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हिन्दी साहित्य – पुस्तक चर्चा ☆ व्यंग्य का रिसर्च पेपर ‘धन्नो, बसंती और बसंत’ और व्यंग्य के वैज्ञानिक विवेक रंजन ☆ सुश्री सुषमा व्यास ‘राजनिधि’

सुश्री सुषमा व्यास 'राजनिधि' ☆ पुस्तक चर्चा ☆ व्यंग्य का रिसर्च पेपर 'धन्नो, बसंती और बसंत' और  व्यंग्य के वैज्ञानिक विवेक रंजन ☆ सुश्री सुषमा व्यास 'राजनिधि' ☆  कोरोना काल में लिखे गए बेहतरीन और प्रभावी व्यंग्य संग्रह में उल्लेखनीय नाम है धन्नो बसंती और बसंत समकालीन और सक्रिय व्यंग्यकार विवेक रंजन श्रीवास्तव 'विनम्र' जी का व्यंग्य संग्रह प्रभावी और मुखरता की श्रेणी में आता है। विवेक रंजन व्यंग्य को तकनीकी दृष्टि से देखते हैं ।वह व्यंग्य के प्रयोग धर्मी रचनाकार है। व्यंग्य संग्रह का शिर्षक "धन्नो बसंती और बसंत" बेहद आकर्षक और एक्सक्लूसिव है ।इस संग्रह में उन्होंने लगभग हर विषय पर लेखनी गंभीरता से चलाई है। 'आंकड़े बाजी' हो या 'अमीर बनने का सॉफ्टवेयर' या फिर 'बजट देश का बनाम घर का' 'लो फिर लग गई आचार संहिता' सभी में वे विसंगतियों पर करारी चोट करते हुए  धीरे से चिकुटी काटना भी नहीं भूलते। श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’  'डॉग शो बनाम कुत्ता नहीं श्वान', 'ब्रांडेड वर वधू', 'पड़ोसी के कुत्ते' जैसी छोटी-बड़ी समस्याओं...
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हिन्दी साहित्य – साप्ताहिक स्तम्भ – सलिल प्रवाह # 50 ☆ कृति चर्चा : गीत स्पर्श – डॉ. पूर्णिमा निगम ‘पूनम’ ☆ आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’

आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’ (आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’ जी संस्कारधानी जबलपुर के सुप्रसिद्ध साहित्यकार हैं। आपको आपकी बुआ श्री महीयसी महादेवी वर्मा जी से साहित्यिक विधा विरासत में प्राप्त हुई है । आपके द्वारा रचित साहित्य में प्रमुख हैं पुस्तकें- कलम के देव, लोकतंत्र का मकबरा, मीत मेरे, भूकंप के साथ जीना सीखें, समय्जयी साहित्यकार भगवत प्रसाद मिश्रा ‘नियाज़’, काल है संक्रांति का, सड़क पर आदि।  संपादन -८ पुस्तकें ६ पत्रिकाएँ अनेक संकलन। आप प्रत्येक सप्ताeह रविवार को  “साप्ताहिक स्तम्भ – सलिल प्रवाह” के अंतर्गत आपकी रचनाएँ आत्मसात कर सकेंगे। आज प्रस्तुत है आचार्य जी द्वारा  डॉ पूर्णिमा निगम  'पूनम ' के गीत संग्रह  ‘गीत स्पर्श' पर कृति चर्चा।) ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – सलिल प्रवाह # 50 ☆  ☆ कृति चर्चा : गीत स्पर्श - डॉ. पूर्णिमा निगम ‘पूनम’ ☆ गीत स्पर्श : दर्द के दरिया में नहाये गीत चर्चाकार - आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’ [कृति विवरण: गीत स्पर्श, गीत संकलन, डॉ. पूर्णिमा निगम ‘पूनम’, प्रथम संस्करण २००७, आकार २१.से.मी.  x १३.से.मी., आवरण बहुरंगी पेपरबैक, पृष्ठ १२२, मूल्य १५० रु., निगम प्रकाशन २१० मढ़ाताल...
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हिन्दी साहित्य – पुस्तक चर्चा ☆ विवेक के व्यंग्य…. ☆ श्री सुरेन्द्र सिंह पँवार

श्री सुरेन्द्र सिंह पँवार ☆ पुस्तक चर्चा ☆ विवेक के व्यंग्य....  ☆ श्री सुरेन्द्र सिंह पँवार ☆  पुस्तक – व्यंग्य संग्रह – ‘समस्या का पंजीकरण व अन्य व्यंग्य व्यंग्यकार  – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव  विनम्र’ प्रकाशक – इंडिया नेट बुक्स, दिल्ली  मूल्य – 300/- हार्ड बाउंड 200/- पेपर बैक अमेज़न लिंक >>>>  समस्या का पंजीकरण व अन्य व्यंग्य   विवेक के व्यंग्य....   व्यंग्य, हिन्दी साहित्य की बेगानी विधा है। फ़क्खड़ कवि और समाज-सुधारक संत कबीर ने इस विधा से हम सभी को परिचित कराया। उन्होंने तत्कालीन समाज में व्याप्त कुरीतियों, पाखंडवाद और विसंगतियों पर इसी मखमली-पनही से प्रहार किया था। व्यंग्य में उपहास, मजाक (लुफ़त) और इसी क्रम में आलोचना का प्रभाव रहता  है। दांते की लैटिन भाषा में लिखी किताब ‘डिवाइन कॉमेडी’ मध्ययुगीन व्यंग्य का महत्वपूर्ण कार्य है जिसमें तत्कालीन व्यवस्था का मजाक उड़ाया गया है। हिन्दी में हरिशंकर परसाई, श्रीलाल शुक्ल, रवींद्रनाथ त्यागी, के. पी. सक्सेना, शरद जोशी  इसी कंटकाकीर्ण पथ पर चले और उन्होंने जो प्रतिमान स्थापित किये उसी का अनुसरण करते हुए अभियंता-कवि  विवेकरंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’...
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हिन्दी साहित्य – साप्ताहिक स्तम्भ ☆ विवेक की पुस्तक चर्चा # 94 ☆ ओ मातृभूमि! – डॉ सुधा कुमारी ☆ श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’

श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’  (हम प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’जी के आभारी हैं जिन्होने  साप्ताहिक स्तम्भ – “विवेक की पुस्तक चर्चा”शीर्षक से यह स्तम्भ लिखने का आग्रह स्वीकारा। श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र जी, अतिरिक्त मुख्यअभियंता सिविल (म प्र पूर्व क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी, जबलपुर ) में कार्यरत हैं। तकनीकी पृष्ठभूमि के साथ ही उन्हें साहित्यिक अभिरुचि विरासत में मिली है।  उनका कार्यालय, जीवन एवं साहित्य में अद्भुत सामंजस्य अनुकरणीय है। इस स्तम्भ के अंतर्गत हम उनके द्वारा की गई पुस्तक समीक्षाएं/पुस्तक चर्चा आप तक पहुंचाने का प्रयास  करते हैं । आप प्रत्येक मंगलवार को श्री विवेक जी के द्वारा लिखी गई पुस्तक चर्चा /समीक्षाएं पढ़  सकते हैं । आज प्रस्तुत है  डा सुधा कुमारी द्वारा लिखित काव्य संग्रह   “ओ मातृभूमि !” – की चर्चा। ☆ ओ मातृभूमि ! – कवि – डा सुधा कुमारी ☆ श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ☆   पुस्तक चर्चा पुस्तक – ओ मातृभूमि ! (पांच खण्डो में काव्य रचनाओ का पठनीय संकलन) कवि - डा सुधा कुमारी पृष्ठ संख्या - १६० मूल्य  - ४५० रु,  हार्ड...
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हिन्दी साहित्य – साप्ताहिक स्तम्भ ☆ विवेक की पुस्तक चर्चा # 93 ☆ २१ वीं सदी के श्रेष्ठ २५१ व्यंग्यकार – संपादक – डा राजेश कुमार व डा लालित्य ललित ☆ श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’

श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’  (हम प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’जी के आभारी हैं जिन्होने  साप्ताहिक स्तम्भ – “विवेक की पुस्तक चर्चा”शीर्षक से यह स्तम्भ लिखने का आग्रह स्वीकारा। श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र जी, अतिरिक्त मुख्यअभियंता सिविल (म प्र पूर्व क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी, जबलपुर ) में कार्यरत हैं। तकनीकी पृष्ठभूमि के साथ ही उन्हें साहित्यिक अभिरुचि विरासत में मिली है।  उनका कार्यालय, जीवन एवं साहित्य में अद्भुत सामंजस्य अनुकरणीय है। इस स्तम्भ के अंतर्गत हम उनके द्वारा की गई पुस्तक समीक्षाएं/पुस्तक चर्चा आप तक पहुंचाने का प्रयास  करते हैं । आप प्रत्येक मंगलवार को श्री विवेक जी के द्वारा लिखी गई पुस्तक समीक्षाएं पढ़  सकते हैं । आज प्रस्तुत है  डा राजेश कुमार व डा लालित्य ललित द्वारा सम्पादित पुस्तक “२१ वीं सदी के श्रेष्ठ २५१ व्यंग्यकार” – की समीक्षा। ☆ २१ वीं सदी के श्रेष्ठ २५१ व्यंग्यकार – संपादक - डा राजेश कुमार व डा लालित्य ललित ☆ श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ☆   पुस्तक चर्चा पुस्तक - २१ वीं सदी के श्रेष्ठ २५१ व्यंग्यकार संपादन -...
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हिन्दी साहित्य – पुस्तक चर्चा ☆ खटर पटर – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ☆ समीक्षा श्री राकेश सोहम

श्री राकेश सोहम संक्षिप्त साहित्यिक यात्रा  साहित्य एवं प्रकाशन – ☆ व्यंग्यकार ☆ प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में कविताओं, कथाओं आदि का स्फुट प्रकाशन ☆ आकाशवाणी और दूरदर्शन से प्रसारण ☆ बाल रचनाकार ☆ प्रतिष्ठित मासिक पत्रिका और दैनिक अखबार के लिए स्तंभ लेखन ☆ दूरदर्शन में प्रसारित धारावाहिक की कुछ कड़ियों का लेखन ☆ बाल उपन्यास का धारावाहिक प्रकाशन ☆ अनकहे अहसास और क्षितिज की ओर काव्य संकलनों में कविताएँ प्रकाशित ☆ व्यंग्य संग्रह ‘टांग अड़ाने का सुख’ प्रकाशनाधीन। पुरस्कार / अलंकरण – ☆ विशेष दिशा भारती सम्मान ☆ यश अर्चन सम्मान ☆ संचार शिरोमणि सम्मान ☆ विशिष्ठ सेवा संचार पदक आज प्रस्तुत है  श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव जी के व्यंग्य संग्रह “ खटर पटर (खबरों की खरोच से उपजे व्यंग्य)” – की समीक्षा।  ☆ पुस्तक चर्चा ☆ खटर पटर - श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ☆ समीक्षा श्री राकेश सोहम ☆   पुस्तक चर्चा समीक्षित कृति –  खटर पटर (खबरों की खरोच से उपजे व्यंग्य) व्यंग्यकार – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव 'विनम्र' मूल्य  –  रु 300 एक व्यंग्यकार इंजीनियर की सुरीली खटर पटर  (व्यंग्य संकलन- श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव) साहित्य में व्यंग्य इन दिनों सर्वाधिक चर्चा में हैं। लगभग हर विधा का साहित्य साधक व्यंग्य में हाथ...
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हिन्दी साहित्य – साप्ताहिक स्तम्भ ☆ विवेक की पुस्तक चर्चा # 92 ☆ जंगल राग – श्री अशोक शाह ☆ श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’

