श्री राजेन्द्र तिवारी

(ई-अभिव्यक्ति में संस्कारधानी जबलपुर से श्री राजेंद्र तिवारी जी का स्वागत। इंडियन एयरफोर्स में अपनी सेवाएं देने के पश्चात मध्य प्रदेश पुलिस में विभिन्न स्थानों पर थाना प्रभारी के पद पर रहते हुए समाज कल्याण तथा देशभक्ति जनसेवा के कार्य को चरितार्थ किया। कादम्बरी साहित्य सम्मान सहित कई विशेष सम्मान एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित, आकाशवाणी और दूरदर्शन द्वारा वार्ताएं प्रसारित। हॉकी में स्पेन के विरुद्ध भारत का प्रतिनिधित्व तथा कई सम्मानित टूर्नामेंट में भाग लिया। सांस्कृतिक और साहित्यिक क्षेत्र में भी लगातार सक्रिय रहा। हम आपकी रचनाएँ समय समय पर अपने पाठकों के साथ साझा करते रहेंगे। आज प्रस्तुत है आपका एक भावप्रवण कविता ‘कुहू कुहू,कुहू कुहू गाए कोयलिया।)

☆ अभिव्यक्ति # ११४ ☆

☆ कुहू कुहू,कुहू कुहू गाए कोयलिया☆ श्री राजेन्द्र तिवारी ☆

छम छम छम छम बरसे बदरिया,

कुहू कुहू कुहू कुहू गाए कोयलिया,

 

मेघ मल्हार में बदरा बरसे,

बारिश में मन प्यासा तरसे,

क्या देखे है,मन की नजरिया,

कुहू कुहू कुहू कुहू गाए कोयलिया,

 

साँसों की ये लय कैसी है,

सागर की लहरों जैसी है,

झूम के बरसे प्यासी बदरिया,

कुहू कुहू कुहू कुहू गाए कोयलिया,

 

घुमड़ घुमड़ कर बदरा आए,

बिरहन के मन को तरसाए,

तड़प तड़प बेचैन बावरिया,

कुहू कुहू कुहू कुहू गाए कोयलिया.

© श्री राजेन्द्र तिवारी  

संपर्क – 70, रामेश्वरम कॉलोनी, विजय नगर, जबलपुर

मो  9425391435

संस्थापक संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’/ ≈

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