सूचनाएँ/Information ☆ रंगक्षितिज थियेटर एंड वेलफेयर सोसाइटी, भोपाल द्वारा,”अटल स्वप्न” नाटक का मंचन ☆ साभार – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ☆

☆ सूचनाएँ/Information ☆

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

रंगक्षितिज थियेटर एंड वेलफेयर सोसाइटी, भोपाल  द्वारा,”अटल स्वप्न” नाटक का मंचन ☆ साभार – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ☆

अटल बिहारी बाजपेई जी के जन्म दिवस के उपलक्ष में सहयोग वेलफेयर सोसाइटी द्वारा भारत सरकार संस्कृति विभाग के सहयोग से दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन केरियर कालेज भोपाल के सभागार में किया गया।

जिसके अंतर्गत रंगक्षितिज थियेटर एंड वेलफेयर सोसाइटी द्वारा,”अटल स्वप्न”नाटक का मंचन किया गया। जिसका लेखन निर्देशन रीना बिष्ट द्वारा किया गया। अटल बिहारी वाजपेई के किरदार को प्रेम प्रकाश अष्ठाना द्वारा जीवित किया गया। मंच पर किरती बौरा, सतीश रे, ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

गीत संगीत सतीश रे का था। बड़ी संख्या में दर्शको कि उपस्थिति में नाटक कि सराहना कि गया। अटल जी के नारों से सभागार गुंजायमान था।

साभार – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव 

संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

Please share your Post !

Shares

सूचनाएँ/Information ☆ गायत्री स्मृति सम्मान समारोह – पाथेय साहित्य कला अकादमी, जबलपुर ☆

☆ सूचनाएँ/Information ☆

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

🌹 गायत्री स्मृति सम्मान समारोह –  पाथेय साहित्य कला अकादमी, जबलपुर🌹

इंजी. इस्मिता माथुर

☆ डॉ. गायत्री कथा सम्मान 2025 से सम्मानित होंगी इंजी.इस्मिता माथुर ☆

☆ नारी जागरण के लिए क्रियाशील संस्थाएं भी होंगी सम्मानित ☆

जबलपुर। प्रतिष्ठित कथा लेखिका, कवयित्री डॉ.गायत्री तिवारी की स्मृति में पाथेय साहित्य कला अकादमीद्वारा आयोजित गायत्री कथा सम्मान 2025 से इंजीनियर स्मिता माथुर को 27 दिसम्बर 2025 को अपरान्ह 3.30 बजे कलावीथिका में सम्मानित किया जाएगा । यह जानकारी पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पाथेय साहित्य कला अकादमी के महासचिव राजेश पाठक प्रवीण दी। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर नारी जागरण के क्षेत्र में क्रियाशील संस्थाएं प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय शिव स्मृति भवन, कान्यकुब्ज ब्राह्मण महिला प्रकोष्ठ, सनाढ्य महिला संस्था, राजपूताना क्लब, मां नर्मदा वानप्रस्थ आश्रम, मातृशक्ति परम वैभव समिति, स्वर्णकार महिला मंडल, ममत्व सेवा महिला प्रकोष्ठ को भी सम्मानित किया जाएगा।

गायत्री कथा सम्मान से सम्मानित होने जा रही इंजी. इस्मिता माथुर के चार कथा संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं, जिन्हें प्रबुद्ध वर्ग ने सराहा। इनकी कहानी मुख्यतः नारी विमर्श और उनकी समस्याओं पर केंद्रित होती हैं। समाज के विभिन्न वर्गों की भारतीय नारी को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ा है उन स्थितियों और परिस्थितियों को इस्मिता ने मार्मिक भावों में सृजित करते हुए उन्मूलन की दिशा भी प्रदान की है ।

ज्ञातव्य हो कि डॉ.गायत्री तिवारी ने साहित्य की विविध विधाओं में सृजन किया। उनकी कहानी कोबराको मध्य प्रदेश शासन संस्कृति विभाग ने पुरस्कृत किया था। पत्रकार वार्ता में डॉ. संध्या श्रुति, प्रतिमा अखिलेश, राजेन्द्र मिश्रा, प्रतुल श्रीवास्तव, विजय जायसवाल, डॉ. हर्ष कुमार तिवारी, आलोक पाठक भी उपस्थित थे।

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

Please share your Post !