श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’  (हम प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’जी के आभारी हैं जिन्होने  साप्ताहिक स्तम्भ – “विवेक की पुस्तक चर्चा”शीर्षक से यह स्तम्भ लिखने का आग्रह स्वीकारा। श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र जी, अतिरिक्त मुख्यअभियंता सिविल (म प्र पूर्व क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी, जबलपुर ) में कार्यरत हैं। तकनीकी पृष्ठभूमि के साथ ही उन्हें साहित्यिक अभिरुचि विरासत में मिली है।  उनका कार्यालय, जीवन एवं साहित्य में अद्भुत सामंजस्य अनुकरणीय है। इस स्तम्भ के अंतर्गत हम उनके द्वारा की गई पुस्तक समीक्षाएं/पुस्तक चर्चा आप तक पहुंचाने का प्रयास  करते हैं । आप प्रत्येक मंगलवार को श्री विवेक जी के द्वारा लिखी गई पुस्तक समीक्षाएं पढ़  सकते हैं । आज प्रस्तुत है  श्री संतोष तिवारी अशोक शाह जी की पुस्तक “जंगल राग” – की समीक्षा। ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा# 92 – रिश्तें मन से मन के – श्री संतोष तिवारी  ☆   पुस्तक चर्चा पुस्तक चर्चा समीक्षित कृति -  जंगलराग कवि - अशोक शाह मूल्य (हार्ड कवर) - 200 रु मूल्य (ई- बुक) - 49 रु हार्डकवर : 80 पेज ISBN-10 : 9384115657 ISBN-13 : 978-9384115654 प्रकाशक - शिल्पायन, शाहदरा...
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हिन्दी साहित्य – पुस्तक चर्चा ☆ आत्मकथ्य – ‘लेखकोपयोगी सूत्र और 100 पत्रपत्रिकाएं’ ☆ श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’

☆ पुस्तक चर्चा ☆ आत्मकथ्य – ‘लेखकोपयोगी सूत्र और 100 पत्रपत्रिकाएं’ ☆ श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’☆ पुस्तक – लेखकोपयोगी सूत्र और 100 पत्रपत्रिकाएं लेखक – श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ प्रकाशक – नोशन प्रेस मूल्य – 200 रु (पेपरबैक)  पृष्ठ संख्या –  156 ISBN:-10-1638324948 ISBN:-13-978-1638324942 इस संस्करण को अमेज़न और नोशन प्रेस से खरीदा जा सकता है। अमेज़न लिंक >> लेखकोपयोगी सूत्र और 100 पत्रपत्रिकाएं नोशन प्रेस लिंक >> लेखकोपयोगी सूत्र और 100 पत्रपत्रिकाएं इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए ई-अभिव्यक्ति परिवार की और से श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय “प्रकाश” जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय “प्रकाश” लेखक परिचय नाम- ओमप्रकाश क्षत्रिय 'प्रकाश'  जन्मतिथि एवं स्थान- 26 जनवरी 1965, भानपुरा जिला-नीमच (मप्र) प्रकाशन- अनेक पत्रपत्रिकाओं में रचना सहित 141 बालकहानियाँ 8 भाषा में 1128 अंकों में प्रकाशित। प्रकाशित पुस्तकेँ- 1- रोचक विज्ञान बालकहानियाँ, 2-संयम की जीत, 3- कुएं को बुखार, 4- कसक  5- हाइकु संयुक्ता, 6- चाबी वाला भूत, 7- पहाड़ी की सैर  सहित 4 मराठी पुस्तकें प्रकाशित। ☆ पुस्तक चर्चा ☆ आत्मकथ्य – ‘लेखकोपयोगी सूत्र और 100 पत्रपत्रिकाएं’ ☆ श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’☆ प्रथम संस्करण से..... अभ्यास...
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हिन्दी साहित्य – साप्ताहिक स्तम्भ ☆ विवेक की पुस्तक चर्चा # 91 ☆ रिश्तें मन से मन के – श्री संतोष तिवारी ☆ श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’

श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’  (हम प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’जी के आभारी हैं जिन्होने  साप्ताहिक स्तम्भ – “विवेक की पुस्तक चर्चा”शीर्षक से यह स्तम्भ लिखने का आग्रह स्वीकारा। श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र जी, अतिरिक्त मुख्यअभियंता सिविल (म प्र पूर्व क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी, जबलपुर ) में कार्यरत हैं। तकनीकी पृष्ठभूमि के साथ ही उन्हें साहित्यिक अभिरुचि विरासत में मिली है।  उनका कार्यालय, जीवन एवं साहित्य में अद्भुत सामंजस्य अनुकरणीय है। इस स्तम्भ के अंतर्गत हम उनके द्वारा की गई पुस्तक समीक्षाएं/पुस्तक चर्चा आप तक पहुंचाने का प्रयास  करते हैं । आप प्रत्येक मंगलवार को श्री विवेक जी के द्वारा लिखी गई पुस्तक समीक्षाएं पढ़  सकते हैं । आज प्रस्तुत है  श्री संतोष तिवारी जी की पुस्तक "रिश्तें मन से मन के" - की समीक्षा। ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा# 91 – रिश्तें मन से मन के - श्री संतोष तिवारी  ☆   पुस्तक चर्चा   रिश्तों को, गलतियाँ उतना कमजोर नहीं करती.... जितना कि, ग़लतफ़हमियाँ कमजोर कर देती है ! रिश्ते ऐसा विषय है जिस पर अलग अलग दृष्टिकोण से...
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हिन्दी साहित्य – पुस्तक चर्चा ☆ आत्मकथ्य – ‘गांधी के राम’ ☆ श्री अरुण कुमार डनायक

☆ पुस्तक चर्चा ☆ आत्मकथ्य - 'गांधी के राम' ☆ श्री अरुण कुमार डनायक ☆ पुस्तक - गांधी के राम  लेखक - श्री अरुण कुमार डनायक प्रकाशक - ज्ञानमुद्रा पब्लिकेशन, भोपाल (मो- 8815686059)   मूल्य - 350 रु (सजिल्द)  पृष्ठ संख्या -  180 ISBN - 978-93-82224-21-1 (वर्तमान में आप यह पुस्तक ज्ञानमुद्रा पब्लिकेशन (मोबाइल नं 8815686059) से अथवा श्री अरुण कुमार डनायक जी  (मोबाइल नं 9406905005) से सीधे संपर्क कर प्राप्त कर सकते हैं । शीघ्र ही यह पुस्तक अमेजन पर उपलब्ध होगी जिसका लिंक हम आपसे शेयर करेंगे।) श्री अरुण कुमार डनायक 💐 इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए ई-अभिव्यक्ति परिवार की और से श्री अरुण कुमार डनायक जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं 💐 लेखक परिचय जन्म स्थान - हटा, जिला दमोह मध्य प्रदेश जन्म तिथि 15 फरवरी 1959 पिता - स्वर्गीय श्री रेवा शंकर डनायक माता - स्वर्गीय श्रीमती कमला डनायक शिक्षा - शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दमोह से रसायन शास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि एवं सीएआईआईबी सम्प्रत्ति -  भारतीय स्टेट बैंक के सेवानिवृत्त सहायक महाप्रबंधक, उन्तालीस वर्षों की सेवा के दौरान  दूरदराज के ग्रामीण...
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