श्री श्याम खापर्डे
(श्री श्याम खापर्डे जी भारतीय स्टेट बैंक से सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी हैं। आप प्रत्येक सोमवार पढ़ सकते हैं साप्ताहिक स्तम्भ – क्या बात है श्याम जी । आज प्रस्तुत है आपकी भावप्रवण कविता “शायद तूफान आने वाला है…”।)
☆ साप्ताहिक स्तम्भ ☆ क्या बात है श्याम जी # २७४ ☆
☆ # “शायद तूफान आने वाला है…” # ☆ श्री श्याम खापर्डे ☆
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आसमान में बादल गरज रहे हैं
धुआंधार बरस रहे हैं
बिजलियाँ कड़क रहीं हैं
हवाएं बेफाम बह रही हैं
बहते बहते कह रही हैं
शायद कोई तूफान आने वाला है
गगन में यह कैसी जंग है
धरती पर हम सब दंग है
तबाही आ रही संग संग है
टूटती हर मन की उमंग है
टूटते टूटते कह रही है
शायद कोई तूफान आने वाला है
चारों दिशाओं में शोर है
नदी नालों में भी जोर है
बारिश भी घनघोर है
समंदर की नजरों में
यह तूफान कमजोर है
हर लहर कह रही है
शायद कोई तूफान आने वाला है
यह पानी का बहाव
संकेत है बर्बादी का
यह बूंद बूंद का एक होना
संकेत है आजादी का
बादल का फटना
संकेत है जल समाधि का
सब कुछ डूब गया
तो क्या होगा अपराधी का
प्रकृति हम सबसे कह रही है
शायद कोई तूफान आने वाला है
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© श्याम खापर्डे
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