श्री एस के कपूर “श्री हंस”
☆ “श्री हंस” साहित्य # २०८ ☆
☆ दोहा छंद ।। बाल काल बचपन नटखटपन ।। ☆ श्री एस के कपूर “श्री हंस” ☆
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1
कभी बाल्यकाल गुम नहीं हो, बचपन की उम्र में।
नटखटपन कभी गुम नहीं, हो छोटे चंचल मन में।।
2
चाचा नेहरू जयंती मनाई जाती, ले बाल दिवस रूप।
बच्चों को मोबाइल से दूर, खेलने दो वर्षा और धूप।।
3
बालपन मासूमपन बना रहे, हमेशा मुन्ना-मुनिया में।
बचपन को सुरक्षित रखो, हमेशा ही दुनिया में।।
4
बचपन कच्ची मिट्टी सा ,जैसा बनाएं बन जाएगा।
परिवार पहली पाठशाला ,जैसा बनाएंगे बन आएगा।।
5
बच्चों को खाने को दें ,पौष्टिक आहार ही सदा।
फास्ट फूड की लत न हो, खाएं केवल यदा-कदा।।
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© एस के कपूर “श्री हंस”
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≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈




