श्री राजेन्द्र तिवारी
(ई-अभिव्यक्ति में संस्कारधानी जबलपुर से श्री राजेंद्र तिवारी जी का स्वागत। इंडियन एयरफोर्स में अपनी सेवाएं देने के पश्चात मध्य प्रदेश पुलिस में विभिन्न स्थानों पर थाना प्रभारी के पद पर रहते हुए समाज कल्याण तथा देशभक्ति जनसेवा के कार्य को चरितार्थ किया। कादम्बरी साहित्य सम्मान सहित कई विशेष सम्मान एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित, आकाशवाणी और दूरदर्शन द्वारा वार्ताएं प्रसारित। हॉकी में स्पेन के विरुद्ध भारत का प्रतिनिधित्व तथा कई सम्मानित टूर्नामेंट में भाग लिया। सांस्कृतिक और साहित्यिक क्षेत्र में भी लगातार सक्रिय रहा। हम आपकी रचनाएँ समय समय पर अपने पाठकों के साथ साझा करते रहेंगे। आज प्रस्तुत है आपका एक भावप्रवण कविता ‘पानी तेरी अजब कहानी…‘।)
☆ अभिव्यक्ति # ११९ ☆
☆ पानी तेरी अजब कहानी… ☆ श्री राजेन्द्र तिवारी ☆
पानी, तेरी अजब कहानी,
जैसा बर्तन, वैसा पानी,
पानी तेरी अजब कहानी।
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बदली गगरी लेकर जाती,
सागर से भर लाती पानी,
धरती की वो प्यास बुझाने,
बनकर बूंद बरसता पानी,
पानी तेरी अजब कहानी।
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सागर का खारा है पानी,
दरिया का मीठा है पानी,
संग्रह करता खारा होता,
जो दे उसका मीठा पानी,
पानी तेरी अजब कहानी।
*
मूरत पर भी, चढ़ता पानी,
अंत समय में लगता पानी,
संकल्प करो तो लगता पानी,
श्राप दिया तो लगता पानी,
पानी तेरी अजब कहानी।
*
बचपन में आँगन में पानी,
छमछम करती बिटिया रानी,
बिटिया की बिदाई ले आती,
माता पिता की आंख में पानी,
पानी तेरी अजब कहानी।
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© श्री राजेन्द्र तिवारी
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