डॉ भावना शुक्ल

(डॉ भावना शुक्ल जी  (सह संपादक ‘प्राची‘) को जो कुछ साहित्यिक विरासत में मिला है उसे उन्होने मात्र सँजोया ही नहीं अपितु , उस विरासत को गति प्रदान  किया है। हम ईश्वर से  प्रार्थना करते हैं कि माँ सरस्वती का वरद हस्त उन पर ऐसा ही बना रहे। आज प्रस्तुत हैं स्मृतिशेष डॉ गायत्री तिवारी जी को समर्पित – भावना के दोहे  – माँ)

☆ साप्ताहिक स्तम्भ  # ३०५ – साहित्य निकुंज ☆

डॉ गायत्री तिवारी 

☆ भावना के दोहे – माँ ☆ डॉ भावना शुक्ल ☆

माँ का आँचल साथ है, मिलती शीतल छाँव।

बच्चों की मुस्कान माँ, चरणों में है ठाँव।।

 *

 माँ का प्यार मिले हमें, माँ ममता की छाँव ।

आँचल माँ का ओढ़कर, साथ घूमे हम गाँव।।

 *

माँ का आँचल हैं नहीं, याद करें दिन रात।

संस्कार अच्छे दिए, यही करें हम बात।।

 *

वो दिन हम भूले नहीं, छोड़ा माँ ने साथ।

लहर- लहर आँचल उड़ा, उठता सिर से हाथ।।

 *

जब जब देखा स्वप्न में, प्यार भरी मुस्कान।

पाकर अपने साथ में, आ जाती है जान।।😢

 *

आँचल की करें कल्पना, है वो बड़ा विशाल।

सुख – दुख बसते सब यहाँ, बना यही है ढाल।।

© डॉ भावना शुक्ल

सहसंपादक… प्राची

प्रतीक लॉरेल, J-1504, नोएडा सेक्टर – 120,  नोएडा (यू.पी )- 201307

मोब. 9278720311 ईमेल : bhavanasharma30@gmail.com

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

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