Shares

मराठी साहित्य – कवितेचा उत्सव ☆ संदेश कवितेचा… + संपादकीय निवेदन – सौ. दीप्ती कुलकर्णी – अभिनंदन ☆ सम्पादक मंडळ ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ☆

सूचना/Information 

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

सौ. दीप्ती कुलकर्णी

💐 अ भि नं द न 💐

आपल्या समुहातील ज्येष्ठ साहित्यिका श्रीमती दीप्ती कुलकर्णी यांनी साहित्य क्षेत्रात तिहेरी यश संपादन केले आहे.

तितिक्षा इंटरनॅशनल, पुणे या संस्थेचा उत्कृष्ट ग्रंथ पुरस्कार त्यांच्या ‘खोल डोहाच्या तळ्यातून’ या काव्य संग्रहास प्राप्त झाला आहे.

तसेच तितिक्षा आयोजित नवरात्री विशेष काव्य लेखन स्पर्धेत त्यांच्या ‘ कुष्माडा ‘ या कवितेस द्वितीय पुरस्कार मिळाला आहे. तर तितिक्षा च्या काव्य पूर्तता स्पर्धेतही ‘ संदेश कवितेचा ‘ या कवितेस द्वितीय क्रमांक मिळाला आहे.

दीप्ती कुलकर्णी यांच्या या यशाबद्दल ई अभिव्यक्ती मराठी परिवारातर्फे त्यांचे मन: पूर्वक अभिनंदन आणि पुढील लेखनासाठी शुभेच्छा 💐💐

पुरस्कार प्राप्त कविता ‘संदेश कवितेचा आज प्रकाशित होत आहे. 🪻 

संपादक मंडळ

ई अभिव्यक्ती मराठी

? कवितेचा उत्सव ?

☆ “संदेश कवितेचा” ☆ सौ.ज्योत्स्ना तानवडे ☆

मानवतेचा पथ सजवाया

होवुनिया रांगोळी

माझ्यानंतर शिल्लक मागे,

या कवितेच्या ओळी ||धृ||

 *

कवितेची किमया न्यारी,

पवित्रता सदा आगळी

सहिष्णुतेचा मार्ग दाखवी,

एकात्मकता सगळी ||||

 *

शुभसंदेशा पेरत जाई,

सकलां साद जवळी

वेधकतेने मानवतेला, नित्य

दाखवी करांगुळी ||||

 *

रंगसंगती मनाजोगती,

दिसते सर्वची वेळी

प्रतिका दाखवी, शुभचिन्हे

ती प्रेरकता वेळोवेळी| ||||

 *

भाव मनीचे, तेच उमटवी,

आकर्षकता पाळी,

सुंदर कवने सदा खुलविती,

तेजोमयता भाळी ||||

 *

अर्थ जागवी, मना तोषवी,

सकाळी कधी सायंकाळी

कविता ही तर सदा शोभते,

सजते नाना पळी ||||

 *

मुक्तहस्ते कलात्मकता

शुचिर्भूतता ती वेगळी,

निमंत्रिते ती, मना जनांच्या,

हृदया स्पर्शी मोकळी ||||

 *

मानवतेचा मंत्र खरा जो,

संदेशात्मक या ओळी

भावोत्कटता जपते सारी,

कविता रूपी ओळी ||||

ता. क. :- पाचव्या कडव्यात – सजते नाना पळी, या ओळीत “पळी” म्हणजे ‘ घटका-पळे’ – यातील पळाला हा वेळवाचक शब्द आहे. संध्येची पळी नाही.

© सौ. दीप्ती कुलकर्णी

भ्र. ९५५२४४८४६१

≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – सौ.उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈

Please share your Post !

Shares

मराठी साहित्य – कविता ☆ अंबे जोगवा मागते… + संपादकीय निवेदन – सुश्री ज्योत्स्ना तानवडे – अभिनंदन ☆ सम्पादक मंडळ ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ☆

सूचना/Information 

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

सुश्री ज्योत्स्ना तानवडे

💐 अ भि नं द न 💐

तितिक्षा इंटरनॅशनल, पुणे यांनी आयोजित केलेल्या नवरात्री काव्यलेखन स्पर्धेत,आपल्या समुहातील ज्येष्ठ साहित्यिका सौ. ज्योत्स्ना तावडे यांना त्यांच्या महिषासुरमर्दिनी जोगवा या काव्यरचनेसाठी उत्तेजनार्थ पुरस्कार प्राप्त झाला आहे.

ई अभिव्यक्ती मराठी परिवारातर्फे सौ. तानवडे यांचे मन: पूर्वक अभिनंदन आणि शुभेच्छा 💐💐

पुरस्कार प्राप्त कविता ‘अंबे जोगवा मागते आज प्रकाशित होत आहे. 🪻

संपादक मंडळ

ई अभिव्यक्ती मराठी

? कवितेचा उत्सव ?

☆ “अंबे जोगवा मागते” ☆ सौ.ज्योत्स्ना तानवडे ☆

(तितिक्षा इंटरनॅशनल पुणे आयोजित नवरात्र विशेष काव्यलेखन महोत्सव – उत्तेजनार्थ पारितोषिक प्राप्त)

विषय  – महिषासुरमर्दिनी जोगवा

निर्गुणाचे रुप सगुण भगवती पातली

महिषासुरा मर्दुनी आई साक्षात प्रकटली

दिव्य रुप अवतारी हे पायी तव लागते

जोगवा घाली अंबे जोगवा मागते

जोगवा मागते आई जोगवा मागते ||ध्रु||

 *

षडविकारी असुर निर्दालनास बळ दे

सदविचारी सद्बुद्धीचे दान मजला दे

असंग सोडून निसंग होऊन शरणागत होते

जोगवा घाली अंबे जोगवा मागते

जोगवा मागते आई जोगवा मागते ||

 *

अनन्य भक्तिच्या अंतरी लावूनिया ज्योती

तुझ्या रूपाची मनोभावे करते मी आरती

तुझ्या कृपेचा घरादारा आशीर्वाद मागते

जोगवा घाली अंबे जोगवा मागते

जोगवा मागते आई जोगवा मागते ||

 *

नातीगोती जपुनिया सांभाळी अनुबंधा

कामक्रोधांना जिंकत दूर करी अंधश्रद्धा

ज्ञानाचा प्रकाश आई तुझ्याकडे मागते

जोगवा घाली अंबे जोगावा मागते

जोगवा मागते आई जोगवा मागते

 *

जोगवा मागते अंबेचा जोगवा मागते

जोगवा मागते आईचा जोगवा मागते

उदे ग अंबे उदे, उदे ग अंबे उदे

उदो उदो उदो उदो उदो उदो उदो ||

© सौ.ज्योत्स्ना तानवडे

वारजे, पुणे.५८

≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – सौ.उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈

Please share your Post !

Shares

सूचना/Information ☆ संपादकीय निवेदन ☆  कविता – घटस्थापना – सौ.उज्वला सुहास सहस्त्रबुद्धे – अभिनंदन ☆ सम्पादक मंडळ ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ☆

‘सूचना/Information 

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

सौ.उज्वला सुहास सहस्त्रबुद्धे

💐 संपादकीय निवेदन 💐

💐 ✒️ अभिनंदन! अभिनंदन! अभिनंदन! ✒️ 💐

तितिक्षा इंटरनॅशनल, पुणे या संस्थेने नवरात्री निमित्त रोज एका देवीवर काव्यअशी काव्य स्पर्धा आयोजित केली होती. या स्पर्धेत आपल्या समुहातील ज्येष्ठ साहित्यिका श्रीमती उज्ज्वला सहस्रबुद्धे यांना तीन पुरस्कार प्राप्त झाले आहेत. याशिवाय संपूर्ण नवरात्रीत काव्य लेखन केल्याबद्दल विशेष सरस्वती मोमेंटो ही प्रदान करण्यात आला आहे. त्यांच्या या वैशिष्ट्यपूर्ण यशाबद्दल ई-अभिव्यक्ती परिवारातर्फे त्यांचे मन:पूर्वक अभिनंदन आणि पुढील लेखनासाठी शुभेच्छा! 💐

☘️. ☘️. ☘️. ☘️. ☘️

– आजच्या अंकात वाचूया त्यांचे एक पुरस्कारप्राप्त कविता – “घटस्थापना…”

– संपादक मंडळ

ई – अभिव्यक्ती, मराठी विभाग

? कवितेचा उत्सव ?

