आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’
(आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’ जी संस्कारधानी जबलपुर के सुप्रसिद्ध साहित्यकार हैं। आपको आपकी बुआ श्री महीयसी महादेवी वर्मा जी से साहित्यिक विधा विरासत में प्राप्त हुई है । आपके द्वारा रचित साहित्य में प्रमुख हैं पुस्तकें- कलम के देव, लोकतंत्र का मकबरा, मीत मेरे, भूकंप के साथ जीना सीखें, समय्जयी साहित्यकार भगवत प्रसाद मिश्रा ‘नियाज़’, काल है संक्रांति का, सड़क पर आदि। संपादन -८ पुस्तकें ६ पत्रिकाएँ अनेक संकलन। आप प्रत्येक सप्ताह रविवार को “साप्ताहिक स्तम्भ – सलिल प्रवाह” के अंतर्गत आपकी रचनाएँ आत्मसात कर सकेंगे। आज प्रस्तुत है – हिंग्लिश पूर्णिका – राइट पथ ।)
☆ साप्ताहिक स्तम्भ – सलिल प्रवाह # २५८ ☆
☆ हिंग्लिश पूर्णिका – राइट पथ ☆ आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’ ☆
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राइट टाइम ट्रेन रहें
कौन करेगा ट्रेन रहें?
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टेलेन्टेड हैं यंग बहुत
राइट पथ पर ब्रेन रहें
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बुलडोजर का जलवा है
साइलेंट क्यों क्रेन रहें
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क्लीन-ग्रीन लाइफ-टाउन
तब जब बहती ड्रेन रहें
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ड्रीम रियल्टी में बदलें
‘सलिल’ इनफ यदि ग्रेन रहें
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© आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’
६.१२.२५
संपर्क: विश्ववाणी हिंदी संस्थान, ४०१ विजय अपार्टमेंट, नेपियर टाउन, जबलपुर ४८२००१,
चलभाष: ९४२५१८३२४४ ईमेल: salil.sanjiv@gmail.com
≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈





