पश्चात छाया शर्मा द्वारा अनोखे अंदाज व लय-ताल के साथ सरस्वती वंदना का गायन किया गया। मंचासीन अतिथियों को शाल, माल्यार्पण व त्रिनेत्र गणेश जी की आकर्षक तस्वीर द्वारा स्वागत सत्कार सम्मानीय मेजबान सूरज सिंह नेगी, शिवराज कुर्मी, डॉक्टर मीणा सिरोला द्वारा भारतीय परंपरा का निर्वहन कर गरिमा पूर्ण ढंग से किया गया।
गांधीजी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं इसी को रेखांकित करते हुए नेगी जी ने अपने स्वागत भाषण में पाती मुहिम और बापू की पाती अपने सारगर्भित उद्बोधन दे कर कार्यक्रम की प्रभावशीलता में श्री वृद्धि की। वही आशा शर्मा अंशु ने अपने पुत्र की श्री वृद्धि को याद करते हुए स्वयं को गौरवान्वित अनुभव कर अपने हौसले को कायम रखने का भरपूर प्रयास किया है। आज समय चले गए अपने पुत्र की यादों ने उनकी आंखों के साथ-साथ श्रोताओं आंखों को भी नम कर दिया।
अब तक कार्यक्रम अपनी ऊंचाई छू रहा था। इसी को गति प्रदान करते हुए वीडियो क्लिप के माध्यम से पाती मुहिम के अब तक के सफर को प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाया गया। तत्पश्चात पुस्तक बापू की चिट्ठी का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। जिसकी सारगर्भित समीक्षा जयसिंह आशावत द्वारा प्रस्तुत करके 73 पत्रों का सार संक्षेप सभी के सम्मुख पूरी सार्थकता को कायम रखते हुए प्रस्तुत किया। तत्पश्चात प्रभा पारीक द्वारा अनूदित पुस्तक-रिश्तों की आँच, के गुजराती संस्करण का अनावरण किया गया। प्रभा पारीक पुस्तक- शॉप या वरदान की कहानियां इसी दौरान विमोचन हुआ।
अशोक सक्सेना ने पाती की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि हम पाती का महत्व जानते थे पर उसे जन-जन तक पहुंचाने का काम नेगी जी ने किया है। वहीं ‘राम कथा एवं तुलसी साहित्य’ के रचनाकार देवदत्त शर्मा, अनहद नाद – भावना शर्मा की पुस्तक के विमोचन के पश्चात मुजीब अता आजाद ने गांधी जी की प्रासंगिकता व गजल से सभी का मन मोह लिया।
जिंदगीनामा की लेखिका प्रियंका गुप्ता ने पुस्तक के विमोचन के पश्चात अपनी लेखन यात्रा और डाकघर की पाती प्रतियोगिता की बेहतरीन, उम्दा जानकारी अपने रोचक अंदाज में प्रस्तुत की। बजरंग सोनी ने अपने चुटीले अंदाज, रोचक शायराना शैली से पाती मुहिम की महत्ता पर प्रकाश डाला। वहीं ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ ने गांधीजी के प्राकृतिक सिद्धांत को रेखांकित करते हुए पाती मुहिम को रेखांकित किया है।
तत्पश्चात इंदु , प्रदीप गुप्ता की पुस्तक- गलती से मिस्टेक, के विमोचन के उपरांत प्रभा पारीक ने अपनी अनुवाद की गई पुस्तक के रोचक, खट्टे-मीठे अनुभव से सभी के मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में बापू की पाती (मेरी जुबानी) पुस्तक के पत्र लेखक सहभागियों को मंचस्थ अतिथियों द्वारा प्रमाण-पत्र, बापू की पाती पुस्तक की लेखकीय प्रति व त्रिनेत्र गणेश जी की आकर्षक तस्वीर भेंट करके 73 रचनाकार साथियों को सम्मानित किया गया। इस समारोह का सबसे गौरवशाली क्षण था।
इस पाती मुहिम मेंअपना उल्लेखनीय योगदान देने के लिए संदीप जैन, शिवराज कुर्मी, राजेंद्र प्रसाद जैन, नीना छिब्बर, नीलम सपना शर्मा, रेखा शर्मा को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी चंद्रमोहन उपाध्याय ने अपने संपादकीय व नवीन सहयोगी अनुभव के साथ किया। अंत में सभी ने सहभोज के साथ इस गरिमामई कार्यक्रम से प्रस्थान कर इसका समापन किया।
साभार – श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय “प्रकाश”
13-03-2022
पोस्ट ऑफिस के पास, रतनगढ़-४५८२२६ (नीमच) म प्र
ईमेल – opkshatriya@gmail.com मोबाइल – 9424079675
≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/श्री जय प्रकाश पाण्डेय ≈
आपल्या समुहातील ज्येष्ठ लेखिका व कवयित्री सुश्री प्रभाताई सोनवणे यांना ‘रंगत संगत प्रतिष्ठान’ तर्फे काव्य जीवन गौरव पुरस्कार नुकताच प्रदान करण्यात आला आहे.
💐 ई-अभिव्यक्ती समुहातर्फे प्रभाताईंचे मनःपूर्वक अभिनंदन आणि पुढील लेखनासाठी शुभेच्छा 💐
संपादक मंडळ
ई अभिव्यक्ती मराठी
≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – श्रीमती उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