श्री अरुण कुमार दुबे

(वरिष्ठ साहित्यकार श्री अरुण कुमार दुबे जी, उप पुलिस अधीक्षक पद से मध्य प्रदेश पुलिस विभाग से सेवा निवृत्त हुए हैं । संक्षिप्त परिचय ->> शिक्षा – एम. एस .सी. प्राणी शास्त्र। साहित्य – काव्य विधा गीत, ग़ज़ल, छंद लेखन में विशेष अभिरुचि। आज प्रस्तुत है, आपकी एक भाव प्रवण रचना “मीर ग़ालिब अभी भी जिंदा है“)

☆ साहित्यिक स्तम्भ ☆ कविता # १२७ ☆

✍ मीर ग़ालिब अभी भी जिंदा है… ☆ श्री अरुण कुमार दुबे 

आदमी की वो जात का ही नहीं

कह रहा है जो अब ख़ुदा ही नहीं

 *

हक़ है मजदूर को भी जीने का

मील मालिक ये सोचता ही नहीं

 *

घोल के ये नहीं पिला सकते

जब हुनर तुमको सीखना ही नहीं

 *

सुनके अफवाह हो गया दंगा

वाकया शहर में हुआ ही नहीं

 *

मीर ग़ालिब अभी भी जिंदा है

 शेर इनका कोई मरा ही नहीं

 *

जो है सरपंच आज दुनिया का

अम्न दुनिया में चाहता ही नहीं

 *

माँ के पाँवों से होके है रस्ता

और जन्नत का रास्ता ही नहीं

 *

वो अरुण कुछ न ब्रज में पायेगा

प्रेम रस में जो भीगता ही नहीं

© श्री अरुण कुमार दुबे

सम्पर्क : 5, सिविल लाइन्स सागर मध्य प्रदेश

सिरThanks मोबाइल : 9425172009 Email : arunkdubeynidhi@gmail. com

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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