श्री अरुण कुमार दुबे
(वरिष्ठ साहित्यकार श्री अरुण कुमार दुबे जी, उप पुलिस अधीक्षक पद से मध्य प्रदेश पुलिस विभाग से सेवा निवृत्त हुए हैं । संक्षिप्त परिचय ->> शिक्षा – एम. एस .सी. प्राणी शास्त्र। साहित्य – काव्य विधा गीत, ग़ज़ल, छंद लेखन में विशेष अभिरुचि। आज प्रस्तुत है, आपकी एक भाव प्रवण रचना “हो गया है मर के भी वंदा अमर…“)
☆ साहित्यिक स्तम्भ ☆ कविता # १२८ ☆
हो गया है मर के भी वंदा अमर… ☆ श्री अरुण कुमार दुबे ☆
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प्यार की मुझको निशानी दे गया
ज़िंदगानी को रवानी दे गया
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हो गया है मर के भी वंदा अमर
मुल्क को अपनी जवानी दे गया
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उसकी ख़ुशबू चाहता था लम्स कर
और वो है रातरानी दे गया
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आशिक़ी कुर्बानियों का नाम है
इश्क़ को मेरे मआनी दे गया
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ख़ुदकुशी कर ली किसी मजबूर ने
गाँव को रचने कहानी दे गया
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© श्री अरुण कुमार दुबे
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