श्री एस के कपूर “श्री हंस”
☆ “श्री हंस” साहित्य # १८८ ☆
☆ गीत ।। मधुर वाणी जीवन में एक वरदान होती है ।। ☆ श्री एस के कपूर “श्री हंस” ☆
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मधुर वाणी जीवन में एक वरदान होती है।
बोली में मिठास वालों की अलग पहचान होती है।।
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लोग याद रखते हैं किसी को स्वभाव के कारण।
मनुष्य की पहचान बनती मन के भाव अवधारण।।
शारीरिक भाषा भी छोड़ती अपनी छाप अलग से।
मधुर वाणी जीवन में एक वरदान होती है।।
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शब्दों का भी अपना एक अलग ही स्वाद होता है।
कटु वचनों का परिणाम तो करना बर्बाद होता है।।
बोलो अच्छा ही आप कि शब्दों में भी जान होती है।
मधुर वाणी जीवन में एक वरदान होती है।।
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हमारे श्वास लेने से ही हमारा शरीर पलता है।
और हमारे विश्वास से हमारा हर संबंध चलता है।।
मधुर वाणी से ही विश्वास की डोर चलायमान होती है।
मधुर वाणी जीवन में एक वरदान होती है।।
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© एस के कपूर “श्री हंस”
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