श्री राजेन्द्र तिवारी
(ई-अभिव्यक्ति में संस्कारधानी जबलपुर से श्री राजेंद्र तिवारी जी का स्वागत। इंडियन एयरफोर्स में अपनी सेवाएं देने के पश्चात मध्य प्रदेश पुलिस में विभिन्न स्थानों पर थाना प्रभारी के पद पर रहते हुए समाज कल्याण तथा देशभक्ति जनसेवा के कार्य को चरितार्थ किया। कादम्बरी साहित्य सम्मान सहित कई विशेष सम्मान एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित, आकाशवाणी और दूरदर्शन द्वारा वार्ताएं प्रसारित। हॉकी में स्पेन के विरुद्ध भारत का प्रतिनिधित्व तथा कई सम्मानित टूर्नामेंट में भाग लिया। सांस्कृतिक और साहित्यिक क्षेत्र में भी लगातार सक्रिय रहा। हम आपकी रचनाएँ समय समय पर अपने पाठकों के साथ साझा करते रहेंगे। आज प्रस्तुत है आपका एक भावप्रवण कविता ‘भारत मां का ये प्रहरी…‘।)
☆ अभिव्यक्ति # १२२ ☆
☆ भारत मां का ये प्रहरी… ☆ श्री राजेन्द्र तिवारी ☆
याद नहीं करते हम,
सीमा पर त्योहारों को.
अपने खून से होली खेलें,
बचा रहे परिवारों को.
*
स्त्रोत नहीं पूछा करते,
शूरों का और तारों का.
हथियार उठाते हैं जब,
ख्याल नहीं है वारों का.
*
खुद के अरमाँ, खुद के सपने,
दूर हो गए, सारे अपने.
बच्चों की किलकारी भी,
लगती जैसे हों सपने.
*
देश की पावन मिट्टी का,
माथे पर तिलक लगाता हूं.
भारत माता की पुकार पर,
हाथों पर शीश, सजाता हूं.
*
देश की सीमा को अपने,
खून से अपने सजाया है.
दुश्मन कैसे भी आया हो,
हमने उसे दूर भगाया है.
*
सर्दी हो या गर्मी की लू,
दिन हो या, रातें गहरी.
सजग सतर्क हमेशा है,
भारत मां का ये प्रहरी..
☆
© श्री राजेन्द्र तिवारी
संपर्क – 70, रामेश्वरम कॉलोनी, विजय नगर, जबलपुर
मो 9425391435
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बेहतरीन अभिव्यक्ति