☆ घटस्थापना ☆ सौ.उज्वला सुहास सहस्त्रबुद्धे ☆

(पंचाक्षरी रचना)

*

अश्विन मास,

आरंभ झाला l

घटस्थापना,

दिवस आला ll1ll

*

घटात करू,

धान्याचा पेरा l

सृष्टी सृजन,

निर्मिती फेरा ll2ll

*

नऊ दिवस,

आनंद देई l

देवी चे गाणे,

ललना गाई ll 3ll

*

प्रत्येक दिस,

असे नवीन l

नारीशक्तीचा,

करू सन्मान ll4ll

*

स्त्रियांसाठी तो,

देवीचा सणl

आनंदे भरे,

सारे रांजण ll5ll

*

धनधान्याची,

भरली रास l

सुखे लुटु या,

आनंद खास ll6ll

*

सुगी धान्याची,

शेतात असे l

गृहलक्ष्मी ती,

प्रसन्न दिसे ll7ll

© सौ. उज्वला सुहास सहस्रबुद्धे

≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – सौ. उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈

Please share your Post !

Shares

सूचनाएँ/Information ☆ कोटा में ‘कृति लोकार्पण एवं राष्ट्रीय बाल साहित्यकार सम्मान समारोह 2025’ संपन्न ☆ साभार -श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’

☆ सूचनाएँ/Information ☆

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

कोटा में ‘कृति लोकार्पण एवं राष्ट्रीय बाल साहित्यकार सम्मान समारोह 2025’ संपन्न – अभिनंदन ☆ साभार -श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ ☆

कोटा, 7 दिसंबर, 2025। बाल साहित्य के गंभीर और महत्वपूर्ण विषयों पर विमर्श हेतु कोटा के ब्लू सफायर होटल में ‘कृति लोकार्पण एवं राष्ट्रीय बाल साहित्यकार सम्मान समारोह 2025’ का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी आयोजन के दो चरण थे, जिसमें साहित्य की चुनौतियों और विकास पर गहन चर्चा हुई, तथा राजस्थान के 30 से अधिक बाल साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।

 ​प्रथम चरण: सम्मान समारोह

समारोह की अध्यक्षता डॉ. दिविक रमेश (नोएडा) ने की और मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. विकास दवे (भोपाल) उपस्थित रहे। इस चरण में विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रभात सिंघल और श्रीमती रेखा पंचोली थीं। स्वागत वक्तव्य श्रीमती श्वेता शर्मा ने दिया, और व्यक्तिगत परिचय डॉ. वैदेही गौतम द्वारा कराया गया।

​समारोह के संरक्षक श्री जितेंद्र निर्मोही (कोटा) थे। इस चरण में पूरे राजस्थान से आए 30 से अधिक बाल साहित्यकारों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया, जिससे बाल साहित्य के प्रति गंभीर विमर्श को बल मिला।

​द्वितीय चरण: कृति लोकार्पण एवं विशिष्ट सम्मान

​यह चरण विशेष रूप से साहित्यकार डॉ. युगल सिंह की महत्वपूर्ण कृति “हाड़ौती अंचल का बाल साहित्य: उद्भव एवं विकास” के लोकार्पण पर केंद्रित था। इस चरण में गंभीर साहित्यिक विमर्श हुआ, जिसमें बाल साहित्य के भविष्य पर चिंता और समाधान दोनों पर चर्चा की गई।

​अध्यक्ष: डॉ. दिविक रमेश (नोएडा), ख्यातनाम बाल साहित्यकार।

​मुख्य अतिथि: डॉ. विकास दवे (भोपाल), निदेशक साहित्य एवं संस्कृति अकादमी।

​संरक्षक: श्री जितेंद्र निर्मोही (कोटा), ख्यातनाम साहित्यकार।

​मुख्य वक्ता: श्री जय सिंह आशावत (नैनवां, बूँदी), ख्यातनाम साहित्यकार।

​विशिष्ट अतिथि: ​श्री बलदाऊ राम साहू (दुर्ग), सदस्य, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग एवं राजभाषा सलाहकार मंत्रालय, भारत सरकार।

 ​श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय (रतनगढ़, नीमच, म.प्र.), ख्यातनाम बाल साहित्यकार।

 ​इस द्वितीय चरण में, श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ (रतनगढ़, नीमच, म.प्र.) को हाड़ौती अंचल के बाल साहित्य में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘अति विशिष्ट सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

​कृति परिचय मेजर रिद्धिमा द्वारा प्रस्तुत किया गया, और संपूर्ण लोकार्पण समारोह का संचालन वरिष्ठ उद्घोषक एवं नामवर साहित्यकार श्री रामानारायण मीणा “हलधर” ने किया।

​यह समारोह बाल साहित्य की गुणवत्ता और विस्तार पर विचार करने तथा युवा साहित्यकारों को प्रेरित करने के उद्देश्य से एक गंभीर प्रयास रहा।

💐 ई- अभिव्यक्ति परिवार की ओर से श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ जी को इस विशिष्ट उप्लब्धि के लिए हार्दिक बधाई 💐

≈ श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

Please share your Post !

Shares

मराठी साहित्य – सूचनाएँ ☆ संपादकीय निवेदन – डॉ. सोनिया कस्तुरे – अभिनंदन ☆ सम्पादक मंडळ ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ☆

सूचना/Information 

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

☆ डॉ. सोनिया कस्तुरे ☆

🎇अ भि नं द न 🎇

आपल्या समूहातील प्रसिद्ध लेखिका / कवयित्री डॉ. सोनिया कस्तुरे यांच्या “पिंपळायन” आणि “हसरे किनारे” या दोन कविता संग्रहांचे प्रकाशन नुकतेच लोकायत प्रकाशन सातारा, यांच्या वतीने, आणि ज्येष्ठ विचारवंत डॉ. आ. ह. साळुंखे सर यांच्या हस्ते करण्यात आले आहे.

… आपल्या सर्वांच्या वतीने डॉ. सोनिया यांचे हार्दिक अभिनंदन.

डॉ. सोनिया यांचे अभिनंदनास्पद आणखी एक यश म्हणजे या त्यांच्या दोन कवितासंग्रहांपैकी “हसरे किनारे” या संग्रहाला ‘मराठी भाषा विभाग, महाराष्ट्र शासन, महाराष्ट्र राज्य साहित्य आणि संस्कृती मंडळ अनुदानित’…

“राज्यस्तरीय माणगंगा साहित्यप्रेमी गौरव पुरस्कार” हा मानाचा पुरस्कार देण्यात आला आहे.

आपल्या सर्वांतर्फे या पुरस्काराबद्दल डॉ. सोनिया कस्तुरे यांचे अतिशय मनःपूर्वक अभिनंदन आणि पुढील अशाच दमदार आणि यशस्वी साहित्यिक वाटचालीसाठी असंख्य हार्दिक शुभेच्छा.

आजच्या अंकात वाचूया या पुरस्कारप्राप्त संग्रहातील वेगळ्या विषयावरची एक कविता.

– संपादक मंडळ

ई अभिव्यक्ती मराठी

≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – सौ. उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈

Please share your Post !

Shares

सूचना/Information ☆ संपादकीय निवेदन ☆ प्रकाशन संबंधी महत्वपूर्ण सूचना ☆ सम्पादक मंडल ई-अभिव्यक्ति ☆

सूचना/Information 

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

📖 प्रकाशन संबंधी महत्वपूर्ण सूचना !! 📖

कुछ अपरिहार्य कारणों से, ई-अभिव्यक्ति का इस माह का पहला पाक्षिक अवकाश 14/12/25 के स्थान पर 12/12/25 को होगा। अतः शुक्रवार 12/12/25 का अंक प्रकाशित नहीं किया जाएगा। यह अंक शनिवार 13/12/25 से पुनः नियमित रूप से प्रकाशित किया जाएगा।

आप सभी का इसी प्रकार स्नेह, प्रतिसाद और सहयोग अपेक्षित है।

– संपादक मंडल 

ई-अभिव्यक्ति 

≈ संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

Please share your Post !

