श्री घनश्याम अग्रवाल
☆ लघुकथा ☆ के, मैं जिन्दा हूँ अभी – “आज के हालात” 😁 ☆ श्री घनश्याम अग्रवाल ☆
2/4 कुछ दिन पहले सोना (Gold) खरीदने की ताकत नहीं होने पर कड़का होने की शर्मिंदगी महसूस होती थी … अब मुझे देश भक्त होने का अभिमान होता है, गर्व होता है ।
आने वाला कल 🙂
मैं, आप और हम जैसे करोड़ों देशभक्तों के बल पर भारत फिर से अपने स्वर्णिम युग में लौटेगा। फिर से सोने की चिड़िया कहलायेगा। और एक वर्ष बाद हर कड़के स्वर्णता सैनानी क़ो गोल्ड मेडल दिया जायेगा।
(कृपया इस मेसेज को अपने मोबाइल से पैदल-पैदल फारवर्ड करें।)
डीजल बचाइये और सेहत बनाइये✌️
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© श्री घनश्याम अग्रवाल
(हास्य-व्यंग्य कवि)
मो 94228 60199
≈ संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडल (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈






