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हिन्दी साहित्य – ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा – # 15☆ बुन्देलखण्ड की लोक कथायें ☆ – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’

विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’    (हम प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ जी के आभारी हैं जिन्होने  साप्ताहिक स्तम्भ – “विवेक की पुस्तक चर्चा”  शीर्षक से यह स्तम्भ लिखने का आग्रह स्वीकारा। इस स्तम्भ के अंतर्गत हम उनके द्वारा की गई पुस्तक समीक्षाएं/पुस्तक चर्चा आप तक पहुंचाने का प्रयास  करते हैं । आप प्रत्येक मंगलवार को श्री विवेक जी के द्वारा लिखी गई पुस्तक समीक्षाएं पढ़ सकेंगे। आज प्रस्तुत है  श्री अजित श्रीवास्तव जी की प्रसिद्ध पुस्तक “बुन्देलखण्ड की लोक कथायें” पर श्री विवेक जी की पुस्तक चर्चा .  किसी भी भाषा या प्रदेश की लोककथाएं एक पीढ़ी के साथ ही जा रही हैं। ऐसे में उन्हें इस प्रकार के लोककथा संग्रह के रूप में संजो कर रखने की महती आवस्यकता है।  लोक कथाएं हमें अगली पीढ़ी को विरासत में  देने का दायित्व हमारी पीढ़ी को है इसके लिए श्री अजीत श्रीवास्तव जी को साधुवाद।  श्री विवेक जी  का ह्रदय से आभार जो वे प्रति सप्ताह एक उत्कृष्ट एवं प्रसिद्ध पुस्तक की चर्चा  कर हमें पढ़ने...
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हिन्दी साहित्य – ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा – # 15☆ वार्तिकायन – स्मारिका 2019 ☆ – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’

विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’    (हम प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ जी के आभारी हैं जिन्होने  साप्ताहिक स्तम्भ – “विवेक की पुस्तक चर्चा”  शीर्षक से यह स्तम्भ लिखने का आग्रह स्वीकारा। इस स्तम्भ के अंतर्गत हम उनके द्वारा की गई पुस्तक समीक्षाएं/पुस्तक चर्चा आप तक पहुंचाने का प्रयास  करते हैं । आप प्रत्येक मंगलवार को श्री विवेक जी के द्वारा लिखी गई पुस्तक समीक्षाएं पढ़ सकेंगे। आज प्रस्तुत है जबलपुर की प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ' वर्तिका' के वार्षिकांक/ स्मारिका   "वार्तिकायन - स्मारिका 2019" पर  श्री विवेक जी की पुस्तक चर्चा ।  श्री विवेक जी  का ह्रदय से आभार जो वे प्रति सप्ताह एक उत्कृष्ट एवं प्रसिद्ध पुस्तक की चर्चा  कर हमें पढ़ने हेतु प्रेरित करते हैं। ) ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा – # 15 ☆  ☆ पुस्तक पर साहित्य चर्चा - वर्तिकायन☆ पंजीकृत साहित्यिक संस्था वर्तिका की वार्षिक स्मारिका संपादन - विजय नेमा अनुज, सोहन सलिल, राजेश पाठक प्रवीण, दीपक तिवारी प्रकाशक - वर्तिका जबलपुर संस्करण २०१९   साहित्य के संवर्धन, साहित्यकारो को एक मंच पर लाने में...
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हिन्दी साहित्य – ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा – # 14☆ मलाला हूँ मैं ☆ – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’

विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’    (हम प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ जी के आभारी हैं जिन्होने  साप्ताहिक स्तम्भ – “विवेक की पुस्तक चर्चा”  शीर्षक से यह स्तम्भ लिखने का आग्रह स्वीकारा। इस स्तम्भ के अंतर्गत हम उनके द्वारा की गई पुस्तक समीक्षाएं/पुस्तक चर्चा आप तक पहुंचाने का प्रयास  करते हैं । आप प्रत्येक मंगलवार को श्री विवेक जी के द्वारा लिखी गई पुस्तक समीक्षाएं पढ़ सकेंगे। आज प्रस्तुत है  सुमन बाजपेयी जी की प्रसिद्ध पुस्तक “मलाला हूँ मैं ” पर श्री विवेक जी की पुस्तक चर्चा . यह मलाला यूसुफजई  के संघर्ष की प्रेरक पुस्तक है । श्री विवेक जी  का ह्रदय से आभार जो वे प्रति सप्ताह एक उत्कृष्ट एवं प्रसिद्ध पुस्तक की चर्चा  कर हमें पढ़ने हेतु प्रेरित करते हैं। ) ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा – # 14  ☆  ☆ पुस्तक चर्चा – मलाला हूँ मैं   ☆   पुस्तक – मलाला हूँ मैं  लेखिका  – सुमन बाजपेयी प्रकाशक –  राजपाल एण्ड सन्स, कश्मीरी गेट दिल्ली   ☆ मलाला हूँ मैं – चर्चाकार…विवेक रंजन श्रीवास्तव ☆ कल मैं अपनी लाइब्रेरी में से एक किताब...
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हिन्दी साहित्य – ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा – # 13 ☆ मेलुहा के मृत्युंजय ☆ – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’

विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’    (हम प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ जी के आभारी हैं जिन्होने  साप्ताहिक स्तम्भ – “विवेक की पुस्तक चर्चा”  शीर्षक से यह स्तम्भ लिखने का आग्रह स्वीकारा। इस स्तम्भ के अंतर्गत हम उनके द्वारा की गई पुस्तक समीक्षाएं/पुस्तक चर्चा आप तक पहुंचाने का प्रयास  करते हैं । आप प्रत्येक मंगलवार को श्री विवेक जी के द्वारा लिखी गई पुस्तक समीक्षाएं पढ़ सकेंगे। आज प्रस्तुत है  विश्वप्रसिद्ध पुस्तक “मेलुहा के मृत्युंजय ” पर श्री विवेक जी की पुस्तक चर्चा .  श्री विवेक जी द्वारा प्रेषित  विगत पुस्तक चर्चाएं वास्तव में "बैक टू बैक " पढ़ने लायक पुस्तकें हैं ।श्री विवेक जी  का ह्रदय से आभार जो वे प्रति सप्ताह एक उत्कृष्ट  एवं विश्व प्रसिद्ध पुस्तक की चर्चा  कर हमें पढ़ने हेतु प्रेरित करते हैं। ) ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा – # 13  ☆  ☆ पुस्तक चर्चा – मेलुहा के मृत्युंजय   ☆ पुस्तक – मेलुहा के मृत्युंजय  हिन्दी अनुवाद –  The Immortals of Meluha  लेखक – अमीष त्रिपाठी  मूल्य –  195 रु प्रकाशक -  वेस्टलैंड लिमिटेड ISBN 978-93-80658-82-7   ☆ मेलुहा के...
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हिन्दी साहित्य – ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा – # 12 ☆संयासी जिसने अपनी संपत्ति बेच दी ”  ☆ – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’

विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’    (हम प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ जी के आभारी हैं जिन्होने  साप्ताहिक स्तम्भ – “विवेक की पुस्तक चर्चा”  शीर्षक से यह स्तम्भ लिखने का आग्रह स्वीकारा। इस स्तम्भ के अंतर्गत हम उनके द्वारा की गई पुस्तक समीक्षाएं/पुस्तक चर्चा आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।  अब आप प्रत्येक मंगलवार को श्री विवेक जी के द्वारा लिखी गई पुस्तक समीक्षाएं पढ़ सकेंगे। आज प्रस्तुत है  विश्वप्रसिद्ध पुस्तक "संयासी जिसने अपनी संपत्ति बेच दी "  जिसकी 30 लाख से अधिक प्रतियां बिक चुकी हैं पर श्री विवेक जी  की चर्चा ।)   ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा – # 12  ☆  ☆ पुस्तक चर्चा – संयासी जिसने अपनी संपत्ति बेच दी  ☆ पुस्तक – संयासी जिसने अपनी संपत्ति बेच दी हिन्दी अनुवाद -  The monk who sold his Ferari का  हिंदी संस्करण लेखक - रोबिन शर्मा मूल्य -  199 रु किताब जिसकी दुनियां भर में ३० लाख प्रतियां बिकी     ☆ संयासी जिसने अपनी संपत्ति बेच दी– चर्चाकार…विवेक रंजन श्रीवास्तव ☆ जूलियन मेंटले एक वकील थे, जो अनियमित जीवन शैली से निराश हो चुके थे....
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हिन्दी साहित्य – ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा – # 11 ☆बेनजीर भुट्टो..मेरी आप बीती”  ☆ – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’

विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’    (हम प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ जी के आभारी हैं जिन्होने  साप्ताहिक स्तम्भ – “विवेक की पुस्तक चर्चा”  शीर्षक से यह स्तम्भ लिखने का आग्रह स्वीकारा। इस स्तम्भ के अंतर्गत हम उनके द्वारा की गई पुस्तक समीक्षाएं/पुस्तक चर्चा आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।  अब आप प्रत्येक मंगलवार को श्री विवेक जी के द्वारा लिखी गई पुस्तक समीक्षाएं पढ़ सकेंगे। आज प्रस्तुत है पुस्तक "बेनजीर भुट्टो..मेरी आप बीती"  पर  श्री विवेक जी  की चर्चा ।)   ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा – # 11  ☆  ☆ पुस्तक चर्चा – बेनजीर भुट्टो..मेरी आप बीती ☆ पुस्तक – बेनजीर भुट्टो..मेरी आप बीती हिन्दी अनुवाद -  अशोक गुप्ता और प्रणय रंजन तिवारी मूल्य -  225 रु प्रकाशक - राजपाल प्रकाशन, दिल्ली ☆ डाटर आफ द ईस्ट - बेनजीर भुट्टो- मेरी आप बीती– चर्चाकार…विवेक रंजन श्रीवास्तव ☆ पाकिस्तान से हमारी कितनी भी दुश्मनी क्यो न हो, हमेशा से वहाँ की राजनीति, लोगों और संस्कृति भारतीयो की रुचि के विषय रहे हैं. यही वजह है कि  बेनजीर भुट्टो की आत्मकथा का हिन्दी रूपांतर राजपाल...
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हिन्दी साहित्य – ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा – # 10 ☆ इस समय तक ☆ – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’

विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’    (हम प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ जी के आभारी हैं जिन्होने  साप्ताहिक स्तम्भ – “विवेक की पुस्तक चर्चा”  शीर्षक से यह स्तम्भ लिखने का आग्रह स्वीकारा। इस स्तम्भ के अंतर्गत हम उनके द्वारा की गई पुस्तक समीक्षाएं/पुस्तक चर्चा आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।  अब आप प्रत्येक मंगलवार को श्री विवेक जी के द्वारा लिखी गई पुस्तक समीक्षाएं पढ़ सकेंगे। आज प्रस्तुत है  पुस्तक "इस समय तक " पर श्री विवेक जी की पुस्तक  चर्चा।)  ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा – # 10  ☆  ☆ पुस्तक – इस समय तक  ☆ पुस्तक – इस समय तक लेखक : धर्मपाल महेंद्र जैन, टोरंटो, केनेडा कविता संग्रह इस समय तक क) धर्मपाल महेंद्र जैन, टोरंटो, केनेडापृष्ठ १६०, मूल्य २५०, हार्ड बाउंड,  टेबल बुक पृष्ठ  १६०, मूल्य २५०, हार्ड बाउंड,  टेबल बुक प्रकाशक.. शिवना प्रकाशन सीहोर ☆ काव्य संग्रह : इस समय तक – चर्चाकार…विवेक रंजन श्रीवास्तव ☆ कवि के समाज सापेक्ष मनोभावो की कलात्मक अभिव्यक्ति ही कविता होती है. धर्मपाल महेंद्र जैन का अनुभव संसार व्यापक रहा है, वे झाबुआ जैसे...
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हिन्दी साहित्य – ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा – # 9 ☆ बाल साहित्य – भोलू भालू सुधर गया ☆ – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’

विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’    (हम प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ जी के आभारी हैं जिन्होने  साप्ताहिक स्तम्भ – “विवेक की पुस्तक चर्चा”  शीर्षक से यह स्तम्भ लिखने का आग्रह स्वीकारा। इस स्तम्भ के अंतर्गत हम उनके द्वारा की गई पुस्तक समीक्षाएं/पुस्तक चर्चा आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।  अब आप प्रत्येक मंगलवार को श्री विवेक जी के द्वारा लिखी गई पुस्तक समीक्षाएं पढ़ सकेंगे। आज प्रस्तुत है श्री विवेक जी  की पुस्तक चर्चा  “बाल साहित्य - भोलू भालू सुधर गया”।    ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा – # 9 ☆  ☆ पुस्तक – भोलू भालू सुधर गया ☆ पुस्तक चर्चा ☆ बाल साहित्य   – भोलू भालू सुधर गया– चर्चाकार…विवेक रंजन श्रीवास्तव ☆   पुस्तक - भोलू भालू सुधर गया लेखक - पवन चौहान प्रकाशक - बोधि प्रकाशन, जयपुर मूल्य - १०० रु   बाल साहित्य रचने के लिये बाल मनोविज्ञान का जानकार होना अनिवार्य होता है. दुरूह से दुरूह बात भी खेल खेल में, चित्रात्मकता के साथ सरल शब्दो में बताई जावे तो बच्चे उसे सहज ही ग्रहण कर लेते हैं. बचपन में पढ़ा गया साहित्य जीवन भर स्मरण...
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हिन्दी साहित्य – ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा – # 8 ☆ उपन्यास  – एकता और शक्ति  ☆ – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’

विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’    (हम प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ जी के आभारी हैं जिन्होने  साप्ताहिक स्तम्भ – “विवेक की पुस्तक चर्चा”  शीर्षक से यह स्तम्भ लिखने का आग्रह स्वीकारा। इस स्तम्भ के अंतर्गत हम उनके द्वारा की गई पुस्तक समीक्षाएं/पुस्तक चर्चा आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।  अब आप प्रत्येक मंगलवार को श्री विवेक जी के द्वारा लिखी गई पुस्तक समीक्षाएं पढ़ सकेंगे। आज प्रस्तुत है श्री विवेक जी  की पुस्तक चर्चा  “उपन्यास  - एकता और शक्ति  (सरदार पटेल के जीवन पर आधारित उपन्यास)”।    ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा – # 8 ☆  ☆ पुस्तक – उपन्यास  - एकता और शक्ति  (सरदार पटेल के जीवन पर आधारित उपन्यास) ☆   पुस्तक चर्चा पुस्तक – उपन्यास  - एकता और शक्ति  (सरदार पटेल के जीवन पर आधारित उपन्यास) लेखक –  अमरेन्द्र नारायण प्रकाशक –   राधाकृष्ण प्रकाशन ,राजकरल प्रकाशन समूह , 7/31 अंसारी रोड दरयागंज, नई दिल्ली www.radhakrishnaprakashan.com, E-mail: info@radhakrishnaprakashan.com   ☆ पुस्तक  – उपन्यास  - एकता और शक्ति – चर्चाकार…विवेक रंजन श्रीवास्तव ☆ ☆ उपन्यास  - एकता और शक्ति  (सरदार पटेल के जीवन पर आधारित उपन्यास)☆   एकता और शक्ति उपन्यास स्वतंत्र भारत...
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हिन्दी साहित्य – ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा – # 7 ☆ हास्य व्यंग्य – बातें बेमतलब  ☆ – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’

 विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’    (हम प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ जी के आभारी हैं जिन्होने  साप्ताहिक स्तम्भ – “विवेक की पुस्तक चर्चा”  शीर्षक से यह स्तम्भ लिखने का आग्रह स्वीकारा। इस स्तम्भ के अंतर्गत हम उनके द्वारा की गई पुस्तक समीक्षाएं/पुस्तक चर्चा आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।  अब आप प्रत्येक मंगलवार को श्री विवेक जी के द्वारा लिखी गई पुस्तक समीक्षाएं पढ़ सकेंगे। आज प्रस्तुत है श्री विवेक जी  की पुस्तक चर्चा  “हास्य व्यंग्य - बातें बेमतलब ”।    ☆ साप्ताहिक स्तम्भ – विवेक की पुस्तक चर्चा – # 6 ☆    ☆ पुस्तक – हास्य व्यंग्य - बातें बेमतलब ☆   पुस्तक चर्चा पुस्तक –बातें बेमतलब लेखक –  अनुज खरे प्रकाशक – मंजुल पब्लिशिंग हाउस भोपाल मूल्य –  175 रु   ☆ पुस्तक  – हास्य व्यंग्य - बातें बेमतलब  – चर्चाकार…विवेक रंजन श्रीवास्तव ☆   ☆ हास्य व्यंग्य - बातें बेमतलब ☆   आपाधापी भरा वर्तमान समय दुष्कर हो चला है. ऐसे समय में साहित्य का  वह हिस्सा जन सामान्य को बेहतर तरीके से प्रभावित कर पा रहा है जिसमें आम आदमी की दुश्वारियो की पैरवी हो, किंचित हास्य हो, विसंगतियो पर मृदु...
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