सुश्री मीना भट्ट ‘सिद्धार्थ’

(संस्कारधानी जबलपुर की सुप्रसिद्ध साहित्यकार सुश्री मीना भट्ट ‘सिद्धार्थ ‘जी सेवा निवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, डिविजनल विजिलेंस कमेटी जबलपुर की पूर्व चेअर पर्सन हैं। आपकी प्रकाशित पुस्तकों में पंचतंत्र में नारी, पंख पसारे पंछी, निहिरा (गीत संग्रह) एहसास के मोती, ख़याल -ए-मीना (ग़ज़ल संग्रह), मीना के सवैया (सवैया संग्रह) नैनिका (कुण्डलिया संग्रह) हैं। आप कई साहित्यिक संस्थाओं द्वारा पुरस्कृत एवं सम्मानित हैं। आप प्रत्येक शुक्रवार सुश्री मीना भट्ट सिद्धार्थ जी की अप्रतिम रचनाओं को उनके साप्ताहिक स्तम्भ – रचना संसार के अंतर्गत आत्मसात कर सकेंगे। आज इस कड़ी में प्रस्तुत है आपकी एक अप्रतिम गीत – गूँज रहीं बूँदों की सरगम

? रचना संसार # ७३ – गीत – गूँज रहीं बूँदों की सरगम…  ☆ सुश्री मीना भट्ट ‘सिद्धार्थ’ ? ?

गूँज रहीं बूँदों की सरगम,

पावन हिय गलियारों में।

चलो सखी झूला झूलें हम,

शीतल सी बौछारों में।।

*

छोड़ घोंसलें भीगे-भीगे,

पंछी आए आँगन में।

नहीं मिला दाना चुगने को,

अब के देखो सावन में।।

चल झरनों से बात करें हम,

झम-झम करें फुहारों में।

गूँज रहीं बूँदों की सरगम,

पावन हिय गलियारों में।।

*

धरती मिलने चली गगन से,

नयनों में काजल डाले।

आलिंगन को व्याकुल सरिता,

प्रीति समंदर-सी पाले।।

सुधि-बुधि खो कलिकाएँ बैठी,

भ्रमरों की गुंजारों में।

गूँज रहीं बूँदों की सरगम,

पावन हिय गलियारों में।।

*

मादक अधर मिलन को व्याकुल,

मोहे पुरवाई प्यारी।

सुलगे देह प्रीति में साजन,

काम -बाण से मैं हारी।।

यौवन प्रेम मगन हो नाचे,

चाहत की झंकारों में।

गूँज रहीं बूँदों की सरगम,

पावन हिय गलियारों में।।

© सुश्री मीना भट्ट ‘सिद्धार्थ’

(सेवा निवृत्त जिला न्यायाधीश)

संपर्क –1308 कृष्णा हाइट्स, ग्वारीघाट रोड़, जबलपुर (म:प्र:) पिन – 482008 मो नं – 9424669722, वाट्सएप – 7974160268

ई मेल नं- meenabhatt18547@gmail.com, mbhatt.judge@gmail.com

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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