Shares

सूचना/Information ☆ संपादकीय निवेदन ☆ दि. १२/१२/२५ रोजी अंक बंद असल्याबद्दल महत्वाची सूचना!! 📖 ☆ सम्पादक मंडळ ई-अभिव्यक्ति (मराठी) ☆

सूचना/Information 

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

💐 संपादकीय निवेदन 💐

📖 दि. १२/१२/२५ रोजी अंक बंद असल्याबद्दल महत्वाची सूचना!! 📖

कृपया सर्वांनी नोंद घ्यावी – – 

या महिन्यातली पहिली पाक्षिक सुट्टी दि. १४/१२/२५ च्या ऐवजी दि. १२/१२/२५ रोजी घेण्यात येणार आहे. त्यामुळे शुक्रवार दि. १२/१२/२५ रोजी अंक प्रकाशित केला जाणार नाही. शनिवार दि. १३/१२/२५ पासून अंक पुन्हा नियमित प्रकाशित होईल.

सर्वांचे सहकार्य अपेक्षित आहे.

– संपादक मंडळ

ई – अभिव्यक्ती, मराठी विभाग

≈संपादक – श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक मंडळ (मराठी) – सौ. उज्ज्वला केळकर/श्री सुहास रघुनाथ पंडित /सौ. मंजुषा मुळे/सौ. गौरी गाडेकर≈

Please share your Post !

Shares

सूचनाएँ/Information ☆ पूर्णिका उत्सव – ३ संपन्न –  विशिष्ट पूर्णिकाकारों को पूर्णिकाचार्य सम्मान – अर्धशतादिक पूर्णिका संग्रह लोकार्पित ☆ साभार – डॉ. सलपनाथ यादव ‘प्रेम’ ☆

☆ सूचनाएँ/Information ☆

(साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समाचार)

पूर्णिका उत्सव – ३ संपन्न –  विशिष्ट पूर्णिकाकारों को पूर्णिकाचार्य सम्मान – अर्धशतादिक पूर्णिका संग्रह लोकार्पित साभार – डॉ. सलपनाथ यादव ‘प्रेम’ ☆

प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी दिनांक ५ दिसंबर २०२५ दिन शुक्रवार को अपराह्न ३ बजे से रानी दुर्गावती कला वीथिका भंवरताल गार्डन, होटल श्री कृष्ण के सामने अपने भव्यतम स्वरूप में पूर्णिका उत्सव ➖ तृतीय का आयोजित किया गया , जिसमें देश-विदेश प्रदेश सहित संस्कार धानी जबलपुर  के पूर्णिका कारों के पूर्णिका संग्रह का लोकार्पण-विमोचन- पूर्णिका गोष्ठी आयोजित की गई।

पूर्णिका उत्सव की यशस्वी अध्यक्षता डॉ ललित कुमार सिंह ‘ललित’, पूर्व शिक्षा निदेशक अलीगढ़ उप्र, और मुख्य अतिथि डॉ बैजनाथ गौतम, पूर्व वरिष्ठ अधिकारी आकाशवाणी जबलपुर, विशिष्ट अतिथि महामहोपाध्याय डॉ हरिशंकर दुबे, प्रसिद्ध कीट वैज्ञानिक लोकभाषा बुंदेली के चंदन चर्चित वरिष्ठ पूर्णिका कार डा कृष्ण कुमार नेमा ‘निर्झर’, सीहोर मप्र, सहित डॉ विभा प्रकाश लखनऊ उप्र रहे।

सारस्वत अतिथि गायत्री ठाकुर ‘सक्षम’ नरसिंहपुर मप्र, डॉ दीनदयाल यादव ‘नीलेश’ बिलासपुर छत्तीसगढ़, डॉ अनिल कुमार बाजपेई रि HOD केमिस्ट्री जबलपुर मप्र हैं वहीं विशेष आमंत्रित अतिथि करुणा सिंह ‘कल्पना’ रांची झारखंड, रामगोपाल निर्मलकर ‘नवीन’ धनौरा सिवनी मप्र मंच को शोभित किया।

पूर्णिका प्रकाश यशोवर्धन पाठक जबलपुर, डॉ निर्मला डोंगरे ‘पूर्णिका’ वृंदावन, विजय बागरी कछारगांव कटनी मप्र। 

पूर्णिका उत्सव के आभार हेतु शिव अलग नैनपुर जबलपुर और कार्यक्रम विराम की घोषणा हेतु डॉ प्रकाश तिवारी जबलपुर मप्र ने की।

पूर्णिका उत्सव का संचालन ख्यात मंच मणि राजेश पाठक ‘प्रवीण’ जी, संतोष नेमा जी, आशुतोष तिवारी ‘आशु’, कविता राय ‘कृति’ जी ।।

समन्वयक प्रतुल श्रीवास्तव, मदन श्रीवास्तव, राजेन्द्र मिश्र, एम पी कोरी, विजय जायसवाल और इरफान झांसवी जी।

पूर्णिका संग्रहों का विमोचन लोकार्पण किया गया। 

डॉ  प्रो खेदू भारती ‘सत्येश’ धमतरी छत्तीसगढ़ जी के 5 छत्तीसगढ़ पूर्णिका संग्रह और हिंदी के 20 पूर्णिका संग्रह सहित आपके टोटल 25 पूर्णिका संग्रह, श्याम सुधा रस – सारिका शर्मा ‘वृंदा’ जी ओमान,अर्तिका की पूर्णिका, भावनाओं का दर्पण — उमा शर्मा ‘अर्तिका’ नोएडा, सिंधु तट गामिनी, हंसते गाते धूम मचाते(बाल पूर्णिका संग्रह), भावनाओं का मधुबन, भावनाओं का रंग (पूर्णिका संकलन)– रजनी कटारे ‘हेम’, दिव्य कौमुदी — नमिता गुप्ता ‘श्री’ लखनऊ उप्र, प्रेम की पूर्णिका — करुणा सिंह ‘कल्पना’ रांची झारखंड, जंगल में जगराता (बाल पूर्णिका संग्रह)– डॉ दीनदयाल यादव ‘नीलेश’ बिलासपुर छत्तीसगढ़, मंगल आशा — रामगोपाल निर्मलकर ‘नवीन’ धनौरा सिवनी मप्र, स्वर्णिम रश्मियां — रश्मि पाण्डेय ‘शुभि’, मधुबन में — पूर्णिका — ‘कदम’ जबलपुरी, माधुरी शतक (पूर्णिकांश संग्रह)— कीरत सिंह यादव ‘कीरत’ लहार भिण्ड मप्र, अविरामिका — विभा प्रकाश लखनऊ उप्र, दिव्या दीप— विनोद कश्यप शर्मा चण्डीगढ़, आशाओं के दीप — तारा गुप्ता लखनवी लखनऊ उप्र ,नेह विन्यास — साधना मिश्र लखनवी लखनऊ उप्र, आंगन में चांद — प्रदीप श्रीवास्तव ‘दीप’ ग्वालियर मप्र, बचपन की वाटिका (बाल पूर्णिका संग्रह)– अनुराधा गर्ग ‘दीप्ति’जबलपुर, प्रेम की बंशी — डॉ ललित कुमार सिंह ‘ललित’ अलीगढ़ उप्र,सब में है शिवत्व — शिव अलग नैनपुर जबलपुर,सफल हुआ अभियान,का भओ बिन्ना (बुंदेली पूर्णिका संग्रह) अंतर राष्ट्रीय विश्व दिवस विशेष पूर्णिका संग्रह सभी— पूर्णिका जनक साहित्याचार्य एडवोकेट डॉ सलपनाथ यादव ‘प्रेम’जी, पूर्णिका मकरंद — गायत्री ठाकुर ‘सक्षम’ नरसिंहपुर मप्र, झूठ के हांडी (भोजपुरी पूर्णिका संग्रह) — डॉ श्याम कुंअर भारती बोकारो झारखंड शामिल रही।

पूर्णिका-चार्य  का सम्मान

  • अनुराधा गर्ग ‘दीप्ति’जबलपुर मप्र
  • पं अंशुल विश्वंभर मिश्र ‘कदम’ जबलपुरी मप्र
  • प्रसिद्ध कीट वैज्ञानिक लोकभाषा बुंदेली के चंदन चर्चित वरिष्ठ पूर्णिकाकार डॉ कृष्ण कुमार नेमा ‘निर्झर’ सीहोर मप्र,
  • रजनी कटारे ‘हेम’ जबलपुर
  • डॉ दीनदयाल यादव ‘नीलेश’ बिलासपुर छत्तीसगढ़
  • करुणा सिंह ‘कल्पना’रांची झारखंड
  • कीरत सिंह यादव ‘कीरत’ लहार भिण्ड मप्र
  • डॉ प्रो खेदू भारती ‘सत्येश’ धमतरी छत्तीसगढ़
  • सारिका शर्मा ‘वृंदा’ ओमान
  • उमा शर्मा ‘अर्तिका’ नोएडा
  • विभा प्रकाश लखनऊ उप्र
  • डॉ ललित कुमार सिंह ‘ललित’अलीगढ़ उप्र
  • रश्मि पाण्डेय ‘शुभि’ जबलपुर
  • रामगोपाल निर्मलकर ‘नवीन’ सिवनी मप्र
  • डॉ निर्मला डोंगरे ‘पूर्णिका’ वृंदावन
  • शिव अलग नैनपुर जबलपुर
  • गायत्री ठाकुर ‘सक्षम’ नरसिंहपुर मप्र
  • विनोद कश्यप शर्मा चण्डीगढ़ जी

 उपरोक्त सभी पूर्णिकाकारों को पूर्णिका में किए गए सतत् सार्थक और उत्कृष्ट प्रयासों के हेतु पूर्णिकाचार्य अलंकरण से सम्मानित किया गया।

पूर्णिका जनक साहित्याचार्य एडवोकेट डॉ सलपनाथ यादव ‘प्रेम’ जी ने सभी पूर्णिका के चाहने वालों सराहने वालों की उपस्थिति का आभार अनुरोध सादर निवेदन किया।

पूर्णिका उत्सव तृतीय की खासियत यह रही कि हिन्दी प्रचारिणी सभा (पंजीकृत), अलीगढ़ उप्र ने साहित्य की नव्यतम विधा पूर्णिका के जनक साहित्याचार्य एडवोकेट डॉ सलपनाथ यादव ‘प्रेम’ जी को ₹ २१,०००/- इक्कीस हजार रूपए की राशि मान पत्र शाल श्रीफल देकर सम्मानित किया जो सभी पूर्णिका कारों के लिए अति अति गर्व गौरवान्वित होने का साक्षी बना इस हेतु अंतर राष्ट्रीय पूर्णिका मंच,आभा साहित्य संघ जबलपुर मप्र सादर आभार कृतज्ञता ज्ञापित करती है..जय पूर्णिका! जय हिन्द! हिन्दी की पूर्णिका, जय जय पूर्णिका!

साभार – संस्थापक/ संयोजक पूर्णिका जनक साहित्याचार्य एडवोकेट डॉ सलपनाथ यादव ‘प्रेम’

प्रदेश अध्यक्ष ➖ रजनी कटारे ‘हेम’, प्रदेश उपाध्यक्ष ➖ डॉ चंदा देवी स्वर्णकार, प्रदेश सहसचिव ➖ आशा झा सखि, संभागीय अध्यक्ष ➖ डॉ निर्मला डोंगरे ‘पूर्णिका’, नगर अध्यक्ष ➖ कविता राय ‘कृति’, नगर महासचिव ➖ ‘कदम’ जबलपुरी, नगर उपाध्यक्ष ➖ रश्मि पाण्डेय ‘शुभि’, कविता नेमा ‘काव्या’ सिवनी मप्र, संरक्षक ➖ एडवोकेट जी आर देशमुख सहित नगर प्रदेश देश की सभी साहित्यिक ईकाई व्हाट्सएप समूह

≈ श्री हेमन्त बावनकर/सम्पादक (हिन्दी) – श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ‘विनम्र’ ≈

Please share your Post !

Shares