डॉ भावना शुक्ल
(डॉ भावना शुक्ल जी (सह संपादक ‘प्राची‘) को जो कुछ साहित्यिक विरासत में मिला है उसे उन्होने मात्र सँजोया ही नहीं अपितु , उस विरासत को गति प्रदान किया है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि माँ सरस्वती का वरद हस्त उन पर ऐसा ही बना रहे। आज प्रस्तुत हैं आपकी एक भावप्रवण कविता – बिन तेरे ।)
(पूज्य माँ स्मृति शेष डॉ गायत्री तिवारी जी का पुण्यस्मरण)
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माँ कैसे जिऊँ
अब बिन तेरे
तेरी स्मृतियां है
मुझे घेरे
कुछ समझ आज का आकार 9
नहीं आता
बिन तेरे
कुछ भी नहीं भाता
माँ कानों में
गूंजती है तेरी आवाज
लगता है
मां हो तुम आसपास
फिर भी मन है उदास
बंद करती हूं आँखें
खिलता हुआ
दिखता है चेहरा
लगता जैसे हो रहा सवेरा
जैसे हो रहा सवेरा।
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© डॉ भावना शुक्ल
सहसंपादक… प्राची
प्रतीक लॉरेल, J-1504, नोएडा सेक्टर – 120, नोएडा (यू.पी )- 201307
मोब. 9278720311 ईमेल : bhavanasharma30@gmail.com
≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈





